{"_id":"57f7b8824f1c1b6a5326f5bb","slug":"amar-ujala-campaign-on-garbage-in-mathura","type":"story","status":"publish","title_hn":"गंदगी रूपी लंका को भी फूंक डालो हनुमान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गंदगी रूपी लंका को भी फूंक डालो हनुमान
अमर उजाला मथुरा
Updated Fri, 07 Oct 2016 11:36 PM IST
विज्ञापन
गंदगी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नवरात्र में भगवान श्रीराम की जयजयकार कर रहे ब्रजवासी भी कहने लगे हैं कि अब कान्हा के धाम में इस गंदगी रूपी लंका को फूंक डालो हनुमान। यहां गली, मुहल्लों में कूडे़ के ढेर हैं। मुख्य सड़कों पर कूड़ा बिखरा पड़ा है। नालियां कचरे से अटी पड़ी हैं।
सुनने में यह शब्द बहुत गौरव का अहसास कराता है कि अब मां वैष्णो के यहां से ज्यादा भक्त दर्शन के लिए ब्रजभूमि आ रहे हैं। लेकिन, यहां की सड़कों पर बिखरी गंदगी देख उनका भी मन विचलित हो जाता है। शहर में शायद ही ऐसा कोई मार्ग होगा, जिसे स्वच्छ कहा जा सके। यहां तक कि शहर की साफ-सफाई का जिम्मा संभाले पालिका के परिसर के आसपास ही स्वच्छता नहीं है। पालिका कार्यालय के आसपास कूडे़ के ढेर कभी भी देेख जा सकते हैं। यहां तो नालियां भी उफनती रहती हैं। इनकी सिल्ट उठाने में कर्मचारियों को कई दिन लग जाते हैं।
शहर का हृदय स्थल होलीगेट को साफ-सुथरा बनाने के लिए डीएम, एडीएम और सिटी मजिस्ट्रेट स्तर से भी प्रयास हुए लेकिन कूड़ा यहां कभी भी बिखरा देखा जा सकता है। पुराने बस स्टैंड के एंट्री प्वाइंट को डलावघर बना दिया गया है। शहर की कालोनियों का और भी बुरा हाल है। भार्गव गली, खटीक गली, मैदान वाली मस्जिद के आसपास गंदगी है। बाहरी कालोनियों में तो नियमित सफाई के लिए कर्मचारी ही नहीं पहुंचते हैं। स्थानीय निवासी कादिर खान कहते हैं कि मोहर्रम के महीने में मुस्लिम बस्तियों में भी स्वच्छता नहीं है।
विज्ञापन
वृंदावन का और भी बुरा हाल
सफाई के मामले में वृंदावन का हाल और भी ज्यादा बुरा है। सांसद हेमामालिनी खुद यहां की स्थिति पर गहरी चिंता जाहिर कर चुकी हैं। पिछले दिनों निकाय प्रभारी ने वृंदावन में सफाई व्यवस्था की बदहाली की रिपोर्ट दी है। इसमें प्रत्येक बिंदु पर सफाई व्यवस्था को फेल करार दिया है।
विज्ञापन
सुनने में यह शब्द बहुत गौरव का अहसास कराता है कि अब मां वैष्णो के यहां से ज्यादा भक्त दर्शन के लिए ब्रजभूमि आ रहे हैं। लेकिन, यहां की सड़कों पर बिखरी गंदगी देख उनका भी मन विचलित हो जाता है। शहर में शायद ही ऐसा कोई मार्ग होगा, जिसे स्वच्छ कहा जा सके। यहां तक कि शहर की साफ-सफाई का जिम्मा संभाले पालिका के परिसर के आसपास ही स्वच्छता नहीं है। पालिका कार्यालय के आसपास कूडे़ के ढेर कभी भी देेख जा सकते हैं। यहां तो नालियां भी उफनती रहती हैं। इनकी सिल्ट उठाने में कर्मचारियों को कई दिन लग जाते हैं।
विज्ञापन
शहर का हृदय स्थल होलीगेट को साफ-सुथरा बनाने के लिए डीएम, एडीएम और सिटी मजिस्ट्रेट स्तर से भी प्रयास हुए लेकिन कूड़ा यहां कभी भी बिखरा देखा जा सकता है। पुराने बस स्टैंड के एंट्री प्वाइंट को डलावघर बना दिया गया है। शहर की कालोनियों का और भी बुरा हाल है। भार्गव गली, खटीक गली, मैदान वाली मस्जिद के आसपास गंदगी है। बाहरी कालोनियों में तो नियमित सफाई के लिए कर्मचारी ही नहीं पहुंचते हैं। स्थानीय निवासी कादिर खान कहते हैं कि मोहर्रम के महीने में मुस्लिम बस्तियों में भी स्वच्छता नहीं है।
विज्ञापन
वृंदावन का और भी बुरा हाल
सफाई के मामले में वृंदावन का हाल और भी ज्यादा बुरा है। सांसद हेमामालिनी खुद यहां की स्थिति पर गहरी चिंता जाहिर कर चुकी हैं। पिछले दिनों निकाय प्रभारी ने वृंदावन में सफाई व्यवस्था की बदहाली की रिपोर्ट दी है। इसमें प्रत्येक बिंदु पर सफाई व्यवस्था को फेल करार दिया है।