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डायट प्राचार्य की शिकायत पर बीएसए में तैनात लिपिक को हटाया
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मथुरा। बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में कार्यरत लिपिक के खिलाफ की गई कार्रवाई से खलबली मची है। मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ. मुकेश अग्रवाल की ओर से मथुरा के डायट प्राचार्य की शिकायत पर कार्यालय के लिपिक बलभद्र शर्मा का संबद्धीकरण रद्द कर दिया है।
संयुक्त शिक्षा निदेशक ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को लिपिक बलभद्र शर्मा को अपने मूल तैनाती वाले राजकीय कन्या हाईस्कूल मथुरा में वापस भेजे जाने का आदेश दिया है। इस आदेश का कड़ाई से पालन करने की बात कही है। लिपिक बलभद्र शर्मा के खिलाफ लंबे समय से विभागीय कार्यों को टालने की शिकायतें मिल रही थीं। लिपिक के कार्य करने के तरीके से बीएसए कार्यालय आने वाले फरियादी परेशान थे और लगातार शिकायतें मिल रहीं थीं।
मथुरा के डायट प्राचार्य की ओर से संयुक्त शिक्षा निदेशक से बलभद्र शर्मा के खिलाफ कार्य में लापरवाही बरतने के कारण अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की संस्तुति की गई थी। बताया जाता है कि लिपिक बलभद्र शर्मा उस महत्वपूर्ण पटल को देख रहे थे, जिस पर डेढ़ वर्ष पहले शिक्षक भर्ती घोटाले का मुख्य आरोपी महेश शर्मा कार्य संभालते थे। ऐसे समय में जब शिक्षक भर्ती घोटाले के अधिकतर आरोपी करीब डेढ़ वर्ष जेल में रहने के बाद जमानत पर बाहर आए हैं उसी समय बीएसए कार्यालय के लिपिक को पटल छोड़ना भी जांच का विषय है।
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कोट
बलभद्र के खिलाफ डायट प्राचार्य से शिकायत की गई थी। उनकी संस्तुति पर मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ. मुकेश अग्रवाल में बलभद्र शर्मा का पटल बदला है।
- चंद्रशेखर, बीएसए
कोट
शिक्षक भर्ती घोटाले के करीब डेढ़ सौ मामलों में गवाह हूं और इससे जुड़े लोग पटल छोड़ने के लिए दबाव बना रहे थे। मैंने ही पटल पर कार्य करने में असमर्थता जताई थी, जिसके चलते संयुक्त शिक्षा निदेशक ने बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से संबद्धीकरण रद्द कर दिया है।
-बलभद्र, लिपिक
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संयुक्त शिक्षा निदेशक ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को लिपिक बलभद्र शर्मा को अपने मूल तैनाती वाले राजकीय कन्या हाईस्कूल मथुरा में वापस भेजे जाने का आदेश दिया है। इस आदेश का कड़ाई से पालन करने की बात कही है। लिपिक बलभद्र शर्मा के खिलाफ लंबे समय से विभागीय कार्यों को टालने की शिकायतें मिल रही थीं। लिपिक के कार्य करने के तरीके से बीएसए कार्यालय आने वाले फरियादी परेशान थे और लगातार शिकायतें मिल रहीं थीं।
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मथुरा के डायट प्राचार्य की ओर से संयुक्त शिक्षा निदेशक से बलभद्र शर्मा के खिलाफ कार्य में लापरवाही बरतने के कारण अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की संस्तुति की गई थी। बताया जाता है कि लिपिक बलभद्र शर्मा उस महत्वपूर्ण पटल को देख रहे थे, जिस पर डेढ़ वर्ष पहले शिक्षक भर्ती घोटाले का मुख्य आरोपी महेश शर्मा कार्य संभालते थे। ऐसे समय में जब शिक्षक भर्ती घोटाले के अधिकतर आरोपी करीब डेढ़ वर्ष जेल में रहने के बाद जमानत पर बाहर आए हैं उसी समय बीएसए कार्यालय के लिपिक को पटल छोड़ना भी जांच का विषय है।
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बलभद्र के खिलाफ डायट प्राचार्य से शिकायत की गई थी। उनकी संस्तुति पर मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ. मुकेश अग्रवाल में बलभद्र शर्मा का पटल बदला है।
- चंद्रशेखर, बीएसए
कोट
शिक्षक भर्ती घोटाले के करीब डेढ़ सौ मामलों में गवाह हूं और इससे जुड़े लोग पटल छोड़ने के लिए दबाव बना रहे थे। मैंने ही पटल पर कार्य करने में असमर्थता जताई थी, जिसके चलते संयुक्त शिक्षा निदेशक ने बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से संबद्धीकरण रद्द कर दिया है।
-बलभद्र, लिपिक