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Mathura News: 40वीं गणना में मिले 185 सारस
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फोटो कैप्शन फाइल फोटो, दूसरे फोटो में घना पक्षी उद्यान का फोटोफोटो- केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान में सारसों की गणना करते वाइल्ड लाइफ वार्डन
फोटो- 40वीं सारस गणना के शुभारंभ अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मौजूद अतिथि।
40वीं गणना में मिले 185 सारस
भरतपुर में 12, कामां-81, डीग-90 और उत्तर प्रदेश में 2 समेत मिले 185
घना केवलादेव नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी के तत्वावधान में कराई गई गिनती
संवाद न्यूज एजेंसी
भरतपुर। घना केवलादेव नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी एवं वन विभाग के सहयोग से आयोजित 40वीं सारस गणना का शुभारंभ मुख्य अतिथि पूर्व सांसद पं.रामकिशन व काका रघुराज सिंह की संयुक्त अध्यक्षता में हुआ।
सोसायटी के अध्यक्ष कृष्ण कुमार ने अतिथियों को माला पहनाकर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि सारसों को बचाने का मतलब है मानव अस्तित्व को बचाना। सारस गणना का उद्देश्य मात्र सारसों की गिनती करना नहीं, बल्कि स्थानीय जनमानस को प्रकृति से जोड़कर संसार की भरतपुर को अद्वितीय देन, राष्ट्रीय पक्षी विहार को बचाना है। पं. रामकिशन ने केवलादेव पार्क को पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उनके प्रयासों की जानकारी दी। रघुराज सिंह ने घना में पानी की अनवरत आवश्यकता पर बल दिया।
केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान के निदेशक नाहर सिंह ने पार्क के बारे में जानकारी दी। सोसायटी के मुख्य समन्वयक युधिष्ठर सिंह ने बताया कि गणना के लिए भरतपुर जिले को घना सहित क्षेत्र को 17 जोन में विभाजित किया गया है। जिसमें प्रकृति विज्ञ, नेचुरल गाइड, डाॅ. राकेश सोलंकी, केके लवानिया ने अलग-अलग टीमों के साथ गणना की, गणना के दौरान भरतपुर के घना में 12 सारस, कामां के गांव नौनेरा में 81, डीग के गांव सांमई खेड़ा में 90 एवं उत्तर प्रदेश क्षेत्र में 2 समेत कुल 185 सारस पाए गए। सोनी एकेडमी, एकेएम स्कूल, गायत्री स्कूल के छात्र-छात्राओं सहित लोगों ने भाग लिया। रेंजर जतिन, सरनाम सिंह, अनुपमा चीमा ने भाग लिया।
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फोटो- 40वीं सारस गणना के शुभारंभ अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मौजूद अतिथि।
40वीं गणना में मिले 185 सारस
भरतपुर में 12, कामां-81, डीग-90 और उत्तर प्रदेश में 2 समेत मिले 185
घना केवलादेव नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी के तत्वावधान में कराई गई गिनती
संवाद न्यूज एजेंसी
भरतपुर। घना केवलादेव नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी एवं वन विभाग के सहयोग से आयोजित 40वीं सारस गणना का शुभारंभ मुख्य अतिथि पूर्व सांसद पं.रामकिशन व काका रघुराज सिंह की संयुक्त अध्यक्षता में हुआ।
सोसायटी के अध्यक्ष कृष्ण कुमार ने अतिथियों को माला पहनाकर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि सारसों को बचाने का मतलब है मानव अस्तित्व को बचाना। सारस गणना का उद्देश्य मात्र सारसों की गिनती करना नहीं, बल्कि स्थानीय जनमानस को प्रकृति से जोड़कर संसार की भरतपुर को अद्वितीय देन, राष्ट्रीय पक्षी विहार को बचाना है। पं. रामकिशन ने केवलादेव पार्क को पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उनके प्रयासों की जानकारी दी। रघुराज सिंह ने घना में पानी की अनवरत आवश्यकता पर बल दिया।
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केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान के निदेशक नाहर सिंह ने पार्क के बारे में जानकारी दी। सोसायटी के मुख्य समन्वयक युधिष्ठर सिंह ने बताया कि गणना के लिए भरतपुर जिले को घना सहित क्षेत्र को 17 जोन में विभाजित किया गया है। जिसमें प्रकृति विज्ञ, नेचुरल गाइड, डाॅ. राकेश सोलंकी, केके लवानिया ने अलग-अलग टीमों के साथ गणना की, गणना के दौरान भरतपुर के घना में 12 सारस, कामां के गांव नौनेरा में 81, डीग के गांव सांमई खेड़ा में 90 एवं उत्तर प्रदेश क्षेत्र में 2 समेत कुल 185 सारस पाए गए। सोनी एकेडमी, एकेएम स्कूल, गायत्री स्कूल के छात्र-छात्राओं सहित लोगों ने भाग लिया। रेंजर जतिन, सरनाम सिंह, अनुपमा चीमा ने भाग लिया।
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