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प्रश्ाासन ने श्ाुरू की इऱ्ईवीएम बचाने की कवायद
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Tue, 14 Feb 2017 11:54 PM IST
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- फोटो : File Photo
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ईवीएम को चूहों से बचाने के लिए अफसरों की फौज मंगलवार को मैदान में उतर गई। मंडी समिति में जहां स्ट्रांग रूम बनाया गया है वहां का निरीक्षण करके चूहों से निपटने को प्लानिंग की गई। स्ट्रांग रूम के गेट पर ‘चूहे चिपकाऊ पैड’ रख दिए गए हैं।
यहां अगर चूहा पहुंचेगा तो चिपककर मर जाएगा। चूहे मार दवा और पाउडर भी आसपास रखे गए हैं। हर दूसरे दिन दीमक की दवा का भी स्प्रे किया जाएगा।‘स्ट्रांग रूम में ईवीएम को चूहों से खतरा’, अमर उजाला ने 14 फरवरी के अंक में इस शीर्षक से खबर को प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था।
हमने इंगित किया कि किस तरह से चूहे ईवीएम को नुकसान पहुंचा सकते हैं। जिसके बाद आनन-फानन में अधिकारियों की एक टीम बनाकर मंडी समिति भेजी गई। स्ट्रांग रूम के आसपास देखा गया। जहां ईवीएम बॉक्स रखे हुए हैं उनके आसपास चूहे मार दवा और पाउडर भी छिड़कवा दिया गया है।
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गेट पर चूहों को चिपकाने के लिए पैड रखे गए हैं। ये पैड ऐसे हैं कि इनके संपर्क में आते ही चूहा चिपक जाएगा। जिला कृषि रक्षा अधिकारी डा. यतेंद्र सिंह ने बताया कि सभी गेटों पर पैड रखवा दिए गए हैं। दीमक का प्रकोप न हो इसके लिए हर दूसरे दिन यहां दवा का छिड़काव कराया जाएगा। हालांकि जिस वक्त ईवीएम को यहां रखवाया गया था तब भी दवा का स्प्रे किया गया था।
मशीनों की निगरानी के लिए 12 अफसरों की ड्यूटी लगा दी गई है। ये अफसर हर रोज जाकर चेकिंग करेंगे। एडीएम कानून व्यवस्था को प्रभारी बनाया गया है। अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत के साथ 11 जिला स्तर के अफसर तैनात किए गए हैं।
ईवीएम रखवाने से पहले 7 और 8 फरवरी को अधिकारियों की टीम ने मंडी समिति के गोदामों का निरीक्षण किया था। उस वक्त गोदामों में सीलन मिली थी। दीमक भी दीवारों तक चढ़ी हुई थी। लेकिन कुछ दवाओं का स्प्रे करने के बाद ईवीएम को यहां रखवा दिया गया था। जबकि नियमानुसार यहां ईवीएम को नहीं रखवाया जाना चाहिए था।
अगर सीलन वाले हाल का प्रयोग न होता तो शायद दिक्कत न आती। हालांकि अब अधिकारी कह रहे हैं कि दीमक और सीलन दूर करने के बाद ही वोटिंग मशीनों को यहां रखवाया गया था।
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यहां अगर चूहा पहुंचेगा तो चिपककर मर जाएगा। चूहे मार दवा और पाउडर भी आसपास रखे गए हैं। हर दूसरे दिन दीमक की दवा का भी स्प्रे किया जाएगा।‘स्ट्रांग रूम में ईवीएम को चूहों से खतरा’, अमर उजाला ने 14 फरवरी के अंक में इस शीर्षक से खबर को प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था।
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हमने इंगित किया कि किस तरह से चूहे ईवीएम को नुकसान पहुंचा सकते हैं। जिसके बाद आनन-फानन में अधिकारियों की एक टीम बनाकर मंडी समिति भेजी गई। स्ट्रांग रूम के आसपास देखा गया। जहां ईवीएम बॉक्स रखे हुए हैं उनके आसपास चूहे मार दवा और पाउडर भी छिड़कवा दिया गया है।
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गेट पर चूहों को चिपकाने के लिए पैड रखे गए हैं। ये पैड ऐसे हैं कि इनके संपर्क में आते ही चूहा चिपक जाएगा। जिला कृषि रक्षा अधिकारी डा. यतेंद्र सिंह ने बताया कि सभी गेटों पर पैड रखवा दिए गए हैं। दीमक का प्रकोप न हो इसके लिए हर दूसरे दिन यहां दवा का छिड़काव कराया जाएगा। हालांकि जिस वक्त ईवीएम को यहां रखवाया गया था तब भी दवा का स्प्रे किया गया था।
मशीनों की निगरानी के लिए 12 अफसरों की ड्यूटी लगा दी गई है। ये अफसर हर रोज जाकर चेकिंग करेंगे। एडीएम कानून व्यवस्था को प्रभारी बनाया गया है। अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत के साथ 11 जिला स्तर के अफसर तैनात किए गए हैं।
ईवीएम रखवाने से पहले 7 और 8 फरवरी को अधिकारियों की टीम ने मंडी समिति के गोदामों का निरीक्षण किया था। उस वक्त गोदामों में सीलन मिली थी। दीमक भी दीवारों तक चढ़ी हुई थी। लेकिन कुछ दवाओं का स्प्रे करने के बाद ईवीएम को यहां रखवा दिया गया था। जबकि नियमानुसार यहां ईवीएम को नहीं रखवाया जाना चाहिए था।
अगर सीलन वाले हाल का प्रयोग न होता तो शायद दिक्कत न आती। हालांकि अब अधिकारी कह रहे हैं कि दीमक और सीलन दूर करने के बाद ही वोटिंग मशीनों को यहां रखवाया गया था।