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Mathura News: राजकीय बाल संरक्षण गृह में बनेगी महिला पुलिस चौकी
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मथुरा। राजकीय बाल गृह बालिका में सुरक्षा व्यवस्था और पुख्ता की जाएगा। परिसर में अस्थायी महिला पुलिस चौकी स्थापित करने के साथ परिसर में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाएगी। यहां रहने वाली पीड़ित किशोरियों की मानसिक स्थिति को देखते हुए मनोचिकित्सकों से नियमित काउंसलिंग भी कराई जाएगी। किशोरी की हत्या के बाद प्रशासन ने बदलाव की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
वृंदावन स्थित राजकीय बाल गृह बालिका में शुक्रवार को दो किशोरियों ने अपनी साथी किशोरी की पानी से भरी बाल्टी में डुबोकर हत्या कर दी थी। इस घटना ने राजकीय बाल गृह बालिका की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विभाग ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अब व्यवस्थाओं में बदलाव की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस की नियमित मौजूदगी बनाए रहने के लिए परिसर में अस्थायी पुलिस चौकी स्थापित होगी। तीन शिफ्टों में महिला पुलिसकर्मी तैनात रहेंगी। ताकि किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
अधिकारियों का मानना है कि लगातार निगरानी से किशोरियों के बीच होने वाले विवादों और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा सकेगी। किशोरियों के व्यवहार और मानसिक स्थिति को समझने के लिए अब प्रत्येक सप्ताह मनोचिकित्सकों से काउंसलिंग कराई जाएगी। विशेषज्ञ किशोरियों की व्यक्तिगत काउंसलिंग के साथ जरूरत के अनुसार समूह सत्र भी करेंगे। वर्तमान में राजकीय बाल गृह बालिका की काउंसलर ही प्रत्येक सप्ताह सत्र लगाकर किशोरियों की काउंसलिंग करती हैं। जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास चंद्र ने बताया है कि अब इन तीनों प्रक्रियाओं से संरक्षण गृह की सुरक्षा और मजबूत होगी। प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज गया है। मंजूरी के बाद प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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वृंदावन स्थित राजकीय बाल गृह बालिका में शुक्रवार को दो किशोरियों ने अपनी साथी किशोरी की पानी से भरी बाल्टी में डुबोकर हत्या कर दी थी। इस घटना ने राजकीय बाल गृह बालिका की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विभाग ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अब व्यवस्थाओं में बदलाव की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस की नियमित मौजूदगी बनाए रहने के लिए परिसर में अस्थायी पुलिस चौकी स्थापित होगी। तीन शिफ्टों में महिला पुलिसकर्मी तैनात रहेंगी। ताकि किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
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अधिकारियों का मानना है कि लगातार निगरानी से किशोरियों के बीच होने वाले विवादों और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा सकेगी। किशोरियों के व्यवहार और मानसिक स्थिति को समझने के लिए अब प्रत्येक सप्ताह मनोचिकित्सकों से काउंसलिंग कराई जाएगी। विशेषज्ञ किशोरियों की व्यक्तिगत काउंसलिंग के साथ जरूरत के अनुसार समूह सत्र भी करेंगे। वर्तमान में राजकीय बाल गृह बालिका की काउंसलर ही प्रत्येक सप्ताह सत्र लगाकर किशोरियों की काउंसलिंग करती हैं। जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास चंद्र ने बताया है कि अब इन तीनों प्रक्रियाओं से संरक्षण गृह की सुरक्षा और मजबूत होगी। प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज गया है। मंजूरी के बाद प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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