फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   20 officers are under checking in jawahar bagh

जवाहर बाग की जांच में घिरे बीस से ज्यादा अधिकारी

Tue, 21 Jun 2016 11:48 PM IST
पुनीत शर्मा
पुनीत शर्मा Updated Tue, 21 Jun 2016 11:48 PM IST
विज्ञापन
20 officers are under checking in jawahar bagh
jawahar bagh - फोटो : amar ujala
प्रदेश की सियासत को हिला देने वाली जवाहर बाग हिंसा की जांच शुरू हो गई है। न्यायिक जांच आयोग ने रिपोर्ट इकट्ठा करनी शुरू कर दी हैं। जांच के घेरे में बीस से ज्यादा अफसर आ रहे हैं। मार्च 2014 से 2 जून, 2016 तक जिन-जिन पुलिस और प्रशासनिक अफसरों की तैनाती थी, सभी की रिपोर्ट ली जानी है।
विज्ञापन


मथुरा के जवाहर बाग में दो जून को हुई हिंसा में दो पुलिस अधिकारियों समेत 29 लोगों की मौत हो गई थी। शासन ने इस पूरे प्रकरण की जांच को एक न्यायिक आयोग का गठन कर दिया है। न्यायिक आयोग ने जांच के लिए रिपोर्ट भी जुटानी शुरू कर दी है। 6 बिंदुओं पर जांच की जा रही है।
विज्ञापन


जवाहर बाग में सत्याग्रह की अनुमति देने से लेकर 2 जून को हुई हिंसा तक पुलिस और प्रशासन में जो भी जिम्मेदार अधिकारी थे वह सभी जांच के घेरे में हैं। इनके स्तर से क्या-क्या प्रयास किए गए, सभी को पूरी रिपोर्ट देनी होगी। मंडल मुख्यालय पर बैठने वाले अधिकारियों ने किस तरह से निर्देश दिए और कब्जा हटाने में लगातार क्यों विलंब होता रहा, इन सभी बिंदुओं को जांच में शामिल किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन



इन 6 बिंदुओं ली जाएगी रिपोर्ट
- जनपदीय पुलिस और प्रशासनिक अफसरों की भूमिका
- जवाहर बाग को रिक्त कराने के लिए क्या-क्या प्रयास हुए
- खाली कराने से पहले क्या रणनीति और कार्ययोजना बनाई गई
- गृह विभाग को समय-समय पर दी जाने वाली रिपोर्ट की कापी
- कहां अनदेखी की गई जिससे कब्जा बढ़ता चला गया
-आगे को इस प्रकार के कब्जे न हों इसके लिए सुझाव

मार्च 2014 से अब तक तैनात रहने वाले इन अफसरों से ली जाएगी रिपोर्ट
कमिश्नर
आईजी
डीएम
एसएसपी
एसपी सिटी
सिटी मजिस्ट्रेट
एडीएम
एसडीएम
सर्किल के सीओ
कोतवाली के कोतवाल
उद्यान विभाग के अफसर
एलआईयू के अधिकारी
इंटेलीजेंस


सभी की मौजूदा पोस्टिंग के बारे में लखनऊ से पूछा
ढाई साल में तमाम अधिकारी मथुरा आए और ट्रांसफर होकर चले गए। लिहाजा न्यायिक आयोग ने जांच करने के लिए इन सभी अधिकारियों की मौजूदा तैनाती के बारे में रिपोर्ट लखनऊ से मांगी है। ताकि इन अफसरों का पक्ष जाना जा सका।


अगर किसी के पास साक्ष्य हैं तो वह सौंप सकता है
अगर किसी के पास जवाहर बाग हिंसा से जुड़ा कोई साक्ष्य है तो वह भी न्यायिक आयोग की टीम को सौंप सकता है। जवाहर बाग आपरेशन में शामिल रहने वाले पुलिस अधिकारी से लेकर कांस्टेबिल तक अपनी बात रख सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed