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आखिरकार कार्यमुक्त हो गए डायट पर संबंद्ध एबीआरसी
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Sun, 10 Apr 2016 11:57 PM IST
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डायट पर संबंद्ध एबीआरसी को आखिरकर उनके ब्लॉक में शैक्षणिक गतिविधियों को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए कार्यमुक्त कर दिया गया। यह एबीआरसी डायट पर शिक्षा अधिकारियों के साथ बैठकर साथी शिक्षकों पर रौब जमाते थे और अपने मूल कार्यों से भी बचे हुए थे।
परिषदीय विद्यालयों में अकादमिक सपोर्ट और शैक्षिक गुणवत्ता बेहतर करने के लिए प्रत्येक विकासखंड में पांच ब्लॉक सह समन्वयक (एबीआरसी) बनाए जाते हैं। यह हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और सामाजिक विषय के अनुसार बनाए जाते हैं।
विद्यालय में जाकर अपने विषय से संबंधित शैक्षणिक सपोर्ट देने के साथ ब्लॉक में होने वाले प्रशिक्षण शिविर में शिक्षकों को ट्रेनिंग देने का कार्य भी यही करते हैं। इनमें से छह दर्जन से अधिक एबीआरसी बीते करीब दो वर्ष से डायट पर अटैच चल रहे थे।
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इसके चलते जहां उनके ब्लॉक में उनके विषय से संबंधित ट्रेनिंग और शैक्षणिक सपोर्ट का कार्य पिछड़ रहा था। यह एबीआरसी शिक्षा अधिकारियों के संरक्षण में विद्यालयों में निरीक्षण करते थे और छोटी मोटी कमी मिलने पर साथी शिक्षकों को हड़काने लगते थे। अधिकार न होने के बाद भी उपस्थिति रजिस्टर चेक कर साथी शिक्षकों का उत्पीड़न करने की शिकायत भी पूर्व में इनके विरुद्ध की गई थीं।
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परिषदीय विद्यालयों में अकादमिक सपोर्ट और शैक्षिक गुणवत्ता बेहतर करने के लिए प्रत्येक विकासखंड में पांच ब्लॉक सह समन्वयक (एबीआरसी) बनाए जाते हैं। यह हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और सामाजिक विषय के अनुसार बनाए जाते हैं।
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विद्यालय में जाकर अपने विषय से संबंधित शैक्षणिक सपोर्ट देने के साथ ब्लॉक में होने वाले प्रशिक्षण शिविर में शिक्षकों को ट्रेनिंग देने का कार्य भी यही करते हैं। इनमें से छह दर्जन से अधिक एबीआरसी बीते करीब दो वर्ष से डायट पर अटैच चल रहे थे।
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इसके चलते जहां उनके ब्लॉक में उनके विषय से संबंधित ट्रेनिंग और शैक्षणिक सपोर्ट का कार्य पिछड़ रहा था। यह एबीआरसी शिक्षा अधिकारियों के संरक्षण में विद्यालयों में निरीक्षण करते थे और छोटी मोटी कमी मिलने पर साथी शिक्षकों को हड़काने लगते थे। अधिकार न होने के बाद भी उपस्थिति रजिस्टर चेक कर साथी शिक्षकों का उत्पीड़न करने की शिकायत भी पूर्व में इनके विरुद्ध की गई थीं।