{"_id":"58b1ca634f1c1b0511b25294","slug":"abir-gulal-fly-unbearable-death","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऐसो उड़ रह्यौ अबीर गुलाल...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ऐसो उड़ रह्यौ अबीर गुलाल...
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Sat, 25 Feb 2017 11:48 PM IST
विज्ञापन
हाोली
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राधारानी की जन्मस्थली बरसाना में होली का रंग बस चढ़ने ही वाला है। यूं तो वसंत पंचमी से ही यहा होली महोत्सव की शुरुआत हो चुकी है लेकिन औपचारिक रूप से आरंभ शनिवार को महाशिवरात्रि पर लठामार होली की प्रथम चौपाई निकाल कर किया गया।
‘ऐसो उड़ रह्यौ अबीर गुलाल, यामै खोइ गयौ श्याम सौ प्यारौ’ पदों के साथ ही हुरियारे और हुरियारिनों ने प्रेमपगीं लाठियों संग लठामार होली खेलने की तैयारी कर ली है। शनिवार शाम को बरसाना के गोस्वामीजनों ने करीब सात बजे मृदंग, झांझ, ढप की धुनों पर नाचते गाते संध्या आरती कर होली की प्रथम चौपाई निकाली।
इस दौरान अबीर गुलाल उड़ाया गया। मान्यता है कि शिवरात्रि के दिन सभी सखियां शंकरजी का व्रत रखती हैं और इस दिन राधारानी अपनी सखियों के साथ संकेत वन में खेलने नहीं जाती। जब श्रीकृष्ण राधारानी के दर्शन करने के लिए छद्म वेश धारण कर आते हैं तो सखियां राधाजी की तरफ इशारा करती हैं।
विज्ञापन
राधाजी उन्हें देख कर हंस जाती हैं और इसी के साथ श्रीकृष्ण राधारानी के साथ होली खेलने लग जाते हैं। इस बार महाशिवरात्रि पर कस्बे में प्रथम चौपाई के लाड़लीजी मंदिर से शुरू होकर दादी-बाबा मंदिर, रंगीली गली होते हुए रंगेश्वर महादेव तक निकाली गई। इस दौरान पदों का गायन सुन बाहर से आए श्रद्धालु भाव-विभोर होकर नृत्य करने लगे।
समाज गायन में रामभरोसी मुखिया, बाबूलाल गोस्वामी, लीलाधर गोस्वामी, किशोरीशरण गोस्वामी, गोविंदा गोस्वामी, श्याम लाल गोस्वामी, भगवान दास गोस्वामी, मनमोहन गोस्वामी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
‘ऐसो उड़ रह्यौ अबीर गुलाल, यामै खोइ गयौ श्याम सौ प्यारौ’ पदों के साथ ही हुरियारे और हुरियारिनों ने प्रेमपगीं लाठियों संग लठामार होली खेलने की तैयारी कर ली है। शनिवार शाम को बरसाना के गोस्वामीजनों ने करीब सात बजे मृदंग, झांझ, ढप की धुनों पर नाचते गाते संध्या आरती कर होली की प्रथम चौपाई निकाली।
विज्ञापन
इस दौरान अबीर गुलाल उड़ाया गया। मान्यता है कि शिवरात्रि के दिन सभी सखियां शंकरजी का व्रत रखती हैं और इस दिन राधारानी अपनी सखियों के साथ संकेत वन में खेलने नहीं जाती। जब श्रीकृष्ण राधारानी के दर्शन करने के लिए छद्म वेश धारण कर आते हैं तो सखियां राधाजी की तरफ इशारा करती हैं।
विज्ञापन
राधाजी उन्हें देख कर हंस जाती हैं और इसी के साथ श्रीकृष्ण राधारानी के साथ होली खेलने लग जाते हैं। इस बार महाशिवरात्रि पर कस्बे में प्रथम चौपाई के लाड़लीजी मंदिर से शुरू होकर दादी-बाबा मंदिर, रंगीली गली होते हुए रंगेश्वर महादेव तक निकाली गई। इस दौरान पदों का गायन सुन बाहर से आए श्रद्धालु भाव-विभोर होकर नृत्य करने लगे।
समाज गायन में रामभरोसी मुखिया, बाबूलाल गोस्वामी, लीलाधर गोस्वामी, किशोरीशरण गोस्वामी, गोविंदा गोस्वामी, श्याम लाल गोस्वामी, भगवान दास गोस्वामी, मनमोहन गोस्वामी आदि मौजूद रहे।