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भाग्यवान हैं कृष्णा देश में रहने वाले...
Mathura
Updated Mon, 18 Aug 2014 05:30 AM IST
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वृंदावन। श्रीकृष्ण के क्रीड़ांगन श्रीधाम वृंदावन के अक्षयपात्र में चंद्रोदय मंदिर के निर्माण महोत्सव के दूसरे दिन रविवार को रविंद्र जैन के गाए भजनों को सुन श्रोता भाव-विभोर हो गए।
पितु मातु स्वामी सखा हमारे, हे नाथ नारायण वासुदेवा..., मथुरा में चमके गोकुल के तारे, हे नाथ नारायण वासुदेव... के साथ शुरू हुआ सिलसिला देर रात तक चला। चारों धामों से निराला ब्रजधाम के दर्शन कर लेयो जी..., कालीदह पे खेलन आयौ री मैरो कारौ सो कन्हैया..., भाग्यवान हैं कृष्णा देश में रहने वाले..., सुन राधिका प्यारी मैं हूं आंधरौ भिखारी... एक के बाद एक भजन पर लोग झूमने लगे। आनंद में तालियां बजती रहीं और श्रद्धा की सरिता में श्रोता बहे चले गए।
भगवान कृष्ण के प्रति श्रद्धा के पुष्प अर्पित करने के लिए देशी-विदेशी भक्तों से पंडाल खचाखच भरा रहा। इस अवसर पर अक्षय पात्र के परमदासा, चंचलादास, नरसिंहमा दास, युधिष्ठिर दास आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
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अक्षयपात्र में आज
वृंदावन। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर 18 अगस्त को अक्षयपात्र के वृंदावन चंद्रोदय मंदिर की आधारशिला रखी जाएगी। निर्माण महोत्सव का शुभारंभ सुबह 11:30 बजे विघ्न निवारक हवन एवं नृसिंह आरती से होगा।
दोपहर 12:15 बजे विश्व के सबसे ऊंचे मंदिर के निर्माण कार्य की आधार शिला कार्ष्णि गुरु शरणानंद महाराज और सांसद हेमामालिनी वैदिक मंत्रोच्चारण के मध्य रखेंगी।
शाम 6:30 बजे अनुराधा पौड़वाल की भजन संध्या होगी। रात 10 बजे राधा वृंदावन चंद्र की जुगल जोड़ी का महाभिषेक होगा। रात 11:15 बजे प्रवचन एवं हरे कृष्ण महामंत्र का जाप होगा।
मध्यरात्रि को महा आरती और झूलनोत्सव होगा। आधी रात के बाद 12:15 बजे भगवान को आनंद देने के लिए आतिशबाजी होगी। 12:30 बजे श्रीकृष्ण प्रसादम् होगा।
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पितु मातु स्वामी सखा हमारे, हे नाथ नारायण वासुदेवा..., मथुरा में चमके गोकुल के तारे, हे नाथ नारायण वासुदेव... के साथ शुरू हुआ सिलसिला देर रात तक चला। चारों धामों से निराला ब्रजधाम के दर्शन कर लेयो जी..., कालीदह पे खेलन आयौ री मैरो कारौ सो कन्हैया..., भाग्यवान हैं कृष्णा देश में रहने वाले..., सुन राधिका प्यारी मैं हूं आंधरौ भिखारी... एक के बाद एक भजन पर लोग झूमने लगे। आनंद में तालियां बजती रहीं और श्रद्धा की सरिता में श्रोता बहे चले गए।
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भगवान कृष्ण के प्रति श्रद्धा के पुष्प अर्पित करने के लिए देशी-विदेशी भक्तों से पंडाल खचाखच भरा रहा। इस अवसर पर अक्षय पात्र के परमदासा, चंचलादास, नरसिंहमा दास, युधिष्ठिर दास आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
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अक्षयपात्र में आज
वृंदावन। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर 18 अगस्त को अक्षयपात्र के वृंदावन चंद्रोदय मंदिर की आधारशिला रखी जाएगी। निर्माण महोत्सव का शुभारंभ सुबह 11:30 बजे विघ्न निवारक हवन एवं नृसिंह आरती से होगा।
दोपहर 12:15 बजे विश्व के सबसे ऊंचे मंदिर के निर्माण कार्य की आधार शिला कार्ष्णि गुरु शरणानंद महाराज और सांसद हेमामालिनी वैदिक मंत्रोच्चारण के मध्य रखेंगी।
शाम 6:30 बजे अनुराधा पौड़वाल की भजन संध्या होगी। रात 10 बजे राधा वृंदावन चंद्र की जुगल जोड़ी का महाभिषेक होगा। रात 11:15 बजे प्रवचन एवं हरे कृष्ण महामंत्र का जाप होगा।
मध्यरात्रि को महा आरती और झूलनोत्सव होगा। आधी रात के बाद 12:15 बजे भगवान को आनंद देने के लिए आतिशबाजी होगी। 12:30 बजे श्रीकृष्ण प्रसादम् होगा।