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अजय ने डीएम से मांगी थी इच्छा मृत्यु
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Mon, 14 Dec 2015 10:50 PM IST
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कलेक्ट्रेट स्थित डीएम आफिस के समक्ष खुद को आग के हवाले करने वाले बरेली निवासी अजय कुमार गुप्ता ने सितंबर माह में डीएम मथुरा से इच्छामृत्यु की अनुमति मांगी थी। 10 दिन बाद एक बार फिर इसका रिमाइंडर भेजा गया। इसे भी डीएम आफिस से आम शिकायती पत्रों की भांति जांच के लिए पुलिस को भेज दिया गया।
सात सितंबर को बरेली के मेन बाजार शाहजहांपुर रोड के मूल निवासी और वर्तमान में थाना हाईवे मथुरा आजमपुर सराय निवासी अजय कुमार गुप्ता ने डीएम मथुरा को दिए पत्र में इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी थी। इसमें उसने कहा था कि उसका पुराना मित्र तेज सिंह चौहान निवासी बिछरईया बरेली व्यवसाय से मोटी कमाई का आश्वासन देकर उसे राजेश चौहान के पास आगरा लेकर आया था। उसके पास 14.20 लाख रुपए थे जो मकान बेचने से प्राप्त हुए थे।
आगरा में बदमाशों का डर दिखाकर यह राशि दोनों ने हड़प ली। कुछ समय बाद जब इस राशि की मांग की तो राजेश चौहान ने अपनी ट्रैवलिंग कंपनी के आफिस में बंद कर दिया। यहां कई माह तक यातनाएं दी गईं। मेरे जबडे़ और हाथ तोड़ दिए। मेरी अपंग जैसी स्थिति बना दी। किसी तरह बचकर मथुरा पहुंच गया। मुझ में इन दबंग लोगों से लड़ने की ताकत नहीं है। इतना पैसा भी नहीं है कि कानूनी लड़ाई लड़ सकूं।
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इस पत्र पर कोई कार्रवाई न होने पर अजय कुमार गुप्ता ने एक और पत्र डीएम के नाम 16 सितंबर को लिखा। इसे डीएम आफिस के प्रभारी अधिकारी ने एसपी क्राइम के पास जांच के लिए भेज दिया। दो दिन बाद तत्कालीन एसपी क्राइम एके राय ने एसपी सिटी आगरा और एसएचओ न्यू आगरा के लिए पत्र अजय के हाथ में ही दे दिया। तीन माह बाद भी राहत न मिलते देख अजय कुमार गुप्ता ने खुद को आग के हवाले करने का आत्मघाती कदम उठाया।
इस घटना को लेकर सिटी मजिस्ट्रेट विजय कुमार ने बताया कि आत्मदाह का प्रयास करने वाले व्यक्ति के पत्र को डीएम आफिस से 16 सितंबर को ही आगरा के लिए प्रेषित कर दिया था। उसके साथ घटित घटनाक्रम आगरा का है और आरोपी भी आगरा का है। इसलिए कार्रवाई आगरा के अफसरों के स्तर से ही होनी थी।
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सात सितंबर को बरेली के मेन बाजार शाहजहांपुर रोड के मूल निवासी और वर्तमान में थाना हाईवे मथुरा आजमपुर सराय निवासी अजय कुमार गुप्ता ने डीएम मथुरा को दिए पत्र में इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी थी। इसमें उसने कहा था कि उसका पुराना मित्र तेज सिंह चौहान निवासी बिछरईया बरेली व्यवसाय से मोटी कमाई का आश्वासन देकर उसे राजेश चौहान के पास आगरा लेकर आया था। उसके पास 14.20 लाख रुपए थे जो मकान बेचने से प्राप्त हुए थे।
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आगरा में बदमाशों का डर दिखाकर यह राशि दोनों ने हड़प ली। कुछ समय बाद जब इस राशि की मांग की तो राजेश चौहान ने अपनी ट्रैवलिंग कंपनी के आफिस में बंद कर दिया। यहां कई माह तक यातनाएं दी गईं। मेरे जबडे़ और हाथ तोड़ दिए। मेरी अपंग जैसी स्थिति बना दी। किसी तरह बचकर मथुरा पहुंच गया। मुझ में इन दबंग लोगों से लड़ने की ताकत नहीं है। इतना पैसा भी नहीं है कि कानूनी लड़ाई लड़ सकूं।
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इस पत्र पर कोई कार्रवाई न होने पर अजय कुमार गुप्ता ने एक और पत्र डीएम के नाम 16 सितंबर को लिखा। इसे डीएम आफिस के प्रभारी अधिकारी ने एसपी क्राइम के पास जांच के लिए भेज दिया। दो दिन बाद तत्कालीन एसपी क्राइम एके राय ने एसपी सिटी आगरा और एसएचओ न्यू आगरा के लिए पत्र अजय के हाथ में ही दे दिया। तीन माह बाद भी राहत न मिलते देख अजय कुमार गुप्ता ने खुद को आग के हवाले करने का आत्मघाती कदम उठाया।
इस घटना को लेकर सिटी मजिस्ट्रेट विजय कुमार ने बताया कि आत्मदाह का प्रयास करने वाले व्यक्ति के पत्र को डीएम आफिस से 16 सितंबर को ही आगरा के लिए प्रेषित कर दिया था। उसके साथ घटित घटनाक्रम आगरा का है और आरोपी भी आगरा का है। इसलिए कार्रवाई आगरा के अफसरों के स्तर से ही होनी थी।