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सेवायतों को नोटिस, दो कर्मचारी सस्पेंड
ब्यूरो, अमर उजाला वृंदावन
Updated Fri, 03 Jul 2015 12:13 AM IST
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ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में सेवायतों द्वारा मंदिर की परंपरा तोड़ने और कोर्ट के आदेश की अवहेलना मामले में मंदिर की प्रबंध कमेटी ने कार्रवाई कर दी है। शाम को सेवायतों को नोटिस भेजने के बाद कमेटी ने देर रात मंदिर के दो कर्मचारियों को सस्पेंड भी कर दिया। इसके अलावा मंदिर में रात के समय तैनात रहने वाले छह अन्य कर्मचारियों की भूमिका की जांच की जा रही है। तब तक कमेटी ने कर्मचारियों से मंदिर के रजिस्टर पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया है।
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर प्रबंध कमेटी के अध्यक्ष नंदकिशोर उपमन्यु ने गुरुवार शाम को सेवायत आनंद किशोर गोस्वामी और जुगल किशोर गोस्वामी को नोटिस जारी किया। इसमें 30 जून को मंदिर बंद होने के बाद रात में 9:56 बजे मंदिर के द्वार खुलवाकर मंदिर के चौक और तिवारी में मेज-कुर्सी लगवाना और अधिकारियों व यजमानों को प्रसाद ग्रहण कराने की बात पर सेवायतों से सवाल किया है।
साथ ही सिविल जज जूनियर डिवीजन के वर्ष 2004 के आदेश का उल्लंघन, यजमानों की संख्या 75 बताते हुए मंदिर की मर्यादा भंग करने और देर रात तक मंदिर में शोर-शराबा कर ठाकुरजी के आराम में व्यवधान उत्पन्न करने का दोषी भी सेवायतों को माना है। प्रबंध कमेटी के अध्यक्ष ने नोटिस में पूर्व में हुए मंदिर की मर्यादा उल्लंघन के मामले के बाद इस मामले को अत्यंत गंभीर बताया।
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नोटिस में सेवायतों से 24 घंटे के अंदर अपना पक्ष रखने की बात कही गई है। इसके अलावा पूछा है कि प्रसाद ग्रहण करने वाले प्रशासनिक अधिकारियों और यजमानों को प्रतिबंध के विषय में न्यायालय के आदेश से अवगत कराया था या नहीं। मंदिर कमेटी के अध्यक्ष ने 24 घंटे के अंदर अपना पक्ष न रखने पर सेवायतों को वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी दी है। वहीं देर रात मंदिर की ड्यूटी में तैनात रहने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की। कमेटी ने दो कर्मचारी तोताराम और तेहरा सिंह से मंदिर के रजिस्टर पर हस्ताक्षर की मना करते हुए उनके निलंबन की बात कही। वहीं छह अन्य के खिलाफ जांच की जा रही है।
इधर गुरुवार को हुई मंदिर प्रबंध समिति की बैठक में प्रबंध समिति के अधिकांश पदाधिकारियों ले सेवायतों पर जुर्माना लगाने की बात भी कही। उपाध्यक्ष घनश्याम गोस्वामी ने कहा कि मंदिर परिसर में भोजन कराने पर रोक के सिविल जज जूनियर डिवीजन मथुरा के आदेश की जानकारी मंदिर के सभी गोस्वामी और प्रबंधन को है। इसके बाद भी मंदिर परिसर में भोजन कराना परंपरा तोड़ने के साथ न्यायालय के आदेश की अवहेलना है। प्रबंधन मामले में कठोर कदम उठाएगा।
आईबी-एलआईयू ले गई सीसीटीवी फु टेज
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर परिसर में सेवायतों द्वारा प्रदेश के मुख्य सचिव आलोक रंजन और जिले के प्रशासनिक अधिकारियों को भोजन कराने के मामले में खुफिया एजेंसी सक्रिय हो गई हैं। इंटेलीजेंस ब्यूरो (आईबी ) और एलआईयू ने गुरुवार को मंदिर में परंपरा टूटने और कोर्ट के आदेश की अवहेलना से संबंधित तथ्य जुटाए। सेवायत, मंदिर कर्मचारी और प्रबंधन से भी पूछताछ की गई।
पूरा मामला हाईप्रोफाइल हो जाने के चलते गुरुवार को सुबह ही आईबी और एलआईयू के अधिकारियों ने बांकेबिहारी मंदिर में डेरा डाल लिया था। बताया गया है कि आईबी और एलआईयू के अधिकारी अपने साथ सीसीटीवी फुटेज भी ले गए हैं। सूत्रों के अनुसार खुफिया एजेंसी यह जानने का प्रयास कर रही हैं कि जिले के किस प्रशासनिक अधिकारी के कहने पर मंदिर के सेवायत ने मंदिर परिसर में भोजन का प्रबंधन किया था।
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ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर प्रबंध कमेटी के अध्यक्ष नंदकिशोर उपमन्यु ने गुरुवार शाम को सेवायत आनंद किशोर गोस्वामी और जुगल किशोर गोस्वामी को नोटिस जारी किया। इसमें 30 जून को मंदिर बंद होने के बाद रात में 9:56 बजे मंदिर के द्वार खुलवाकर मंदिर के चौक और तिवारी में मेज-कुर्सी लगवाना और अधिकारियों व यजमानों को प्रसाद ग्रहण कराने की बात पर सेवायतों से सवाल किया है।
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साथ ही सिविल जज जूनियर डिवीजन के वर्ष 2004 के आदेश का उल्लंघन, यजमानों की संख्या 75 बताते हुए मंदिर की मर्यादा भंग करने और देर रात तक मंदिर में शोर-शराबा कर ठाकुरजी के आराम में व्यवधान उत्पन्न करने का दोषी भी सेवायतों को माना है। प्रबंध कमेटी के अध्यक्ष ने नोटिस में पूर्व में हुए मंदिर की मर्यादा उल्लंघन के मामले के बाद इस मामले को अत्यंत गंभीर बताया।
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नोटिस में सेवायतों से 24 घंटे के अंदर अपना पक्ष रखने की बात कही गई है। इसके अलावा पूछा है कि प्रसाद ग्रहण करने वाले प्रशासनिक अधिकारियों और यजमानों को प्रतिबंध के विषय में न्यायालय के आदेश से अवगत कराया था या नहीं। मंदिर कमेटी के अध्यक्ष ने 24 घंटे के अंदर अपना पक्ष न रखने पर सेवायतों को वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी दी है। वहीं देर रात मंदिर की ड्यूटी में तैनात रहने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की। कमेटी ने दो कर्मचारी तोताराम और तेहरा सिंह से मंदिर के रजिस्टर पर हस्ताक्षर की मना करते हुए उनके निलंबन की बात कही। वहीं छह अन्य के खिलाफ जांच की जा रही है।
इधर गुरुवार को हुई मंदिर प्रबंध समिति की बैठक में प्रबंध समिति के अधिकांश पदाधिकारियों ले सेवायतों पर जुर्माना लगाने की बात भी कही। उपाध्यक्ष घनश्याम गोस्वामी ने कहा कि मंदिर परिसर में भोजन कराने पर रोक के सिविल जज जूनियर डिवीजन मथुरा के आदेश की जानकारी मंदिर के सभी गोस्वामी और प्रबंधन को है। इसके बाद भी मंदिर परिसर में भोजन कराना परंपरा तोड़ने के साथ न्यायालय के आदेश की अवहेलना है। प्रबंधन मामले में कठोर कदम उठाएगा।
आईबी-एलआईयू ले गई सीसीटीवी फु टेज
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर परिसर में सेवायतों द्वारा प्रदेश के मुख्य सचिव आलोक रंजन और जिले के प्रशासनिक अधिकारियों को भोजन कराने के मामले में खुफिया एजेंसी सक्रिय हो गई हैं। इंटेलीजेंस ब्यूरो (आईबी ) और एलआईयू ने गुरुवार को मंदिर में परंपरा टूटने और कोर्ट के आदेश की अवहेलना से संबंधित तथ्य जुटाए। सेवायत, मंदिर कर्मचारी और प्रबंधन से भी पूछताछ की गई।
पूरा मामला हाईप्रोफाइल हो जाने के चलते गुरुवार को सुबह ही आईबी और एलआईयू के अधिकारियों ने बांकेबिहारी मंदिर में डेरा डाल लिया था। बताया गया है कि आईबी और एलआईयू के अधिकारी अपने साथ सीसीटीवी फुटेज भी ले गए हैं। सूत्रों के अनुसार खुफिया एजेंसी यह जानने का प्रयास कर रही हैं कि जिले के किस प्रशासनिक अधिकारी के कहने पर मंदिर के सेवायत ने मंदिर परिसर में भोजन का प्रबंधन किया था।