फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   A uniform education policy and a civil code should be implemented across the country: Swami Narendranand

Mathura News: देश में समान शिक्षा नीति एवं नागरिक संहिता लागू होः स्वामी नरेंद्रानंद

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 02 Mar 2026 01:17 AM IST
विज्ञापन
A uniform education policy and a civil code should be implemented across the country: Swami Narendranand
वृंदावन। काशी सुमेरु पीठाधीश्वर स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि सरकार को समान शिक्षा नीति एवं समान नागरिक संहिता काे लागू करना चाहिए। सरकार उन पांच लाख मंदिरों को भी सरकारी नियंत्रण से मुक्त करे, जिनका धन इसाई मिशनरियों और इस्लामिक ताकतों के पोषण के लिए काम लिया जाता है।
विज्ञापन

यह विचार उन्होंने स्वामी वामदेव महाराज के शताब्दी आनंद महोत्सव में रविवार को व्यक्त किए। वामदेव महाराज ज्योर्तिमठ में देशभर से पहुंचे संतों ने सामाजिक अखंडता, राष्ट्र जागरण एवं हिंदू एकता पर चिंतन मनन किया। स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि गुरुकुल पद्धति से ही देश की शिक्षा, संस्कार, चिकित्सा एवं धर्म का संरक्षण होगा। केंद्रीय मंत्री महामंडलेश्वर साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि जब देश और समाज ने पुकारा तो स्वामी वामदेव महाराज कंदराओं से निकलकर रामकाज में लग गए। विहिप ने जब निवेदन किया तो अपनी त्याग, तपस्या, विद्या अध्ययन, अध्यापन छोड़कर राष्ट्र कार्य में लग गए।
विज्ञापन

जगद्गुरु निंबार्काचार्य श्यामशरण देवाचार्य महाराज ने कहा कि जब उनके गुरुदेव ने उन्हें निंबार्क पीठ की सेवा में नियुक्त किया तब हुए महोत्सव की अध्यक्षता स्वामी वामदेव महाराज ने की थी। हनुमान गढ़ी के गौरीशंकर दास महाराज ने कहा कि स्वामीजी ने राष्ट्र रक्षा, धर्म रक्षा, गोरक्षा का जो बीड़ा उठाया था, उसमें संत समाज आज भी लगा हुआ है। कार्ष्णि गुरु शरणानंद महाराज ने कहा कि वे साधुता, पवित्रता, मानवता की प्रतिमूर्ति थे। स्वामी अभिषेक चैतन्य गिरि महाराज ने कहा कि देश विपरीत विचारधाराओं के आधीन है। कमलनयन दास महाराज ने कहा कि राष्ट्र ही हमारा धर्म, कर्म और उपासना है। इससे पूर्व स्वामी वामदेव महाराज द्वारा लिखित चार ग्रंथों का विमोचन किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

निर्मल पीठाधीश्वर स्वामी ज्ञानदेव सिंह, अटल पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर प्रज्ञानानंद सरस्वती, महामंडलेश्वर दिव्यानंद पुरी, स्वामी मुक्तानंद पुरी, महामंडलेश्वर अवशेष चैतन्य महाराज, शांतिस्वरुपानंद गिरि, महामंडलेश्वर प्रणवानंद महाराज, महामंडलेश्वर भगवत्स्वरुप, महामंडलेश्वर जगदीश पुरी, स्वामी ज्ञानानंद आदि ने स्वामी वामदेव महाराज के प्रति भावांजलि व्यक्त की।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed