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जवाहर बाग खाली करने का नोटिस इनके नाम
अमर उजाला मथुरा
Updated Thu, 14 Apr 2016 11:42 PM IST
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नोटिस
- फोटो : demo pic
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1. रामवृक्ष यादव पुत्र भोला यादव निवासी रामपुर बांगसुर जिला गाजीपुर
2. आरएन सिंह निवासी नेगुरा जिला सीधो
3. चन्दन बोस निवासी पश्चिम बंगाल
4. हरनाथ सिंह पुत्र गंगा सागर निवासी दुसावरी, पट्टी तिरवा कन्नौज
5. राकेश बाबू गुप्ता पुत्र हरीराम गुप्ता निवासी सिविल लाइन बदायूं
6. प्रेमचंद्र पुत्र गंगा सागर निवासी पट्टी पवौरा कन्नौज
7. प्रेमचंद सिंह पुत्र दयाशंकर सिंह निवासी दूहरा सीकरी गोरखपुर
8. राजावंत कौर पुत्र निरासमल सिंह निवासी रनगाना थाना झिंझाना मुजफ्फरनगर
9. महीपाल सिंह पुत्र रामप्रसाद निवासी रतन मऊरानीपुर झांसी
10. संजीव कुमार पुत्र हरनाथ सिंह निवासी दुसावरी पट्टी तिरवा कन्नौज
जवाहर बाग प्रकरण अब तक...
सिटी मजिस्ट्रेट की ओर से जारी नोटिस में बताया गया है कि करीब 3000 लोग बीते दो साल से उद्यान विभाग की राजकीय संपत्ति जवाहर बाग में धरना प्रदर्शन के नाम पर अवैध कब्जा किए हैं। इसके कारण राजकीय संपत्ति को लाखों रुपये की क्षति पहुंची है। सत्याग्रहियों के खिलाफ 10 से अधिक मुकदमे पंजीकृत हैं।
मामले में विजय पाल तोमर की याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट बाग को खाली कराने का आदेश दे चुका है। इस पर पहले भी जवाहर बाग को खाली करने के नोटिस दिए गए, लेकिन उन पर अमल नहीं हुआ। इस याचिका पर डीएम मथुरा ने हाईकोर्ट में दो अप्रैल को जवाहर बाग खाली करने का शपथ पत्र दाखिल किया है।
सत्याग्रहियों द्वारा उद्यान विभाग के कर्मचारियों के साथ मारपीट और हिंसा के कारण उद्यान विभाग के कर्मचारियों द्वारा अन्य कर्मचारी संगठनों के साथ धरना दिया गया। इसके बाद सत्याग्रहियों ने सदर तहसील पर हमला कर कर्मचारी और अधिवक्ताओं से मारपीट कर दी। इस कलक्ट्रेट में कर्मचारी धरना दे रहे हैं।
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12 अप्रैल को वृंदावन थाना क्षेत्र में सत्याग्रहियों के संगठन के आठ लोगों ने झगड़ा किया। इन्हें जेल भेज दिया गया है। इनकी पहले दर्ज मुकदमों में भी संलिप्तता पाई गई है। इस तरह जवाहर बाग में बैठे लोग कानून व्यवस्था से खिलवाड़ कर रहे हैं।
केंद्र और राज्य की सरकार को सरकार न मानकर मनमाने तौर पर विकृत मानसिकता से अवैध रूप से असलहों का प्रदर्शन किया जा रहा है। ऐसी स्थिति में 16 अप्रैल को शाम पांच बजे तक जवाहर बाग खाली करने के आदेश दिए गए हैं। अन्यथा इसे बल पूर्वक खाली कराया जाएगा।
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2. आरएन सिंह निवासी नेगुरा जिला सीधो
3. चन्दन बोस निवासी पश्चिम बंगाल
4. हरनाथ सिंह पुत्र गंगा सागर निवासी दुसावरी, पट्टी तिरवा कन्नौज
5. राकेश बाबू गुप्ता पुत्र हरीराम गुप्ता निवासी सिविल लाइन बदायूं
6. प्रेमचंद्र पुत्र गंगा सागर निवासी पट्टी पवौरा कन्नौज
7. प्रेमचंद सिंह पुत्र दयाशंकर सिंह निवासी दूहरा सीकरी गोरखपुर
8. राजावंत कौर पुत्र निरासमल सिंह निवासी रनगाना थाना झिंझाना मुजफ्फरनगर
9. महीपाल सिंह पुत्र रामप्रसाद निवासी रतन मऊरानीपुर झांसी
10. संजीव कुमार पुत्र हरनाथ सिंह निवासी दुसावरी पट्टी तिरवा कन्नौज
जवाहर बाग प्रकरण अब तक...
सिटी मजिस्ट्रेट की ओर से जारी नोटिस में बताया गया है कि करीब 3000 लोग बीते दो साल से उद्यान विभाग की राजकीय संपत्ति जवाहर बाग में धरना प्रदर्शन के नाम पर अवैध कब्जा किए हैं। इसके कारण राजकीय संपत्ति को लाखों रुपये की क्षति पहुंची है। सत्याग्रहियों के खिलाफ 10 से अधिक मुकदमे पंजीकृत हैं।
मामले में विजय पाल तोमर की याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट बाग को खाली कराने का आदेश दे चुका है। इस पर पहले भी जवाहर बाग को खाली करने के नोटिस दिए गए, लेकिन उन पर अमल नहीं हुआ। इस याचिका पर डीएम मथुरा ने हाईकोर्ट में दो अप्रैल को जवाहर बाग खाली करने का शपथ पत्र दाखिल किया है।
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सत्याग्रहियों द्वारा उद्यान विभाग के कर्मचारियों के साथ मारपीट और हिंसा के कारण उद्यान विभाग के कर्मचारियों द्वारा अन्य कर्मचारी संगठनों के साथ धरना दिया गया। इसके बाद सत्याग्रहियों ने सदर तहसील पर हमला कर कर्मचारी और अधिवक्ताओं से मारपीट कर दी। इस कलक्ट्रेट में कर्मचारी धरना दे रहे हैं।
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12 अप्रैल को वृंदावन थाना क्षेत्र में सत्याग्रहियों के संगठन के आठ लोगों ने झगड़ा किया। इन्हें जेल भेज दिया गया है। इनकी पहले दर्ज मुकदमों में भी संलिप्तता पाई गई है। इस तरह जवाहर बाग में बैठे लोग कानून व्यवस्था से खिलवाड़ कर रहे हैं।
केंद्र और राज्य की सरकार को सरकार न मानकर मनमाने तौर पर विकृत मानसिकता से अवैध रूप से असलहों का प्रदर्शन किया जा रहा है। ऐसी स्थिति में 16 अप्रैल को शाम पांच बजे तक जवाहर बाग खाली करने के आदेश दिए गए हैं। अन्यथा इसे बल पूर्वक खाली कराया जाएगा।