{"_id":"68c479bbee395ebc3806c832","slug":"arbitrariness-blood-tests-are-not-done-after-12-pm-in-the-womens-district-hospital-mathura-news-c-369-1-mt11002-135834-2025-09-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"मनमानी : महिला जिला अस्पताल में 12 बजे के बाद नहीं होती खून की जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मनमानी : महिला जिला अस्पताल में 12 बजे के बाद नहीं होती खून की जांच
विज्ञापन
महिला जिला अस्पताल की पैथलॉजी में खून की जाँच कराने के लिए लगी मरीजों की भीड़। संवाद
मथुरा। महिला जिला अस्पताल में अव्यवस्था का आलम यह है कि जहां अस्पताल तो दोपहर 2 बजे तक खुला रहता है, लेकिन खून की जांच के लिए सैंपल लेना दोपहर 12 बजे ही बंद कर दिया जाता है। लैब स्टाफ की इस मनमानी से गर्भवती महिलाएं और बच्चों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ता है।
महिला जिला अस्पताल सुबह आठ बजे खुलता है और दोपहर 2 बजे तक ओपीडी चलती है। यहां इलाज के लिए गर्भवती महिलाओं और बच्चों की संख्या सर्वाधिक रहती है। इलाज के लिए चिकित्सक खून समेत अन्य जांच लिखते हैं, लेकिन मरीज जब जांच के लिए लैब जाता है तो यहां 12 बजे के बाद सैंपल नहीं लिए जाते हैं। इस कारण कई मरीजों को बिना सैंपल दिए ही वापस लौटना पड़ता है। मरीजों को को मात्र सैंपल देने के लिए अगले दिन सुबह जल्दी आना पड़ता है।
इसको लेकर मरीज के तीमारदारों और स्टाफ के बीच कई बार नोकझोंक भी हो चुकी है। बावजूद इसके स्टॉफ अपनी मनमानी से बाज नहीं आता। कई तीमारदारों ने इसकी शिकायत महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अनिल कुमार पुर्वानी से भी की, लेकिन उन्होंने भी इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। मरीजों की लगातार शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों के ध्यान न देने और ठोस कदम न उठाने से अस्पताल की सेवाओं पर भी प्रश्नचिन्ह लग रहा है।
विज्ञापन
गर्भवती महिलाएं सबसे ज्यादा प्रभावित
खासकर उन गर्भवती महिलाओं को परेशानियों का सामना ज्यादा करना पड़ता है जो दूर-दराज से आती हैं। निर्धारित समय के अनुसार वे 2 बजे तक अस्पताल पहुंच जाती हैं और चिकित्सक को दिखा भी लेती हैं, लेकिन लैब में सैंपल न लेने पर उन्हें दूसरे दिन फिर आना पड़ता है। इसके कारण उनके इलाज में भी देरी हो जाती है। यह हाल नवजात बच्चों के इलाज में भी है।
-- -
गोवर्धन से अस्पताल आने में देरी हो गई। डॉक्टर को दिखाया तो उन्होंने जांच लिख दी। लैब पहुंचते-पहुंचते 12 बज गए। यहां पता चला कि दोपहर 12 बजे के बाद सैंपल नहीं लिए जाते।
– राधा देवी, गोवर्धन
-- -
गर्भवती पत्नी की रूटीन जांच के लिए अस्पताल आए, यहां चिकित्सक ने जांच लिख दी। सुबह 10 बजे से बैठे-बैठे 12 बज गए, लेकिन अभी तक सैंपल देने का नंबर नहीं आया।
प्रकाश, कुसुम वाटिका
-- -
7 माह की गर्भवती पत्नी की जांच के लिए लैब के बाहर तीन घंटे से बैठे हैं, लेकिन अभी तक नंबर नहीं आया है। यदि 12 बजे से पहले नंबर नहीं आया तो जांच के लिए कल फिर आना पड़ेगा।
दीपक, महाविद्या कॉलोनी
-- -
लैब कर्मचारियों को अस्पताल बंद होने तक सैंपल लेने के निर्देश दिए हैं। यदि सैंपल दोपहर 12 बजे तक लिए जा रहे हैं तो व्यवस्था को दुरुस्त कराया जाएगा। अभी तक इस प्रकार की किसी ने शिकायत नहीं की है।
अनिल कुमार पुर्वानी, सीएमएस जिला अस्पताल
विज्ञापन
महिला जिला अस्पताल सुबह आठ बजे खुलता है और दोपहर 2 बजे तक ओपीडी चलती है। यहां इलाज के लिए गर्भवती महिलाओं और बच्चों की संख्या सर्वाधिक रहती है। इलाज के लिए चिकित्सक खून समेत अन्य जांच लिखते हैं, लेकिन मरीज जब जांच के लिए लैब जाता है तो यहां 12 बजे के बाद सैंपल नहीं लिए जाते हैं। इस कारण कई मरीजों को बिना सैंपल दिए ही वापस लौटना पड़ता है। मरीजों को को मात्र सैंपल देने के लिए अगले दिन सुबह जल्दी आना पड़ता है।
विज्ञापन
इसको लेकर मरीज के तीमारदारों और स्टाफ के बीच कई बार नोकझोंक भी हो चुकी है। बावजूद इसके स्टॉफ अपनी मनमानी से बाज नहीं आता। कई तीमारदारों ने इसकी शिकायत महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अनिल कुमार पुर्वानी से भी की, लेकिन उन्होंने भी इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। मरीजों की लगातार शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों के ध्यान न देने और ठोस कदम न उठाने से अस्पताल की सेवाओं पर भी प्रश्नचिन्ह लग रहा है।
विज्ञापन
गर्भवती महिलाएं सबसे ज्यादा प्रभावित
खासकर उन गर्भवती महिलाओं को परेशानियों का सामना ज्यादा करना पड़ता है जो दूर-दराज से आती हैं। निर्धारित समय के अनुसार वे 2 बजे तक अस्पताल पहुंच जाती हैं और चिकित्सक को दिखा भी लेती हैं, लेकिन लैब में सैंपल न लेने पर उन्हें दूसरे दिन फिर आना पड़ता है। इसके कारण उनके इलाज में भी देरी हो जाती है। यह हाल नवजात बच्चों के इलाज में भी है।
गोवर्धन से अस्पताल आने में देरी हो गई। डॉक्टर को दिखाया तो उन्होंने जांच लिख दी। लैब पहुंचते-पहुंचते 12 बज गए। यहां पता चला कि दोपहर 12 बजे के बाद सैंपल नहीं लिए जाते।
– राधा देवी, गोवर्धन
गर्भवती पत्नी की रूटीन जांच के लिए अस्पताल आए, यहां चिकित्सक ने जांच लिख दी। सुबह 10 बजे से बैठे-बैठे 12 बज गए, लेकिन अभी तक सैंपल देने का नंबर नहीं आया।
प्रकाश, कुसुम वाटिका
7 माह की गर्भवती पत्नी की जांच के लिए लैब के बाहर तीन घंटे से बैठे हैं, लेकिन अभी तक नंबर नहीं आया है। यदि 12 बजे से पहले नंबर नहीं आया तो जांच के लिए कल फिर आना पड़ेगा।
दीपक, महाविद्या कॉलोनी
लैब कर्मचारियों को अस्पताल बंद होने तक सैंपल लेने के निर्देश दिए हैं। यदि सैंपल दोपहर 12 बजे तक लिए जा रहे हैं तो व्यवस्था को दुरुस्त कराया जाएगा। अभी तक इस प्रकार की किसी ने शिकायत नहीं की है।
अनिल कुमार पुर्वानी, सीएमएस जिला अस्पताल