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एआरटीओ दफ्तर : अफसरों में घमासान, दलालों की मौज
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सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय और कार्यालय के आसपास बैठे एजेंट।
- फोटो : MATHURA
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मथुरा। आतंकी अजमल कसाब का फर्जी लाइसेंस बना चुके मथुरा का एआरटीओ दफ्तर में अफसरों का झगड़ा चर्चा में है। बताया जाता है कि मलाईदार सीट का काम अफसरों के झगड़े की वजह बना है। उधर, दफ्तर के आसपास दलाल हावी हैं, जो तय रकम में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने से लेकर सभी कामों का ठेका ले रहे हैं।
हालांकि एआरटीओ ने दफ्तर में किसी भी विवाद से इनकार किया। दलालों के संबंध में उच्च अधिकारियों तक लिखित शिकायत पहुंचाने की बात भी कह रही हैं।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) का दफ्तर इन दिनों अफसरों के घमासान को लेकर चर्चा में है। बताया जाता है कि मलाईदार सीट पर एक अधिकारी काफी समय से आसीन हैं।
वहीं, दूसरे अधिकारी उस काम को अपना अधिकार बताते हुए लेना चाहते हैं। यह काम दोनों अफसरों के विवाद की जड़ बना हुआ है। करीब एक महीने में पांच बार दोनों अफसरों में सार्वजनिक नोकझोंक भी हो चुकी है।
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विवाद का सबसे ज्यादा असर ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने तथा नवीनीकरण कराने को लेकर दफ्तर पहुंच रहे लोगों पर पड़ रहा है। काम कराने के लिए लोगों को कई चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
उधर, एआरटीओ दफ्तर में दलाल भी हावी हैं।
हालांकि दफ्तर के गेट पर दलालों से सावधान रहने के निर्देश लिखे हैं, लेकिन दफ्तर के आसपास सजी दलालों की दुकानों पर कोई अंकुश नहीं लग रहा है। दलालों के हावी रहने का कारण है कि पिछले दिनों एक मृतक का ड्राइविंग लाइसेंस दफ्तर से बन चुका है। यह मामला काफी चर्चा में रहा था।
दफ्तर में किसी अधिकारी में कोई विवाद नहीं है। काम ठीक प्रकार से चल रहा है, जहां तक दफ्तर के आसपास दलालों के बैठने का सवाल है, उच्च अधिकारियों से इस संबंध में शिकायत की जा चुकी है। पूर्व में भी दलालों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है।
-बबिता वर्मा, एआरटीओ
एआरटीओ दफ्तर में ठीक प्रकार से काम चल रहा है। किसी प्रकार का कोई विवाद नहीं है। पूरी जांच-पड़ताल और नियमों के अनुसार ही लाइसेंस बनाए जा रहे हैं।
- नीतू शर्मा, आरआई
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हालांकि एआरटीओ ने दफ्तर में किसी भी विवाद से इनकार किया। दलालों के संबंध में उच्च अधिकारियों तक लिखित शिकायत पहुंचाने की बात भी कह रही हैं।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) का दफ्तर इन दिनों अफसरों के घमासान को लेकर चर्चा में है। बताया जाता है कि मलाईदार सीट पर एक अधिकारी काफी समय से आसीन हैं।
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वहीं, दूसरे अधिकारी उस काम को अपना अधिकार बताते हुए लेना चाहते हैं। यह काम दोनों अफसरों के विवाद की जड़ बना हुआ है। करीब एक महीने में पांच बार दोनों अफसरों में सार्वजनिक नोकझोंक भी हो चुकी है।
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विवाद का सबसे ज्यादा असर ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने तथा नवीनीकरण कराने को लेकर दफ्तर पहुंच रहे लोगों पर पड़ रहा है। काम कराने के लिए लोगों को कई चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
उधर, एआरटीओ दफ्तर में दलाल भी हावी हैं।
हालांकि दफ्तर के गेट पर दलालों से सावधान रहने के निर्देश लिखे हैं, लेकिन दफ्तर के आसपास सजी दलालों की दुकानों पर कोई अंकुश नहीं लग रहा है। दलालों के हावी रहने का कारण है कि पिछले दिनों एक मृतक का ड्राइविंग लाइसेंस दफ्तर से बन चुका है। यह मामला काफी चर्चा में रहा था।
दफ्तर में किसी अधिकारी में कोई विवाद नहीं है। काम ठीक प्रकार से चल रहा है, जहां तक दफ्तर के आसपास दलालों के बैठने का सवाल है, उच्च अधिकारियों से इस संबंध में शिकायत की जा चुकी है। पूर्व में भी दलालों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है।
-बबिता वर्मा, एआरटीओ
एआरटीओ दफ्तर में ठीक प्रकार से काम चल रहा है। किसी प्रकार का कोई विवाद नहीं है। पूरी जांच-पड़ताल और नियमों के अनुसार ही लाइसेंस बनाए जा रहे हैं।
- नीतू शर्मा, आरआई