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Mathura News: राम-राम और बैच्छोर के मंदिर का सच उगलेगी अमीन रिपोर्ट

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 01 Apr 2023 12:38 AM IST
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Amin report will reveal the truth of Ram-Ram and Baichhor temple
मथुरा। राम-राम और बैच्छोर के जो विग्रह ओरछा के राजा वीर बुंदेला के मंदिर में विराजमान थे उनकी सच्चाई अमीन रिपोर्ट से सामने आएगी। सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट ने जिस अमीन रिपोर्ट का आदेश किया है उसमें ईदगाह की दीवारों पर मौजूद उन अवशेषों की भी जानकारी मिल सकती है, जिसके बारे में कई पक्षकारोें ने प्रार्थना पत्र दिए हैं।इतिहासकारों के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण के प्रपौत्र बज्रनाभ ने जन्मस्थान पर मंदिर का निर्माण कराया। हूण-कुशांक के हमलों से मंदिर ध्वस्त होने के बाद गुप्त काल में सम्राट विक्रमादित्य ने हिंदुओं के लिए वृहद मंदिर बनवाया था, जिसे महमूद गजनवी ने वर्ष 1017 ईस्वी में क्षतिग्रस्त कर दिया। जाजन उर्फ जज्ज सिंह द्वारा वर्ष 1150 ईस्वी में इस स्थान पर बनवाए गए मंदिर को मुस्लिम आक्रांता सिकंदर लोदी ने 16 वीं सदी में क्षति ग्रस्त कर दिया, जिसे ओरछा के बुंदेला राजा वीर सिंह जूदेव ने 1618 ईस्वी में तैयार कराया। यह मंदिर इतना विशाल था कि आगरा से ही दिखाई देता था। मंदिर के अंदर जो काले संगमरमर के ठाकुर केशवराय के विग्रह मौजूद थे उनके मूल विग्रह को राम-राम और अन्य दो विग्रहों को बैच्छोर के नाम से भी पुकारते थे, जिसका जिक्र फ्रांसीसी यात्री टैवर्नियर ने वर्ष 1650 ईस्वी में मथुरा की यात्रा के दौरान किया है। इसी मंदिर को औरंगजेब ने वर्ष 1669 ईस्वी में तोड़ा। पक्षकारों का दावा है कि इस मंदिर के अवशेषों से ही ईदगाह का निर्माण हुआ है और यह अवशेष आज भी ईदगाह की दीवारों में साफ दिखते हैं।
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पक्षकार एडवोकेट महेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि उन्होंने इस संबंध पुरातात्विक सर्वे की मांग अदालत से की है। यह भी मांग है कि इन अवशेषों की जानकारी ली जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष उन्हें विलुप्त करने का प्रयास कर रहा है। अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष दिनेश शर्मा ने बताया कि उन्होंने अदालत से साफ तौर पर कहा है कि ईदगाह की दीवारों पर मंदिर के अवशेष मौजूद हैं और अमीन निरीक्षण के दौरान उनको भी अंकित किया जाना चाहिए।
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दावे के अनुरूप होगा अमीन निरीक्षण
अमीन निरीक्षण हुआ तो वह दावे के अनुरूप होगा और दावे में हमने बताया है कि ईदगाह की दीवारों पर मंदिर के अवशेष साफ दिखते हैं। यह वह अवशेष हैं जाे कि टूटे हुए मंदिर के हैं और ईदगाह बनाने में इनका प्रयोग किया गया है।
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- राजेन्द्र माहेश्वरी, वरिष्ठ सिविल अधिवक्ता तथा पक्षकार


मालिकाना हक के कागजात श्रीकृष्ण जन्मस्थान ट्रस्ट के पास
जिस जमीन पर ईदगाह मौजूद है उसके मालिकाना हक के कागजात श्री कृष्ण जन्मस्थान ट्रस्ट के पास हैं। दावे के प्रतिवादीगण में से एक श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि जिस जमीन पर ईदगाह मौजूद है उसके मालिकाना हक हमारे पास है। वह राजस्व से लेकर नगर निगम तक के कागजात में भी मौजूद हैं और हमने यह कागजात अदालत के सामने भी रखे हैं। प्रतिवादी ईदगाह के सचिव अधिवक्ता तनवीर अहमद ने बताया कि पक्षकारगण द्वारा जिस 13.37 एकड़ जमीन का दावा किया जा रहा है उस जमीन की वह अदालत में यह जानकारी नहीं दे सके हैं कि वह कौन सी जगह स्थित है और नक्शा भी नहीं दिया।


अमीन रिपोर्ट के आदेश को नजीर बनाएंगे
हम सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वारा दिए गए अमीन रिपोर्ट संबंधी आदेश को अदालत में नजीर बनाएंगे। इसी आधार पर हमारे केस में भी अमीन रिपोर्ट का आदेश होना चाहिए।
- पक्षकार एडवोकेट महेन्द्र प्रताप सिंह
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