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कैश न मिलने पर लोगों का आया तैश, सड़क जाम
अमर उजाला मथुरा
Updated Wed, 30 Nov 2016 12:36 AM IST
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सड़क जाम
- फोटो : अमर उजाला
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बैंकों में मंगलवार को भी मारामारी रही। औरंगाबाद में ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स में लाइन में लगे लोगों को जैसे ही पता चला कि धनराशि खत्म हो गई है लोग आक्रोशित हो गए। मथुरा-आगरा मार्ग जाम कर दिया। आधे घंटे बाद पुलिस जाम को खुलवा सकी।
बैंकों में धन निकासी के लिए जूझ रहे लोगों के लिए मंगलवार भी मुसीबतों भरा रहा। औरंगाबाद स्थित ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के सामने ग्रामीणों ने जाम लगा दिया। लोगों ने बताया कि वो सुबह से लाइन में लगे थे लेकिन बैंक में कैश खत्म होने के चलते विंडो बंद कर दी गई। इस मामले में प्रबंधक सुंदर कृष्णम ने बताया कि उन्हें केवल 14 लाख की धनराशि मिली थी जिसे बांट दिया गया है। रुपयों की डिमांड भेजी गई है।
इधर बैंकों में कैश की कमी भी बड़ी समस्या रही। कई बैंकों में लोग अपनी जरूरत भर के सामान के लिए भी कैश नहीं निकाल सके। कई लोग घंटों लाइन में लगने के बाद मायूस होकर घर लौट गए। एटीएम मशीनों पर भी लंबी लाइन लगी रही।
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मथुरा को चाहिए 1,200 करोड़
जिले की बैंकों में हाहाकार बेवजह नहीं है। यहां के लोगों ने अब तक बैंकों में 1800 करोड़ रुपये की धनराशि जमा करा दी है। जबकि इसके मुकाबले मात्र 600 करोड़ रुपये का वितरण किया गया है। ऐसे में लोग अपनी धनराशि को जल्द से जल्द निकालने के लिए लाइन में खड़े हैं।
मथुरा में बैंकों की करीब 280 शाखाएं है। लीड बैंक सिंडीकेट की 52 शाखा, भारतीय स्टेट बैंक की 45 और पंजाब नेशनल बैंक की 15 शाखाओं का बड़ा कारोबार है। एक आंकड़े के मुताबिक नोटबंदी के बाद से अब तक इन शाखाओं में 1800 करोड़ की धनराशि जमा कराई जा चुकी है।
जबकि इन बैंकों ने कुल 600 करोड़ की धनराशि बांटी है। जमा राशि और निकासी के आंकड़े का बड़ा अंतर बैंकों में भीड़ के रूप में नजर आ रहा है। ये ही वजह है कि लोग अब भी सुबह होते ही बैंकों के बाहर कतार में लगे नजर आते हैं।
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बैंकों में धन निकासी के लिए जूझ रहे लोगों के लिए मंगलवार भी मुसीबतों भरा रहा। औरंगाबाद स्थित ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के सामने ग्रामीणों ने जाम लगा दिया। लोगों ने बताया कि वो सुबह से लाइन में लगे थे लेकिन बैंक में कैश खत्म होने के चलते विंडो बंद कर दी गई। इस मामले में प्रबंधक सुंदर कृष्णम ने बताया कि उन्हें केवल 14 लाख की धनराशि मिली थी जिसे बांट दिया गया है। रुपयों की डिमांड भेजी गई है।
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इधर बैंकों में कैश की कमी भी बड़ी समस्या रही। कई बैंकों में लोग अपनी जरूरत भर के सामान के लिए भी कैश नहीं निकाल सके। कई लोग घंटों लाइन में लगने के बाद मायूस होकर घर लौट गए। एटीएम मशीनों पर भी लंबी लाइन लगी रही।
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जिले की बैंकों में हाहाकार बेवजह नहीं है। यहां के लोगों ने अब तक बैंकों में 1800 करोड़ रुपये की धनराशि जमा करा दी है। जबकि इसके मुकाबले मात्र 600 करोड़ रुपये का वितरण किया गया है। ऐसे में लोग अपनी धनराशि को जल्द से जल्द निकालने के लिए लाइन में खड़े हैं।
मथुरा में बैंकों की करीब 280 शाखाएं है। लीड बैंक सिंडीकेट की 52 शाखा, भारतीय स्टेट बैंक की 45 और पंजाब नेशनल बैंक की 15 शाखाओं का बड़ा कारोबार है। एक आंकड़े के मुताबिक नोटबंदी के बाद से अब तक इन शाखाओं में 1800 करोड़ की धनराशि जमा कराई जा चुकी है।
जबकि इन बैंकों ने कुल 600 करोड़ की धनराशि बांटी है। जमा राशि और निकासी के आंकड़े का बड़ा अंतर बैंकों में भीड़ के रूप में नजर आ रहा है। ये ही वजह है कि लोग अब भी सुबह होते ही बैंकों के बाहर कतार में लगे नजर आते हैं।