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‘जहरीली’ हुई मथुरा की हवा, आंखों में जलन-घुटन
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Mon, 07 Nov 2016 12:07 AM IST
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वातारण में प्रदूषण
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दिल्ली ही नहीं मथुरा में भी हवा के जहरीली हो रही है। रविवार को जिले में दिनभर धुंध छाई रही। इतनी कि हाईवे पर वाहन चालकों को परेशानी हुई। सुबह ये समस्या अधिक रही। दोपहर बाद बमुश्किल यातायात सामान्य हो सका। वहीं लोगों ने आंखों में जलन, सांस लेने में दिक्कत महसूस की और हास्पिटल पहुंचे।
दीपावली पर पटाखों के चलने से होने वाली धुंध सात दिन बाद भी आसमान पर छाई है। दिल्ली में सरकार हलाकान है और आम आदमी परेशान। लेकिन मथुरा के हालात भी ठीक नहीं है। रविवार को सुबह से ही आसमान पर धुंध रही। मुख्य सड़कों पर इससे वाहन चालकों को काफी परेशानी हुई। वाहनों चालकों ने धुंध के चलते घुटन महसूस होने की शिकायत की।
वरिष्ठ चिकित्सक डा. सत्यमित्र ने बताया कि दीपावली के बाद भी मौसम में छाई धुंध सांस के रोगियों को परेशान कर रही है। उनके यहां आने वाले रोगियों में बीस फीसदी रोगियों को सांस की दवाएं लिखनी पड़ रही हैं।
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डा. एसबी अग्रवाल ने बताया कि बीते कुछ दिनों से मौसम में जो धुंध है वो सांस के रोगियों की मुसीबत बढ़ा रही है। ओपीडी में आ रहे मरीज आंखों में जलन, सांस लेने में तकलीफ की शिकायत कर रहे है।
बच्चे कर रहे मम्मी-पापा से शिकायत
बीते कुछ दिनों से वातावरण में छाई धुंध से सबसे अधिक परेशानी वृद्ध और बच्चों को बताई जा रही है। बताया गया कि बच्चे बाहर से लौटने के बाद आंखों में जलन और घुटन की शिकायत कर रहे हैं। वृद्ध लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है। अस्थमा के रोगियों की दिक्कत और बढ़ गई है।
धर्मनगरी पर तनी कोहरेनुमा प्रदूषण की चादर
दिल्ली एनसीआर को अपनी गिरफ्त में ले चुकी कोहरेनुमा प्रदूषण की चादर ने दो दिन से नगर और आसपास के इलाके को अपनी चपेट में ले लिया है। हालात कुछ ऐसे हो गए हैं कि लोगों की आंखों में जलन और सांस लेने में हल्की परेशानी हो रही है। यह चर्चा का विषय है कि आखिर खतरनाक प्रदूषण की यह मार यहां कब तक प्रभावित करेगी।
रविवार सुबह से ही वृंदावन और आसमान क्षेत्र में कोहरा जैसा छाया रहा, इसके कारण लोगों को आंखाें में जलन और गंध का अहसास हुआ। देर शाम तक धुंध अधिक हो गई और कुछ लोगाें को सांस लेने में तकलीफ का अहसास भी हुआ। प्रशासनिक स्तर पर प्रदूषण के मानकों को मापने की कोई व्यवस्था न होने के कारण ऐसा क्यों और कैसे हुआ यह लोग अपने स्तर से ही अनुमान लगाते दिखे। लोगों का कहना है कि शनिवार और रविवार को वृंदावन आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों की अधिकता के कारण भी यह समस्या हो सकती है।
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दीपावली पर पटाखों के चलने से होने वाली धुंध सात दिन बाद भी आसमान पर छाई है। दिल्ली में सरकार हलाकान है और आम आदमी परेशान। लेकिन मथुरा के हालात भी ठीक नहीं है। रविवार को सुबह से ही आसमान पर धुंध रही। मुख्य सड़कों पर इससे वाहन चालकों को काफी परेशानी हुई। वाहनों चालकों ने धुंध के चलते घुटन महसूस होने की शिकायत की।
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वरिष्ठ चिकित्सक डा. सत्यमित्र ने बताया कि दीपावली के बाद भी मौसम में छाई धुंध सांस के रोगियों को परेशान कर रही है। उनके यहां आने वाले रोगियों में बीस फीसदी रोगियों को सांस की दवाएं लिखनी पड़ रही हैं।
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डा. एसबी अग्रवाल ने बताया कि बीते कुछ दिनों से मौसम में जो धुंध है वो सांस के रोगियों की मुसीबत बढ़ा रही है। ओपीडी में आ रहे मरीज आंखों में जलन, सांस लेने में तकलीफ की शिकायत कर रहे है।
बच्चे कर रहे मम्मी-पापा से शिकायत
बीते कुछ दिनों से वातावरण में छाई धुंध से सबसे अधिक परेशानी वृद्ध और बच्चों को बताई जा रही है। बताया गया कि बच्चे बाहर से लौटने के बाद आंखों में जलन और घुटन की शिकायत कर रहे हैं। वृद्ध लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है। अस्थमा के रोगियों की दिक्कत और बढ़ गई है।
धर्मनगरी पर तनी कोहरेनुमा प्रदूषण की चादर
दिल्ली एनसीआर को अपनी गिरफ्त में ले चुकी कोहरेनुमा प्रदूषण की चादर ने दो दिन से नगर और आसपास के इलाके को अपनी चपेट में ले लिया है। हालात कुछ ऐसे हो गए हैं कि लोगों की आंखों में जलन और सांस लेने में हल्की परेशानी हो रही है। यह चर्चा का विषय है कि आखिर खतरनाक प्रदूषण की यह मार यहां कब तक प्रभावित करेगी।
रविवार सुबह से ही वृंदावन और आसमान क्षेत्र में कोहरा जैसा छाया रहा, इसके कारण लोगों को आंखाें में जलन और गंध का अहसास हुआ। देर शाम तक धुंध अधिक हो गई और कुछ लोगाें को सांस लेने में तकलीफ का अहसास भी हुआ। प्रशासनिक स्तर पर प्रदूषण के मानकों को मापने की कोई व्यवस्था न होने के कारण ऐसा क्यों और कैसे हुआ यह लोग अपने स्तर से ही अनुमान लगाते दिखे। लोगों का कहना है कि शनिवार और रविवार को वृंदावन आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों की अधिकता के कारण भी यह समस्या हो सकती है।