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शहीद के परिवारीजनों को 20 लाख सहायता
ब्यूरो, अमर उजाला मथ्ाुरा
Updated Tue, 03 Nov 2015 12:00 AM IST
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गांव भवनपुरा में शहीद सैनिक समोद के परिवारीजन और ग्रामीण अपनी मांगों को
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लेकर सोमवार को भी अनिश्चित कालीन अनशन पर रहे। सोमवार को सांसद हेमा
मालिनी के संवेदना पत्र को ले कर रिटायर्ड कर्नल विक्रम सिंह शहीद के घर
पहुंचे। अनशनकारियों को समझाने एसडीएम गोवर्धन विश्वभूषण मिश्रा भी गए।
अनशनस्थल पर बैठी शहीद की पत्नी सीमा की हालत बिगड़ गई। उसे वहीं पर उपचार दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने समोद के परिजनों के लिए 20 लाख रुपये की आर्थिक मदद मुहैया कराने की घोषणा भी की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर सैनिक समोद के अदम्य साहस एवं बलिदान को भुलाया नहीं जा सकता। शोक की इस घड़ी में राज्य सरकार उनके परिवार के साथ है। उन्होंने राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) राम सकल गुर्जर को राज्य सरकार की ओर से शहीद के परिवार से भेंट कर ढाढ़स बंधाने के लिए भेजा है। गोवर्धन के सपा नेता प्रदीप चौधरी ने देर शाम बताया कि राज्य सरकार के मंत्री रामसकल गुर्जर आज मंगलवार को गांव में आकर सरकार की तरफ से 20 लाख की मदद की घोषणा करेंगे।
बताते चलें कि जम्मू के वादीपुरा में बुधवार को आतंकियों से लोहा लेते हुए लांसर 2 जोधपुर में तैनात भवनपुरा के सैनिक समोद चौधरी शहीद हो गए थे। शनिवार को राजकीय सम्मान के साथ शहीद समोद के शव का अंतिम संस्कार किया गया था।
परिवारीजनों और ग्रामीणों ने अंतिम संस्कार के बाद प्रदेश और केंद्र सरकार पर शहीद के सम्मान में दिए जाने वाले लाभ आदि को लेकर उपेक्षित व्यवहार का आरोप लगाया और रविवार सुबह से अनिश्चित कालीन अनशन शुरू कर दिया। अनशन पर शहीद के पिता बच्चू सिंह, भाई प्रमोद, पत्नी सीमा, मां मीनादेवी और दोनों बेटे सहित परिवारीजन व ग्रामीण बैठे हैं। सोमवार को भाजपा सांसद हेमा मालिनी का शोक संदेश लेकर रिटायर्ड कर्नल विक्रम सिंह शहीद के घर पहुंचे और परिवारीजनों को सांत्वना दी।
उन्होंने सांसद हेमा मालिनी के 13, 14 नवंबर में पहुंचने की सूचना दी। कर्नल विक्रम सिंह ने अंत्येष्टि मे किसी भी राजनेता या मंत्री के न पहुंचने पर कहा कि यह शर्म की बात है। वहीं एसडीएम गोवर्धन विश्वभूषण मिश्रा भी शहीद समोद के घर पहुंचे और परिवारीजनों को सांत्वना देते हुए अनशन समाप्त कराने के प्रयास किए। एसडीएम ने कहा कि शहीद समोद देश का गौरव था। उस की शहादत पर सभी को गर्व है।
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डीएम राजेश कुमार शहीद के सम्मान के लिए जल्द ही घोषणा भी करेेेंगे। वहीं केन्द्र और राज्य के मुख्यमंत्री को आपकी मांग भी प्रेषित कर किसी मंत्री को शहीद के सम्मान के लिए बुलाया जाएगा। शहीद के पिता बच्चू और ग्रामीणों ने कहा कि आतंकी अबू कासिम की मौत की ईनाम राशि बीस लाख रुपये शहीद के परिवारीजनों को मिलनी चाहिए। वहीं सूबे के मुख्यमंत्री और केंद्र के गृह मंत्री के आने के बाद ही अनशन समाप्त करेंगे।
सोमवार को अनशन के दौरान शहीद की पत्नी सीमा की तबियत बिगड़ गई। सूचना पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से पहुंचे चिकित्सक डा. चित्रेश ने जांच कर उपचार किया। सांत्वना देने के लिए पूरन कौशिक, अशोक चौधरी, मोहन सिंह राजपूत, गणेश पहलवान सहित अनेक लोग पहुंचे।
अनशनस्थल पर बैठी शहीद की पत्नी सीमा की हालत बिगड़ गई। उसे वहीं पर उपचार दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने समोद के परिजनों के लिए 20 लाख रुपये की आर्थिक मदद मुहैया कराने की घोषणा भी की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर सैनिक समोद के अदम्य साहस एवं बलिदान को भुलाया नहीं जा सकता। शोक की इस घड़ी में राज्य सरकार उनके परिवार के साथ है। उन्होंने राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) राम सकल गुर्जर को राज्य सरकार की ओर से शहीद के परिवार से भेंट कर ढाढ़स बंधाने के लिए भेजा है। गोवर्धन के सपा नेता प्रदीप चौधरी ने देर शाम बताया कि राज्य सरकार के मंत्री रामसकल गुर्जर आज मंगलवार को गांव में आकर सरकार की तरफ से 20 लाख की मदद की घोषणा करेंगे।
बताते चलें कि जम्मू के वादीपुरा में बुधवार को आतंकियों से लोहा लेते हुए लांसर 2 जोधपुर में तैनात भवनपुरा के सैनिक समोद चौधरी शहीद हो गए थे। शनिवार को राजकीय सम्मान के साथ शहीद समोद के शव का अंतिम संस्कार किया गया था।
परिवारीजनों और ग्रामीणों ने अंतिम संस्कार के बाद प्रदेश और केंद्र सरकार पर शहीद के सम्मान में दिए जाने वाले लाभ आदि को लेकर उपेक्षित व्यवहार का आरोप लगाया और रविवार सुबह से अनिश्चित कालीन अनशन शुरू कर दिया। अनशन पर शहीद के पिता बच्चू सिंह, भाई प्रमोद, पत्नी सीमा, मां मीनादेवी और दोनों बेटे सहित परिवारीजन व ग्रामीण बैठे हैं। सोमवार को भाजपा सांसद हेमा मालिनी का शोक संदेश लेकर रिटायर्ड कर्नल विक्रम सिंह शहीद के घर पहुंचे और परिवारीजनों को सांत्वना दी।
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उन्होंने सांसद हेमा मालिनी के 13, 14 नवंबर में पहुंचने की सूचना दी। कर्नल विक्रम सिंह ने अंत्येष्टि मे किसी भी राजनेता या मंत्री के न पहुंचने पर कहा कि यह शर्म की बात है। वहीं एसडीएम गोवर्धन विश्वभूषण मिश्रा भी शहीद समोद के घर पहुंचे और परिवारीजनों को सांत्वना देते हुए अनशन समाप्त कराने के प्रयास किए। एसडीएम ने कहा कि शहीद समोद देश का गौरव था। उस की शहादत पर सभी को गर्व है।
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डीएम राजेश कुमार शहीद के सम्मान के लिए जल्द ही घोषणा भी करेेेंगे। वहीं केन्द्र और राज्य के मुख्यमंत्री को आपकी मांग भी प्रेषित कर किसी मंत्री को शहीद के सम्मान के लिए बुलाया जाएगा। शहीद के पिता बच्चू और ग्रामीणों ने कहा कि आतंकी अबू कासिम की मौत की ईनाम राशि बीस लाख रुपये शहीद के परिवारीजनों को मिलनी चाहिए। वहीं सूबे के मुख्यमंत्री और केंद्र के गृह मंत्री के आने के बाद ही अनशन समाप्त करेंगे।
सोमवार को अनशन के दौरान शहीद की पत्नी सीमा की तबियत बिगड़ गई। सूचना पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से पहुंचे चिकित्सक डा. चित्रेश ने जांच कर उपचार किया। सांत्वना देने के लिए पूरन कौशिक, अशोक चौधरी, मोहन सिंह राजपूत, गणेश पहलवान सहित अनेक लोग पहुंचे।