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Mathura News: स्वामी वामदेव महाराज का 28वां श्रद्धांजलि संत समागम संपन्न
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वृंदावन। राम जन्मभूमि आंदोलन के प्रमुख अगुवा स्वामी वामदेव महाराज का 28वां श्रद्धांजलि संत समागम एवं 24वां अखंड ज्योति स्थापना दिवस संपन्न हो गया। संत समाज ने सनातन धर्म की रक्षा के लिए संतों के संसद में प्रतिनिधित्व की आवश्यकता पर विचार किया।
चैतन्य विहार स्थित स्वामी वामदेव ज्योर्तिमठ में बुधवार को आयोजित इस संत समागम में देशभर के संत, महंत और महामंडलेश्वरों ने भाग लिया। निर्मल पीठाधीश्वर स्वामी ज्ञानदेव सिंह की अध्यक्षता में हुए इस आयोजन में संत समाज ने स्वामी वामदेव महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में भाजपा सांसद डॉ. सच्चिदानंद हरि साक्षी ने घोषणा की कि स्वामी वामदेव महाराज की जन्म शताब्दी अगले वर्ष धूमधाम से मनाई जाएगी। पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद महाराज ने भी विचार रखे।
इस मौके पर स्वामी दिव्यानंद महाराज, महंत स्वामी श्रवणानंद सरस्वती, स्वामी रामदेवानंद सरस्वती, जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी वासुदेवाचार्य विद्या भास्कर, गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद सहित कई प्रमुख संत उपस्थित रहे। संतों ने कहा कि सनातन धर्म और राष्ट्रहित की रक्षा के लिए संत समाज को संसद में प्रतिनिधित्व करना आवश्यक है और इस दिशा में गंभीर मंथन किया जाना चाहिए। संवाद
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चैतन्य विहार स्थित स्वामी वामदेव ज्योर्तिमठ में बुधवार को आयोजित इस संत समागम में देशभर के संत, महंत और महामंडलेश्वरों ने भाग लिया। निर्मल पीठाधीश्वर स्वामी ज्ञानदेव सिंह की अध्यक्षता में हुए इस आयोजन में संत समाज ने स्वामी वामदेव महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में भाजपा सांसद डॉ. सच्चिदानंद हरि साक्षी ने घोषणा की कि स्वामी वामदेव महाराज की जन्म शताब्दी अगले वर्ष धूमधाम से मनाई जाएगी। पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद महाराज ने भी विचार रखे।
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इस मौके पर स्वामी दिव्यानंद महाराज, महंत स्वामी श्रवणानंद सरस्वती, स्वामी रामदेवानंद सरस्वती, जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी वासुदेवाचार्य विद्या भास्कर, गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद सहित कई प्रमुख संत उपस्थित रहे। संतों ने कहा कि सनातन धर्म और राष्ट्रहित की रक्षा के लिए संत समाज को संसद में प्रतिनिधित्व करना आवश्यक है और इस दिशा में गंभीर मंथन किया जाना चाहिए। संवाद
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