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Mathura News: छाता में 3.96 करोड़ लीटर क्षमता का लगेगा एथेनॉल प्लांट
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मथुरा। छाता शुगर मिल को शुरू करने के फैसले पर कैबिनेट की मुहर लगने के बाद अब किसानों की निगाहें शिलान्यास की घोषणा पर टिक गई हैं। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में सबसे पहले 3.96 करोड़ लीटर क्षमता का एथेनॉल प्लांट लगाने का निर्णय लिया गया। गन्ना विकास मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी ने बताया कि 200 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनने वाला यह एक्सटेंशन प्लांट साल में 11 महीने संचालित होगा। चीनी मिल चालू होने से किसानों को लाभ के साथ हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि 19 साल से बंद पड़ी शुगर मिल के चालू होने से जिले में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि अब चीनी के साथ ही वाहनों के लिए ईंधन और बिजली का भी उत्पादन होगा। शासन ने किसानों की मांग पर पहले भी मिल को चालू कराने के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू की थी, लेकिन कोई आवेदन नहीं आया। इसके चलते निविदा प्रक्रिया को रोकना पड़ा था। आश्वासन के बाद भी मिल चालू न होने पर किसानों ने कुछ दिनों पहले वहां पर धरना देना शुरू कर दिया।
कैबिनेट मंत्री ने करीब एक महीने पहले भी किसानों को भरोसा दिलाया था कि सितंबर माह में चीनी मिल मल्टीयूनिट का रूप ले लेगी। इस यूनिट के स्थापित होने पर पहले चरण में एथनाॅल का उत्पादन होगा। इसके बाद दूसरे चरण में चीनी और तीसरे में बिजली का उत्पादन होगा। प्लांट की वार्षिक उत्पादन क्षमता 3.96 करोड़ लीटर होगी। गन्ना पेराई का सीजन समाप्त होने के बाद मक्का और धान से भी एथेनॉल का उत्पादन होगा। छाता चीनी मिल की नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से करीब 40 मिनट की दूरी को भी परियोजना के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यहां गोदाम और अन्य सुविधाएं विकसित करने की संभावनाएं हैं। परियोजना से क्षेत्र में हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है।
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कैबिनेट मंत्री ने बताया कि 19 साल से बंद पड़ी शुगर मिल के चालू होने से जिले में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि अब चीनी के साथ ही वाहनों के लिए ईंधन और बिजली का भी उत्पादन होगा। शासन ने किसानों की मांग पर पहले भी मिल को चालू कराने के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू की थी, लेकिन कोई आवेदन नहीं आया। इसके चलते निविदा प्रक्रिया को रोकना पड़ा था। आश्वासन के बाद भी मिल चालू न होने पर किसानों ने कुछ दिनों पहले वहां पर धरना देना शुरू कर दिया।
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कैबिनेट मंत्री ने करीब एक महीने पहले भी किसानों को भरोसा दिलाया था कि सितंबर माह में चीनी मिल मल्टीयूनिट का रूप ले लेगी। इस यूनिट के स्थापित होने पर पहले चरण में एथनाॅल का उत्पादन होगा। इसके बाद दूसरे चरण में चीनी और तीसरे में बिजली का उत्पादन होगा। प्लांट की वार्षिक उत्पादन क्षमता 3.96 करोड़ लीटर होगी। गन्ना पेराई का सीजन समाप्त होने के बाद मक्का और धान से भी एथेनॉल का उत्पादन होगा। छाता चीनी मिल की नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से करीब 40 मिनट की दूरी को भी परियोजना के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यहां गोदाम और अन्य सुविधाएं विकसित करने की संभावनाएं हैं। परियोजना से क्षेत्र में हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है।
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