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वीआईपी परिवार पर आरोप, कुलियों का नहीं दिया भाड़ा
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मथुरा। जंक्शन रेलवे स्टेशन पर पहुंचे एक वीआईपी परिवार पर आरोप है कि कुलियों से सामान उठवाया लेकिन मेहनताना नहीं दिया। गुस्साए कुलियों ने इसकी शिकायत रेलवे के अधिकारियों से की। मामला बिगड़ने से बचाने के लिए अधिकारियों ने उन्हें मजदूरी दिलाने का आश्वासन दिया है।
दरअसल, राजस्थान के एक वीआईपी परिवार के ४० सदस्य वृंदावन के एक आश्रम में आयोजित हो रहे निजी धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए शनिवार को जनशताब्दी एक्सप्रेस से मथुरा आए। इसके लिए रेलवे अधिकारियोें ने पहले से ही इंतजाम किए थे। परिवार के सदस्यों का सामान स्टेशन से वाहन तक ले जाने के लिए रेलवे के करीब 10-12 कुली भी लगाए गए थे। सुबह करीब दस बजे सभी परिजन ट्रेन से उतरे।
इसके बाद परिजनों के सामान को कुलियों ने उनके संबंधित वाहन तक पहुंचाया। सामान पहुंचाने के बाद जब कुलियों ने उनसे मेहनत के पैसे मांगे तो उन्होेंने देने से मना कर दिया।
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मामला वीआईपी परिवार से जुड़ा होने के कारण क्षुब्ध कुलियों ने रेलवे के अधिकारियों के समक्ष विरोध प्रकट किया और मजदूरी के रुपये दिलाने के लिए गुहार लगाई। इस पर संबंधित अधिकारियों ने उन्हें भरोसा दिया कि भुगतान करा दिया जाएगा। इसके बाद ही कुली अपने काम पर वापस लौटे। रेलवे के डीआरएम के पीआरओ एसके श्रीवास्तव ने बताया कि एक बड़े पद पर मौजूद वीआईपी के परिजन आए थे।
उन्हें 17 नवंबर तक एक धार्मिक आयोजन में शामिल होना है। जंक्शन पर रिसीव करने के लिए रेलवे अधिकारी मौजूद रहे। उधर, कुलियों के नेता मुकद्दम खुर्शीद आलम ने बताया कि हमें रेलवे अधिकारियों ने इन वीआईपी का सामान ढोनेे के लिए लगाया था। उन्होंने हमारी मजदूरी का एक रुपया भी नहीं दिया है।
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दरअसल, राजस्थान के एक वीआईपी परिवार के ४० सदस्य वृंदावन के एक आश्रम में आयोजित हो रहे निजी धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए शनिवार को जनशताब्दी एक्सप्रेस से मथुरा आए। इसके लिए रेलवे अधिकारियोें ने पहले से ही इंतजाम किए थे। परिवार के सदस्यों का सामान स्टेशन से वाहन तक ले जाने के लिए रेलवे के करीब 10-12 कुली भी लगाए गए थे। सुबह करीब दस बजे सभी परिजन ट्रेन से उतरे।
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इसके बाद परिजनों के सामान को कुलियों ने उनके संबंधित वाहन तक पहुंचाया। सामान पहुंचाने के बाद जब कुलियों ने उनसे मेहनत के पैसे मांगे तो उन्होेंने देने से मना कर दिया।
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मामला वीआईपी परिवार से जुड़ा होने के कारण क्षुब्ध कुलियों ने रेलवे के अधिकारियों के समक्ष विरोध प्रकट किया और मजदूरी के रुपये दिलाने के लिए गुहार लगाई। इस पर संबंधित अधिकारियों ने उन्हें भरोसा दिया कि भुगतान करा दिया जाएगा। इसके बाद ही कुली अपने काम पर वापस लौटे। रेलवे के डीआरएम के पीआरओ एसके श्रीवास्तव ने बताया कि एक बड़े पद पर मौजूद वीआईपी के परिजन आए थे।
उन्हें 17 नवंबर तक एक धार्मिक आयोजन में शामिल होना है। जंक्शन पर रिसीव करने के लिए रेलवे अधिकारी मौजूद रहे। उधर, कुलियों के नेता मुकद्दम खुर्शीद आलम ने बताया कि हमें रेलवे अधिकारियों ने इन वीआईपी का सामान ढोनेे के लिए लगाया था। उन्होंने हमारी मजदूरी का एक रुपया भी नहीं दिया है।