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अफसरों को बचाया, सिपाहियों पर गिराई गाज
पुनीत शर्मा
Updated Wed, 13 Jul 2016 12:14 AM IST
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jawahar bagh
- फोटो : amar ujala
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जवाहर बाग प्रकरण में पुलिस की जांच पर सवाल उठने लगे हैं। कार्रवाई केवल सिपाहियों पर हुई लेकिन एसपी सिटी को छोड़कर भागने वालों में तो कई पुलिस अधिकारी भी शामिल थे। प्रशासनिक अफसर भी मौके पर नहीं दिखे। फायरिंग की अनुमति के लिए भी मजिस्ट्रेट को बुलाना पड़ा था।
जवाहर बाग में दो जून को हुई हिंसा की रिपोर्ट थाना सदर बाजार में थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार ने दर्ज कराई थी। थाने में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार उस दिन एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी के साथ कई पुलिस अधिकारी भी मौजूद थे। सभी सीओ और थानाध्यक्ष उनके साथ थे। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि जब भीड़ ने हमला किया तो यह अधिकारी कहां चले गए थे।
साफ है कि वे भी भागने वालों में ही शामिल थे, लेकिन उन्हें बचा लिया गया है। न्यायिक आयोग के समक्ष भी शिकायत पहुंची थीं कि पुलिस अधिकारी भी एसपी सिटी को छोड़कर भाग गए थे। मुख्यमंत्री से मुकुल द्विवेदी के परिवार वालों ने भी शिकायत की थी। सीएम ने भरोसा भी दिया था कि दोषी किसी भी कीमत पर बचने नहीं पाएंगे। लेकिन सिपाहियों को निलंबित कर कार्रवाई का संदेश दे दिया गया है।
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राज्यपाल की रिपोर्ट के बाद ही क्यों टूटी नींद
दो दिन पहले ही राज्यपाल ने जवाहर बाग हिंसा की रिपोर्ट राष्ट्रपति को भेजी है। रिपोर्ट में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही बताई गई है। कहा है कि अगर अधिकारी पहले एक्शन लेते तो हिंसा नहीं होती। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अभी तक किसी पर कार्रवाई भी नहीं हुई है। इस रिपोर्ट के जाते ही हमराह को सस्पेंड कर दिया गया। सूत्रों का कहना है कि इस संबंध में लखनऊ से इशारा हुआ था। इसके बाद ही कार्रवाई की गई है।
हम कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। आपरेशन जवाहर बाग में शामिल सभी अफसरों पर कार्रवाई हो। आपरेशन को प्लान करने वाले अफसरों पर भी कार्रवाई की जाए। सिपाहियों के नाम पर केवल कार्रवाई का मैसेज दिया गया है।
- प्रफुल द्विवेदी
शहीद एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी के भाई
इन पर गिरी गाज
- मुख्य आरक्षी भूपेंद्र सिंह
- कांस्टेबल कौशलेंद्र सिंह
- कांस्टेबल राय सिंह
- कांस्टेबल लालता प्रसाद
- कांस्टेबल प्रदीप कुमार
ये है एफआईआर
माननीय न्यायालय के आदेश पर दिनांक दो जून को समय करीब पांच बजे मैं थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार मय हमराही पुलिस बल अरुण कुमार सिंह पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी, आरके गौतम सीओ सदर, चक्रपाणि त्रिपाठी सीओ नगर, कुंवर अनुपम सिंह सहायक पुलिस अधीक्षक, सीओ रिफाइनरी, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली, इंद्रेश भदौरिया थानाध्यक्ष गोविंद नगर, संतोष कुमार यादव थानाध्यक्ष फरह, जितेंद्र दीक्षित थानाध्यक्ष बरसाना, सुबोध यादव थानाध्यक्ष हाईवे, शशिपाल सिंह यादव थानाध्यक्ष रिफायनरी हमराही, अजय कुमार अवस्थी एडीएम प्रशासन, रविंद्र कुमार एडीएम फाइनेंस और सिटी मजिस्ट्रेट रामअरज यादव जब जवाहर बाग के मेन गेट पर पहुंचे तो उपद्रवियों ने हमला बोल दिया।
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जवाहर बाग में दो जून को हुई हिंसा की रिपोर्ट थाना सदर बाजार में थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार ने दर्ज कराई थी। थाने में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार उस दिन एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी के साथ कई पुलिस अधिकारी भी मौजूद थे। सभी सीओ और थानाध्यक्ष उनके साथ थे। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि जब भीड़ ने हमला किया तो यह अधिकारी कहां चले गए थे।
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साफ है कि वे भी भागने वालों में ही शामिल थे, लेकिन उन्हें बचा लिया गया है। न्यायिक आयोग के समक्ष भी शिकायत पहुंची थीं कि पुलिस अधिकारी भी एसपी सिटी को छोड़कर भाग गए थे। मुख्यमंत्री से मुकुल द्विवेदी के परिवार वालों ने भी शिकायत की थी। सीएम ने भरोसा भी दिया था कि दोषी किसी भी कीमत पर बचने नहीं पाएंगे। लेकिन सिपाहियों को निलंबित कर कार्रवाई का संदेश दे दिया गया है।
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राज्यपाल की रिपोर्ट के बाद ही क्यों टूटी नींद
दो दिन पहले ही राज्यपाल ने जवाहर बाग हिंसा की रिपोर्ट राष्ट्रपति को भेजी है। रिपोर्ट में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही बताई गई है। कहा है कि अगर अधिकारी पहले एक्शन लेते तो हिंसा नहीं होती। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अभी तक किसी पर कार्रवाई भी नहीं हुई है। इस रिपोर्ट के जाते ही हमराह को सस्पेंड कर दिया गया। सूत्रों का कहना है कि इस संबंध में लखनऊ से इशारा हुआ था। इसके बाद ही कार्रवाई की गई है।
हम कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। आपरेशन जवाहर बाग में शामिल सभी अफसरों पर कार्रवाई हो। आपरेशन को प्लान करने वाले अफसरों पर भी कार्रवाई की जाए। सिपाहियों के नाम पर केवल कार्रवाई का मैसेज दिया गया है।
- प्रफुल द्विवेदी
शहीद एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी के भाई
इन पर गिरी गाज
- मुख्य आरक्षी भूपेंद्र सिंह
- कांस्टेबल कौशलेंद्र सिंह
- कांस्टेबल राय सिंह
- कांस्टेबल लालता प्रसाद
- कांस्टेबल प्रदीप कुमार
ये है एफआईआर
माननीय न्यायालय के आदेश पर दिनांक दो जून को समय करीब पांच बजे मैं थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार मय हमराही पुलिस बल अरुण कुमार सिंह पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी, आरके गौतम सीओ सदर, चक्रपाणि त्रिपाठी सीओ नगर, कुंवर अनुपम सिंह सहायक पुलिस अधीक्षक, सीओ रिफाइनरी, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली, इंद्रेश भदौरिया थानाध्यक्ष गोविंद नगर, संतोष कुमार यादव थानाध्यक्ष फरह, जितेंद्र दीक्षित थानाध्यक्ष बरसाना, सुबोध यादव थानाध्यक्ष हाईवे, शशिपाल सिंह यादव थानाध्यक्ष रिफायनरी हमराही, अजय कुमार अवस्थी एडीएम प्रशासन, रविंद्र कुमार एडीएम फाइनेंस और सिटी मजिस्ट्रेट रामअरज यादव जब जवाहर बाग के मेन गेट पर पहुंचे तो उपद्रवियों ने हमला बोल दिया।