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सीवर की राइजिंग लाइन क्षतिग्रस्त, यमुना में समा रहे नाले
अमर उजाला वृंदावन
Updated Mon, 18 Apr 2016 11:15 PM IST
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यमुना में समा रहे नाले
- फोटो : अमर उजाला वृंदावन
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नगर के ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त करने के लिए 90 के दशक में डाली गई भूमिगत सीवर की राइजिंग लाइन एक बार फिर से क्षतिग्रस्त हो गई है।
इस कारण गंदा पानी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तक नहीं पहुंच रहा और यमुना किनारे के नाले ओवरफ्लो होकर यमुना में ही गिर रहे हैं। पालिका प्रशासन ने सोमवार को राइजिंग लाइन को दुरुस्त करने का कार्य शुरू कर दिया।
पिछले दिनों सीवर की राइजिंग लाइन मथुरा मार्ग स्थित कैलाश नगर कालोनी के समीप क्षतिग्रस्त होने के कारण शहर का गंदा पानी मुखर्जी पार्क मुख्य पंपिंग स्टेशन से पागल बाबा पंपिग स्टेशन तक नहीं पहुंच रहा है।
तीन दिन से यमुना किनारे के बिहारघाट और चीरघाट के नाले उफन कर यमुना में गिर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि शाम ढलते ही नालों से बड़ी मात्रा में यमुना में गंदा पानी पहुंचता है।
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नगर पालिका के निर्माण विभाग के जेई सुरेश लवानिया ने बताया कि राइजिंग लाइन दुरुस्त करने का कार्य शुरू कर दिया गया है। इस दो दशक पुरानी सीवर की राइजिंग लाइन को बदलने के लिए जल निगम को प्रस्ताव भेजा गया है।
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इस कारण गंदा पानी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तक नहीं पहुंच रहा और यमुना किनारे के नाले ओवरफ्लो होकर यमुना में ही गिर रहे हैं। पालिका प्रशासन ने सोमवार को राइजिंग लाइन को दुरुस्त करने का कार्य शुरू कर दिया।
पिछले दिनों सीवर की राइजिंग लाइन मथुरा मार्ग स्थित कैलाश नगर कालोनी के समीप क्षतिग्रस्त होने के कारण शहर का गंदा पानी मुखर्जी पार्क मुख्य पंपिंग स्टेशन से पागल बाबा पंपिग स्टेशन तक नहीं पहुंच रहा है।
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तीन दिन से यमुना किनारे के बिहारघाट और चीरघाट के नाले उफन कर यमुना में गिर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि शाम ढलते ही नालों से बड़ी मात्रा में यमुना में गंदा पानी पहुंचता है।
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नगर पालिका के निर्माण विभाग के जेई सुरेश लवानिया ने बताया कि राइजिंग लाइन दुरुस्त करने का कार्य शुरू कर दिया गया है। इस दो दशक पुरानी सीवर की राइजिंग लाइन को बदलने के लिए जल निगम को प्रस्ताव भेजा गया है।