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Mathura News: पांच साल पहले गिरफ्तार हत्यारोपी की जमानत अर्जी खारिज
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मथुरा। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने साल 2020 में छाता कोतवाली क्षेत्र में मारपीट, लूट एवं हत्या करने के आरोपी की जमानत याचिका को खारिज कर दिया। हत्यारोपी 23 जुलाई 2020 से जिला कारागार में बंद है।
एसपी क्राइम अवनीश कुमार ने बताया कि भरतपुर के रूपवास स्थित गांव खानुआ निवासी वीरेंद्र सिंह ने 9 मार्च को छाता कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट में उसने कहा कि वह अपने भाई केशव और हाथरस के गांव मांगऊ निवासी राजकुमार के साथ कोसी से मथुरा जाने के लिए वाहन का इंतजार कर रहे थे। तभी एक सफेद रंग की कार आकर रुकी। जिसमें वह तीनों सवार हो गए।
कुछ दूरी पर जाते ही कार में पहले से सवार चार लोगों ने उनके ऊपर हमला कर दिया। उनसे 15 हजार रुपये और मोबाइल लूट लिए। कार सवारों ने केशव को चलती गाड़ी से फेंक दिया और आगे चलकर उन्हें उतार दिया। उन्होंने पुलिस को सूचना दी तो पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने तीनों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। यहां उपचार के दौरान केशव की मौत हो गई।
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पुलिस विवेचना में हरियाणा के हिसार निवासी सौरभ उर्फ मोनू, संजय, दीपक और मोनू के नाम प्रकाश में आए। पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। यहां से सभी को जेल भेज दिया गया। सौरभ उर्फ मोनू तभी से जेल में बंद है, जबकि अन्य आरोपियों की हाईकोर्ट से जमानत हो चुकी है। आरोपी ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश के यहां जमानत अर्जी दाखिल की। कोर्ट ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलील, साक्ष्य और गवाहों के आधार पर उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी।
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एसपी क्राइम अवनीश कुमार ने बताया कि भरतपुर के रूपवास स्थित गांव खानुआ निवासी वीरेंद्र सिंह ने 9 मार्च को छाता कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट में उसने कहा कि वह अपने भाई केशव और हाथरस के गांव मांगऊ निवासी राजकुमार के साथ कोसी से मथुरा जाने के लिए वाहन का इंतजार कर रहे थे। तभी एक सफेद रंग की कार आकर रुकी। जिसमें वह तीनों सवार हो गए।
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कुछ दूरी पर जाते ही कार में पहले से सवार चार लोगों ने उनके ऊपर हमला कर दिया। उनसे 15 हजार रुपये और मोबाइल लूट लिए। कार सवारों ने केशव को चलती गाड़ी से फेंक दिया और आगे चलकर उन्हें उतार दिया। उन्होंने पुलिस को सूचना दी तो पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने तीनों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। यहां उपचार के दौरान केशव की मौत हो गई।
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पुलिस विवेचना में हरियाणा के हिसार निवासी सौरभ उर्फ मोनू, संजय, दीपक और मोनू के नाम प्रकाश में आए। पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। यहां से सभी को जेल भेज दिया गया। सौरभ उर्फ मोनू तभी से जेल में बंद है, जबकि अन्य आरोपियों की हाईकोर्ट से जमानत हो चुकी है। आरोपी ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश के यहां जमानत अर्जी दाखिल की। कोर्ट ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलील, साक्ष्य और गवाहों के आधार पर उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी।