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Mathura News: छह साल बाद कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जाएगा 37 सदस्यीय दल
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नवीन गोयल
कोसीकलां। छह साल से बंद कैलाश मानसरोवर यात्रा शुरू होते ही यात्रियों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। कोसीकलां से 37 सदस्यीय दल 15 जुलाई को यात्रा के लिए रवाना होगा। श्रद्धालु नेपाल होकर यात्रा करेंगे। इसके लिए श्रद्धालुओं ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
इससे पहले वर्ष 2019 में कैलाश मानसरोवर यात्रा हुई थी। कोविड महामारी और फिर गलवान घाटी पर भारत-चीन के बीच संघर्ष के चलते यात्रा बंद कर दी गई थी। इस साल शिव भक्तों को मंजूरी मिल गई है। यह चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में मौजूद कैलाश मानसरोवर की यात्रा है। अबकी बार चीन सरकार ने यात्रा पर लगी रोक हटा दी है।
फ्लाई एवरेस्ट होली डे काठमांडू के प्रबंधक कटक तंम्ग ने बताया कि चीनी सरकार ने कैलाश मानसरोवर यात्रा 2025 में भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए खोल दी है। श्रद्धालु अब आसानी से नेपाल होकर यात्रा कर सकेंगे। संवाद
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- यात्रा शुरू होने का इंतजार पिछले 5-6 साल से कर रहे हैं। -रामकिशन फालैनियां यात्री।
-नगर के 37 से अधिक यात्री कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए तैयारियों में जुट गए हैं। -अनिल प्रधान यात्री।
-यात्रा को लेकर उत्साहित हैं। पहली बार यात्रा करने का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। -हुकुमचंद अग्रवाल यात्री
- भगवान शिव के निवास के रूप में महत्वपूर्ण होने के नाते धार्मिक महत्व रखती है। - राजेंद्र रूहेला यात्री
दो बार कर आए हैं यात्रा
कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर दो बार गए सुभाष गोयल ने बताया कि वह दोनों दो बार नेपाल के रास्ते से गए हैं। वहां जाने के लिए चीन की सीमा को पार करना पड़ेगा। सरहद पार करने के बाद पांच दिन की यात्रा करके मानसरोवर पहुंचते हैं। यहां दायचिंग बेस कैंप है। वहां से फिर तीन दिन मानसरोवर की परिक्रमा करने में लगते हैं।
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कोसीकलां। छह साल से बंद कैलाश मानसरोवर यात्रा शुरू होते ही यात्रियों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। कोसीकलां से 37 सदस्यीय दल 15 जुलाई को यात्रा के लिए रवाना होगा। श्रद्धालु नेपाल होकर यात्रा करेंगे। इसके लिए श्रद्धालुओं ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
इससे पहले वर्ष 2019 में कैलाश मानसरोवर यात्रा हुई थी। कोविड महामारी और फिर गलवान घाटी पर भारत-चीन के बीच संघर्ष के चलते यात्रा बंद कर दी गई थी। इस साल शिव भक्तों को मंजूरी मिल गई है। यह चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में मौजूद कैलाश मानसरोवर की यात्रा है। अबकी बार चीन सरकार ने यात्रा पर लगी रोक हटा दी है।
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फ्लाई एवरेस्ट होली डे काठमांडू के प्रबंधक कटक तंम्ग ने बताया कि चीनी सरकार ने कैलाश मानसरोवर यात्रा 2025 में भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए खोल दी है। श्रद्धालु अब आसानी से नेपाल होकर यात्रा कर सकेंगे। संवाद
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- यात्रा शुरू होने का इंतजार पिछले 5-6 साल से कर रहे हैं। -रामकिशन फालैनियां यात्री।
-नगर के 37 से अधिक यात्री कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए तैयारियों में जुट गए हैं। -अनिल प्रधान यात्री।
-यात्रा को लेकर उत्साहित हैं। पहली बार यात्रा करने का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। -हुकुमचंद अग्रवाल यात्री
- भगवान शिव के निवास के रूप में महत्वपूर्ण होने के नाते धार्मिक महत्व रखती है। - राजेंद्र रूहेला यात्री
दो बार कर आए हैं यात्रा
कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर दो बार गए सुभाष गोयल ने बताया कि वह दोनों दो बार नेपाल के रास्ते से गए हैं। वहां जाने के लिए चीन की सीमा को पार करना पड़ेगा। सरहद पार करने के बाद पांच दिन की यात्रा करके मानसरोवर पहुंचते हैं। यहां दायचिंग बेस कैंप है। वहां से फिर तीन दिन मानसरोवर की परिक्रमा करने में लगते हैं।