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सत्याग्रहियों को 48 घंटे का अल्टीमेटम
अमर उजाला मथुरा
Updated Thu, 14 Apr 2016 11:43 PM IST
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सत्याग्रहियों को 48 घंटे का अल्टीमेटम
- फोटो : अमर उजाला
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प्रशासन ने दो साल से जवाहर बाग पर कब्जा जमाए कथित सत्याग्रहियों को 48 घंटे में जवाहर बाग खाली करने का अल्टीमेटम दिया है। ऐसा न होने पर बाग को कब्जे से मुक्त कराने के लिए आपरेशन जवाहर बाग चलाया जाएगा। सीतापुर, अलीगढ़ और आगरा से पीएसी की पांच कंपनी जिले में पहुंच चुकी हैं, जिन्हें जवाहर बाग के आसपास तैनात कर दिया गया है।
अन्य जिलों से भी फोर्स के आने का क्रम जारी है। सत्याग्रहियों को खदेड़ने के लिए सीआरपीएफ और आरएएफ की भी सहायता ली जाएगी। आपात स्थिति के लिए सेना को भी तैयार रहने को कहा गया है। बवाल होने की स्थिति में हेलीकाप्टर से मिर्ची बम गिराकर काबू पाने की तैयारी है। साथ ही आंसू गैस, रबर बुलेट आदि के इंतजाम किए जा रहे हैं।
सिटी मजिस्ट्रेट विजय कुमार ने जवाहर बाग में दो साल से करीब 3000 लोग कब्जा जमाए हुए है और यह खुद को सत्याग्रही बताते है। इनको नोटिस जारी कर 16 अप्रैल शाम पांच बजे तक जवाहर बाग खाली करने को कहा गया है। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि स्वेच्छा से जवाहर बाग छोड़ने वाले व्यक्ति को कोई असुविधा नहीं होने दी जाएगी। 48 घंटे की अवधि में वार्ता का विकल्प भी खुला है। सत्याग्रही वार्ता के लिए कलक्ट्रेट स्थित सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि नोटिस चस्पा भी कर दिया गया है।
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उधर, निर्धारित समय में जवाहर बाग खाली न होने की स्थिति में जिला प्रशासन बल प्रयोग करेगा। सीतापुर, अलीगढ़ और आगरा से पहुंचीं पीएसी की पांच कंपनी जवाहर बाग के आसपास तैनात की जा चुकी है। आगरा, फीरोजाबाद, मैनपुरी, एटा, कासगंज, अलीगढ़ और हाथरस से यूपी पुलिस के जवान मथुरा पहुंचने वाले हैं। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स की छह-छह कंपनियों की मांग भी प्रमुख रूप से शासन को भेजी गई है।
दंगा नियंत्रण जैसे इंतजाम
पुलिस सूत्रों के अनुसार बाग को खाली कराने के लिए हेलीकाप्टरों से मिर्ची बम भी गिराए जा सकते हैं। आंसू गैस के गोले, पानी की बौछार और रबर बुलेट का प्रयोग उपद्रव रोकने के लिए किया जाएगा। कार्रवाई के दौरान चार ड्रोन कैमरे जवाहर बाग के चप्पे-चप्पे पर नजर रखेंगे। 48 घंटे की गतिविधियों की जानकारी के लिए आठ नाइट विजन कैमरे जवाहर बाग के आसपास, जेल कालोनी और जजेज कालोनी में लगाए गए हैं। हेलीकाप्टर से कार्रवाई के लिए रिजर्व पुलिस लाइन और सेना के हैलीपेड का प्रयोग किया जाएगा। टीयर गैस, एंटी राइट ग्रेनेड जैसे इंतजाम दंगा नियंत्रण जैसे हैं।
आसपास की कालोनी कराई जाएंगी खाली
जवाहर बाग में कार्रवाई से पहले जवाहर बाग कालोनी के 100 से अधिक परिवार और जेल कालोनी के 100 से अधिक परिवारों को एक दिन पहले शिफ्ट किया जाएगा। ऐसा आंसू गैस और मिर्ची बम से होने वाली परेशानी के चलते किया जा सकता है। जज कालोनी में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई जाएगी।
बड़े पैमाने पर वाहनों का इंतजाम
जवाहर बाग में कार्रवाई के दौरान समर्पण करने वाले महिलाओं और बच्चों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा। इसके लिए बस और ट्रकों का बड़े पैमाने पर इंतजाम किया जा रहा है। प्रशासन की योजना सत्याग्रहियों को जिले की सीमा से बाहर भेजने की है।
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अन्य जिलों से भी फोर्स के आने का क्रम जारी है। सत्याग्रहियों को खदेड़ने के लिए सीआरपीएफ और आरएएफ की भी सहायता ली जाएगी। आपात स्थिति के लिए सेना को भी तैयार रहने को कहा गया है। बवाल होने की स्थिति में हेलीकाप्टर से मिर्ची बम गिराकर काबू पाने की तैयारी है। साथ ही आंसू गैस, रबर बुलेट आदि के इंतजाम किए जा रहे हैं।
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सिटी मजिस्ट्रेट विजय कुमार ने जवाहर बाग में दो साल से करीब 3000 लोग कब्जा जमाए हुए है और यह खुद को सत्याग्रही बताते है। इनको नोटिस जारी कर 16 अप्रैल शाम पांच बजे तक जवाहर बाग खाली करने को कहा गया है। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि स्वेच्छा से जवाहर बाग छोड़ने वाले व्यक्ति को कोई असुविधा नहीं होने दी जाएगी। 48 घंटे की अवधि में वार्ता का विकल्प भी खुला है। सत्याग्रही वार्ता के लिए कलक्ट्रेट स्थित सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि नोटिस चस्पा भी कर दिया गया है।
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उधर, निर्धारित समय में जवाहर बाग खाली न होने की स्थिति में जिला प्रशासन बल प्रयोग करेगा। सीतापुर, अलीगढ़ और आगरा से पहुंचीं पीएसी की पांच कंपनी जवाहर बाग के आसपास तैनात की जा चुकी है। आगरा, फीरोजाबाद, मैनपुरी, एटा, कासगंज, अलीगढ़ और हाथरस से यूपी पुलिस के जवान मथुरा पहुंचने वाले हैं। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स की छह-छह कंपनियों की मांग भी प्रमुख रूप से शासन को भेजी गई है।
दंगा नियंत्रण जैसे इंतजाम
पुलिस सूत्रों के अनुसार बाग को खाली कराने के लिए हेलीकाप्टरों से मिर्ची बम भी गिराए जा सकते हैं। आंसू गैस के गोले, पानी की बौछार और रबर बुलेट का प्रयोग उपद्रव रोकने के लिए किया जाएगा। कार्रवाई के दौरान चार ड्रोन कैमरे जवाहर बाग के चप्पे-चप्पे पर नजर रखेंगे। 48 घंटे की गतिविधियों की जानकारी के लिए आठ नाइट विजन कैमरे जवाहर बाग के आसपास, जेल कालोनी और जजेज कालोनी में लगाए गए हैं। हेलीकाप्टर से कार्रवाई के लिए रिजर्व पुलिस लाइन और सेना के हैलीपेड का प्रयोग किया जाएगा। टीयर गैस, एंटी राइट ग्रेनेड जैसे इंतजाम दंगा नियंत्रण जैसे हैं।
आसपास की कालोनी कराई जाएंगी खाली
जवाहर बाग में कार्रवाई से पहले जवाहर बाग कालोनी के 100 से अधिक परिवार और जेल कालोनी के 100 से अधिक परिवारों को एक दिन पहले शिफ्ट किया जाएगा। ऐसा आंसू गैस और मिर्ची बम से होने वाली परेशानी के चलते किया जा सकता है। जज कालोनी में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई जाएगी।
बड़े पैमाने पर वाहनों का इंतजाम
जवाहर बाग में कार्रवाई के दौरान समर्पण करने वाले महिलाओं और बच्चों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा। इसके लिए बस और ट्रकों का बड़े पैमाने पर इंतजाम किया जा रहा है। प्रशासन की योजना सत्याग्रहियों को जिले की सीमा से बाहर भेजने की है।