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Mathura News: अराजक तत्वों का अड्डा है निर्माणाधीन मकान, जहां छिपा था असद
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मथुरा। इसी निर्माणाधीन मकान में छिपा था छैमार गिरोह का सरगना असद उर्फ फाती। संवाद
- फोटो : mathura
मथुरा। डकैत असद उर्फ फाती हाईवे थाना क्षेत्र के जिस निर्माणाधीन मकान में छिपा था, वह मकान अराजक तत्वों का अड्डा है। आसपास के लोग बताते हैं कि वहां दिन भर शराबी जमा रहते हैं। बस्ती से दूर होने के चलते वहां कोई आता जाता भी नहीं है। इसी का फायदा उठाकर असद उर्फ फाती ने यहां शरण ली थी।
कृष्णा धाम कॉलोनी से करीब 500 मीटर दूर एक खेत में कुछ साल पहले प्लॉटिंग की गई थी। इसमें बाबा जय गुरुदेव के एक अनुयायी ने प्लॉट खरीदकर मकान निर्माण शुरू कराया था। आसपास के लोगों ने बताया कि मकान मालिक बेहद बुजुर्ग थे, वह यहीं रहकर मकान बनवा रहे थे लेकिन दो साल पहले उनकी मौत के चलते मकान अधूरा ही रह गया, इसके बाद से कभी कोई वहां नहीं आया। दो कमरों के मकान की दीवारें पूरी थीं, लेकिन न तो छत डल पाई थी और न ही गेट लगे थे।
एक कमरे पर ऊपर तिरपाल डाली गई थी। मकान के आसपास खाली प्लॉट पड़े हैं, जिनमें झाड़ियां खड़ी हैं। यही कारण है कि धीरे-धीरे ये निर्माणाधीन मकान अराजक तत्वों का अड्डा बन गया। निर्माणाधीन मकान के बाहर पड़ी शराब की बोतलें व नमकीन के पैकेट इसकी गवाही दे रहे थे।
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यही कारण रहा कि असद और उसके साथियों ने छिपने के लिए इस निर्माणाधीन मकान को चुना लेकिन उन्हें नहीं पता था कि पुलिस को उनकी भनक लग चुकी है। पुलिस की कार्रवाई के बाद आसपास के लोगों को दुर्दांत अपराधी के बारे में पता चला तो वह सहम गए। लोगों का कहना है कि वे कभी सोच भी नहीं सकते थे कि इतना बड़ा अपराधी उनके घर के पास छिपा हुआ है। पुलिस की कार्रवाई के बाद लोगों में इसकी चर्चा है।
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कृष्णा धाम कॉलोनी से करीब 500 मीटर दूर एक खेत में कुछ साल पहले प्लॉटिंग की गई थी। इसमें बाबा जय गुरुदेव के एक अनुयायी ने प्लॉट खरीदकर मकान निर्माण शुरू कराया था। आसपास के लोगों ने बताया कि मकान मालिक बेहद बुजुर्ग थे, वह यहीं रहकर मकान बनवा रहे थे लेकिन दो साल पहले उनकी मौत के चलते मकान अधूरा ही रह गया, इसके बाद से कभी कोई वहां नहीं आया। दो कमरों के मकान की दीवारें पूरी थीं, लेकिन न तो छत डल पाई थी और न ही गेट लगे थे।
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एक कमरे पर ऊपर तिरपाल डाली गई थी। मकान के आसपास खाली प्लॉट पड़े हैं, जिनमें झाड़ियां खड़ी हैं। यही कारण है कि धीरे-धीरे ये निर्माणाधीन मकान अराजक तत्वों का अड्डा बन गया। निर्माणाधीन मकान के बाहर पड़ी शराब की बोतलें व नमकीन के पैकेट इसकी गवाही दे रहे थे।
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यही कारण रहा कि असद और उसके साथियों ने छिपने के लिए इस निर्माणाधीन मकान को चुना लेकिन उन्हें नहीं पता था कि पुलिस को उनकी भनक लग चुकी है। पुलिस की कार्रवाई के बाद आसपास के लोगों को दुर्दांत अपराधी के बारे में पता चला तो वह सहम गए। लोगों का कहना है कि वे कभी सोच भी नहीं सकते थे कि इतना बड़ा अपराधी उनके घर के पास छिपा हुआ है। पुलिस की कार्रवाई के बाद लोगों में इसकी चर्चा है।