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Mathura News: हरियाली की हत्या के आरोप में वन दरोगा और वन रक्षक निलंबित
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गठित चार सदस्यीय टीम कई स्थानों पर परखेगी पौधों की हकीकत
बीते दिनों वन राज्यमंत्री ने कई स्थानों पर किया था औचक निरीक्षण
मथुरा। सुरीर क्षेत्र के तुलागढ़ में जरारा रजवहा के किनारे लगाए गए पौधों की देखरेख नहीं करने पर डीएफओ ने मांट रेंज के वन दरोगा रमन कुमार और वन रक्षक मुनेश कुमार को निलंबित कर दिया है। वहीं अन्य कर्मचारियों पर भी गाज गिर सकती है। वन राज्यमंत्री डाॅ. अरुण कुमार सक्सेना के औचक निरीक्षण के बाद यह कार्रवाई की गई है।
अधिकारियों के अनुसार, जुलाई-अगस्त में शासन के निर्देश के बाद पौधारोपण अभियान चलाया गया था। वन विभाग ने 22 विभागों के साथ मिलकर जिले के विभिन्न स्थानों पर करीब 38.59 लाख पौधे लगाए थे। पहली बार एक साथ इतनी बड़ी संख्या में पौधारोपण हुआ था। उसी समय तुलागढ़ में जरारा रजवहा के किनारे भी हजारों की संख्या में पौधे रोप गए थे। पौधे लगाने के बाद वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी बेपरवाह हो गए। कुछ पौधे मिट्टी में दफन हो गए तो कुछ पौधे देखरेख के अभाव में नष्ट हो गए।
प्रदेश के वन राज्यमंत्री डाॅ. अरुण कुमार सक्सेना ने 25 नवंबर को जरारा रजवहा का औचक निरीक्षण किया तो वन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की पोल खुल गई। मौके पर 20 फीसदी पौधे ही मिले थे। इस पर उप प्रभागीय वनाधिकारी मनीष कुमार व मांट रेंजर बुद्ध प्रिया गौतम को मुख्यालय से संबद्ध कर दिया था। साथ ही डीएफओ वेंकट श्रीकर पटेल को जांच के निर्देश दिए थे। जांच में मांट रेंज के वन दरोगा और वन रक्षक की भी लापरवाही सामने आई है। इसी आधार पर दोनों पर निलंबन की कार्रवाई की गई है।
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चार सदस्यीय टीम परखेगी पौधों की हकीकत
चार लोगों पर कार्रवाई के बाद वन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों में खलबली मच गई है। इस प्रकरण में अन्य कर्मचारी भी जांच के दायरे में आ गए हैं। डीएफओ ने बताया कि इस घटना के बाद पौधों की हकीकत परखने के लिए अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक आगरा जोन भीमसेन के नेतृत्व में चार सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। यह कमेटी जिले में लगाए पौधों की जांच करेगी। करीब दो सप्ताह में जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। शासनादेश के बाद आगे की दिशा तय की जाएगी।
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बीते दिनों वन राज्यमंत्री ने कई स्थानों पर किया था औचक निरीक्षण
मथुरा। सुरीर क्षेत्र के तुलागढ़ में जरारा रजवहा के किनारे लगाए गए पौधों की देखरेख नहीं करने पर डीएफओ ने मांट रेंज के वन दरोगा रमन कुमार और वन रक्षक मुनेश कुमार को निलंबित कर दिया है। वहीं अन्य कर्मचारियों पर भी गाज गिर सकती है। वन राज्यमंत्री डाॅ. अरुण कुमार सक्सेना के औचक निरीक्षण के बाद यह कार्रवाई की गई है।
अधिकारियों के अनुसार, जुलाई-अगस्त में शासन के निर्देश के बाद पौधारोपण अभियान चलाया गया था। वन विभाग ने 22 विभागों के साथ मिलकर जिले के विभिन्न स्थानों पर करीब 38.59 लाख पौधे लगाए थे। पहली बार एक साथ इतनी बड़ी संख्या में पौधारोपण हुआ था। उसी समय तुलागढ़ में जरारा रजवहा के किनारे भी हजारों की संख्या में पौधे रोप गए थे। पौधे लगाने के बाद वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी बेपरवाह हो गए। कुछ पौधे मिट्टी में दफन हो गए तो कुछ पौधे देखरेख के अभाव में नष्ट हो गए।
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प्रदेश के वन राज्यमंत्री डाॅ. अरुण कुमार सक्सेना ने 25 नवंबर को जरारा रजवहा का औचक निरीक्षण किया तो वन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की पोल खुल गई। मौके पर 20 फीसदी पौधे ही मिले थे। इस पर उप प्रभागीय वनाधिकारी मनीष कुमार व मांट रेंजर बुद्ध प्रिया गौतम को मुख्यालय से संबद्ध कर दिया था। साथ ही डीएफओ वेंकट श्रीकर पटेल को जांच के निर्देश दिए थे। जांच में मांट रेंज के वन दरोगा और वन रक्षक की भी लापरवाही सामने आई है। इसी आधार पर दोनों पर निलंबन की कार्रवाई की गई है।
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चार सदस्यीय टीम परखेगी पौधों की हकीकत
चार लोगों पर कार्रवाई के बाद वन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों में खलबली मच गई है। इस प्रकरण में अन्य कर्मचारी भी जांच के दायरे में आ गए हैं। डीएफओ ने बताया कि इस घटना के बाद पौधों की हकीकत परखने के लिए अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक आगरा जोन भीमसेन के नेतृत्व में चार सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। यह कमेटी जिले में लगाए पौधों की जांच करेगी। करीब दो सप्ताह में जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। शासनादेश के बाद आगे की दिशा तय की जाएगी।