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Mathura News: जगद्गुरु धाम प्रेम भवन के हॉल में चल रहा अखंड कीर्तन
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मथुरा। अखंड कीर्तन करते हुए अनुयायी।
- फोटो : mathura
वृंदावन (मथुरा)। जगद्गुरु कृपालु परिषद की चेयरपर्सन डॉक्टर विशाखा त्रिपाठी के सड़क हादसे में निधन के बाद उनकी आत्मा की शांति के लिए जगद्गुरु धाम प्रेम भवन के हॉल में अखंड कीर्तन चल रहा है। साथ ही घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की जा रही है। श्रद्धांजलि देने वाले देश-विदेश के अनुयायियों के साथ-साथ साधु-संत और महंतों का तांता लगा है।
24 नवंबर को यमुना एक्सप्रेस-वे पर नोएडा के दनकौर के पास डॉक्टर विशाखा त्रिपाठी का सड़क हादसे में निधन हो गया था, जबकि उनकी दोनों बहनों समेत सात लोग घायल हो गए थे। सड़क हादसे के बाद से ही अखंड कीर्तन शुरू हो गया जो लगातार जारी है। वहीं 25 नवंबर को विशाखा का पार्थिव शरीर वृंदावन आने के बाद श्रद्धांजलि देने वाले अनुयायियों की भीड़ जुटने लगी है। इसमें देश के विभिन्न प्रांतों और विदेशी अनुयायी शामिल हैं। भक्तों के आंसू थम नहीं रहे हैं, हर किसी की विशाखा दीदी को याद करके आंखें नम हो रही हैं। प्रवक्ता अजय त्रिपाठी ने बताया कि लगातार भक्त अंतिम दर्शन करके श्रद्धांजलि दे रहे हैं। अखंड कीर्तन 28 नवंबर की सुबह 6 बजे खत्म होगा, उसके बाद अंतिम यात्रा शुरू होकर मोक्षधाम जाएगी। यहां अंतिम संस्कार किया जाएगा।
अंतिम यात्रा में जुटेगी 10 हजार भक्तों की भीड़, पुलिस ने किए सुरक्षा के इंतजाम
जगद्गुरु कृपालु परिषद की चेयरपर्सन डॉक्टर विशाखा त्रिपाठी की अंतिम यात्रा में करीब 8 से 10 हजार भक्त उमड़ेंगे। इसके चलते इस भीड़ को नियंत्रण करने के लिए सुरक्षा के चाक चौबंद इंतजाम किए जाने के लिए पुलिस प्रशासन ने भी कमर कस ली है। हालांकि पुलिस को अंतिम यात्रा का रूट मिल गया है, फोर्स की तैनाती के लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। कोतवाल रवि त्यागी ने बताया कि अंतिम यात्रा प्रेम मंदिर से सुबह 6 बजे शुरू होते हुए इस्कॉन मंदिर, विद्यापीठ, बिहारी जी गली होते हुए केसीघाट पर पहुंचेगी। यहां विशाखा त्रिपाठी के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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पिता का भी हुआ था हादसे में निधन
जगद्गुरु कृपालु महाराज का 91 वर्ष की उम्र में प्रतापगढ़ स्थित मनगढ़ मंदिर में बने बाथरूम में गिरने से 13 नवंबर 2013 को निधन हो गया था। इस हादसे के 11 वर्ष बाद 24 नवंबर को उनकी बड़ी बेटी विशाखा त्रिपाठी (78) का सड़क हादसे में निधन हो गया। जिसके बाद चर्चा है कि जिस महीने में पिता का निधन हुआ उसी महीने में बेटी का भी निधन हो गया।
पांच तरह की लकड़ियों का होगा प्रयोग
डॉक्टर विशाखा त्रिपाठी के अंतिम संस्कार में 5 तरह की लकड़ियां प्रयोग की जाएंगी। इसमें पीपल, आम, तुलसी, चंदन और गुलर की लकड़ियां होंगी। इसके अलावा गाय का शुद्ध घी भी मंगाया जा रहा है। रास्ते में शवयात्रा पर पुष्प वर्षा के लिए फूल, मखाने आदि का इंतजाम भी किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि विशाखा त्रिपाठी को मुखाग्नि उनका भतीजा देगा।
विहिप महानगर ने विशाखा त्रिपाठी को दी श्रद्धांजलि
वृंदावन। जगद्गुरु कृपालु परिषद की अध्यक्ष डॉक्टर विशाखा त्रिपाठी के गोलोकगमन पर विश्व हिंदू परिषद मथुरा महानगर ने दुख प्रकट करते हुए शोक श्रद्धांजलि अर्पित की है। महानगर अध्यक्ष कन्हैया अग्रवाल ने इसे धर्म के क्षेत्र में अपूर्णीय क्षति बताते हुए कहा कि परम दयालु साध्वी विशाखा का निधन संपूर्ण ब्रजक्षेत्र की बहुत बड़ी क्षति है, जिसकी पूर्ति करना असंभव है। साथ ही दुर्घटना में घायल दोनों बहनों के शीघ्र स्वस्थ होने की परमपिता परमात्मा से प्रार्थना की गई। श्रद्धांजलि सभा में गोकुलेश गौतम, उमाकांत, नरेंद्र, वत्सल भाटिया, नितिन आदि उपस्थित रहे। संवाद
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24 नवंबर को यमुना एक्सप्रेस-वे पर नोएडा के दनकौर के पास डॉक्टर विशाखा त्रिपाठी का सड़क हादसे में निधन हो गया था, जबकि उनकी दोनों बहनों समेत सात लोग घायल हो गए थे। सड़क हादसे के बाद से ही अखंड कीर्तन शुरू हो गया जो लगातार जारी है। वहीं 25 नवंबर को विशाखा का पार्थिव शरीर वृंदावन आने के बाद श्रद्धांजलि देने वाले अनुयायियों की भीड़ जुटने लगी है। इसमें देश के विभिन्न प्रांतों और विदेशी अनुयायी शामिल हैं। भक्तों के आंसू थम नहीं रहे हैं, हर किसी की विशाखा दीदी को याद करके आंखें नम हो रही हैं। प्रवक्ता अजय त्रिपाठी ने बताया कि लगातार भक्त अंतिम दर्शन करके श्रद्धांजलि दे रहे हैं। अखंड कीर्तन 28 नवंबर की सुबह 6 बजे खत्म होगा, उसके बाद अंतिम यात्रा शुरू होकर मोक्षधाम जाएगी। यहां अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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अंतिम यात्रा में जुटेगी 10 हजार भक्तों की भीड़, पुलिस ने किए सुरक्षा के इंतजाम
जगद्गुरु कृपालु परिषद की चेयरपर्सन डॉक्टर विशाखा त्रिपाठी की अंतिम यात्रा में करीब 8 से 10 हजार भक्त उमड़ेंगे। इसके चलते इस भीड़ को नियंत्रण करने के लिए सुरक्षा के चाक चौबंद इंतजाम किए जाने के लिए पुलिस प्रशासन ने भी कमर कस ली है। हालांकि पुलिस को अंतिम यात्रा का रूट मिल गया है, फोर्स की तैनाती के लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। कोतवाल रवि त्यागी ने बताया कि अंतिम यात्रा प्रेम मंदिर से सुबह 6 बजे शुरू होते हुए इस्कॉन मंदिर, विद्यापीठ, बिहारी जी गली होते हुए केसीघाट पर पहुंचेगी। यहां विशाखा त्रिपाठी के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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पिता का भी हुआ था हादसे में निधन
जगद्गुरु कृपालु महाराज का 91 वर्ष की उम्र में प्रतापगढ़ स्थित मनगढ़ मंदिर में बने बाथरूम में गिरने से 13 नवंबर 2013 को निधन हो गया था। इस हादसे के 11 वर्ष बाद 24 नवंबर को उनकी बड़ी बेटी विशाखा त्रिपाठी (78) का सड़क हादसे में निधन हो गया। जिसके बाद चर्चा है कि जिस महीने में पिता का निधन हुआ उसी महीने में बेटी का भी निधन हो गया।
पांच तरह की लकड़ियों का होगा प्रयोग
डॉक्टर विशाखा त्रिपाठी के अंतिम संस्कार में 5 तरह की लकड़ियां प्रयोग की जाएंगी। इसमें पीपल, आम, तुलसी, चंदन और गुलर की लकड़ियां होंगी। इसके अलावा गाय का शुद्ध घी भी मंगाया जा रहा है। रास्ते में शवयात्रा पर पुष्प वर्षा के लिए फूल, मखाने आदि का इंतजाम भी किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि विशाखा त्रिपाठी को मुखाग्नि उनका भतीजा देगा।
विहिप महानगर ने विशाखा त्रिपाठी को दी श्रद्धांजलि
वृंदावन। जगद्गुरु कृपालु परिषद की अध्यक्ष डॉक्टर विशाखा त्रिपाठी के गोलोकगमन पर विश्व हिंदू परिषद मथुरा महानगर ने दुख प्रकट करते हुए शोक श्रद्धांजलि अर्पित की है। महानगर अध्यक्ष कन्हैया अग्रवाल ने इसे धर्म के क्षेत्र में अपूर्णीय क्षति बताते हुए कहा कि परम दयालु साध्वी विशाखा का निधन संपूर्ण ब्रजक्षेत्र की बहुत बड़ी क्षति है, जिसकी पूर्ति करना असंभव है। साथ ही दुर्घटना में घायल दोनों बहनों के शीघ्र स्वस्थ होने की परमपिता परमात्मा से प्रार्थना की गई। श्रद्धांजलि सभा में गोकुलेश गौतम, उमाकांत, नरेंद्र, वत्सल भाटिया, नितिन आदि उपस्थित रहे। संवाद