ट्रेन में छात्रों का बवाल, पुलिस लाठीचार्ज में कई घायल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिकंदराबाद में रविवार को आयोजित रेलवे की परीक्षा में शामिल होने के लिए जा रहे छात्रों ने गुरुवार को कैंट स्टेशन पर पटना-सिकंदराबाद ट्रेन में जमकर हंगामा किया। आरक्षित डिब्बों में पहले से कब्जा जमाए छात्रों ने आरक्षित श्रेणी के यात्रियों को उनकी सीट देने से मना कर दिया। जब आरपीएफ के जवानों ने उनसे जोर जबरदस्ती की तो छात्रों ने पथराव कर दिया।
यही नहीं ट्रैक पर आगजनी कर और स्लीपर रखकर ट्रेन को रोक दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस, आरपीएफ, जीआरपी के जवानों ने उन्हें ट्रेन उतारा और लाठीचार्ज कर खदेड़ दिया। घटना में ट्रेन के चालक दीपक कुमार और कई छात्र घायल हो गए।
इसके चलते करीब एक घंटे से अधिक समय तक प्लेटफार्म नंबर एक पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। कुछ यात्रियों के बेहोश होने की भी खबर मिली है। करीब दो घंटे बाद ट्रेन रवाना की जा सकी।
पुलिस ने लाठीचार्ज कर छात्रों को खदेड़ा
गुरुवार को शाम करीब पांच बजे पटना से सिकंदराबाद जाने वाली पटना सिकंदराबाद एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर एक पर रुकी और यात्री उसमें बैठने के लिए चढ़े। पहले से आरक्षण करा चुके यात्रियों ने सीट पर कब्जा जमाये छात्रों से उठने को कहा लेकिन वह उतरने के बजाय उनसे उलझ गये। इस बीच यात्रियों की सूचना पर पहुंचे आरपीएफ जवानों ने जब उन्हें ट्रेन से उतारने का प्रयास किया तो वह हंगामा मचाने लगा।
देखते-देखते बवाल इतना बढ़ गया कि छात्रों ने ट्रेन पर पथराव कर दिया। साथ ही ट्रैक पर आगजनी कर और स्लीपर रखकर ट्रेन रोक दिया। ट्रैक बदलने वाली जगह पर पत्थर भी डाल दिया जिससे कि इंजन का ट्रैक न बदला जा सके। सूचना मिलते ही जिला एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारी भी भारी फोर्स के साथ स्टेशन पहुंचे। इस बीच पुलिस ने लाठीचार्ज कर उत्पाती छात्रों को खदेड़ा।
इस दौरान हैदराबाद की महालक्ष्मी, शाही बाबा, सिकंदराबाद की राधा देवी, पटना की मंजू वर्मा, संतोष देवी बेहोश हो गईं, जिन्हें वेटिंग हाल में ले जाया गया। कुछ समय बाद होश आने पर उन्हें ट्रेन में बिठाया गया। करीब सात बजे ट्रेन को भारी फोर्स के साथ मंडुवाडीह स्टेशन के लिए रवाना किया गया। बवाल के चलते शिवगंगा एक्सप्रेस करीब चालीस मिनट की देरी से रवाना की गई। शाम करीब साढ़े सात बजे डीएम प्रांजल यादव, एसएसपी जोगेंद्र कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट सुभाष चंद्र चौधरी ने स्टेशन पहुंचकर अधिकारियों से बात कर सुरक्षा का जायजा लिया।
चालक ने ट्रेन चलाने से किया इनकार
स्टेशन पर हुए पथराव में घायल होने के बाद चालक दीपक कुमार ने ट्रेन ले जाने से इनकार कर दिया। उसका कहना था कि पता नहीं आगे छात्र क्या करें। ऐसे में वह जोखिम नहीं उठा सकता। इसकी सूचना जब अधिकारियों को मिली तो वे चालक को समझाने के लिए पहुंच गए। अधिकारियों ने चालक की सुरक्षा का आश्वासन दिया इसके बाद ही वह ट्रेन ले जाने को तैयार हुआ।
ट्रेन के मंडुवाडीह स्टेशन से आगे बढ़ते ही जीआरपी की ओर से वायरलेस के माध्यम से आगे के स्टेशनों को अलर्ट रहने की सूचना प्रसारित कराई जा रही थी। मंडुवाडीह स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर पहुंचने से पहले ही जीआरपी, आरपीएफ के साथ ही भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। अचानक फोर्स को देख स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार कर रहे यात्री घबरा गये।
पूर्वोत्तर रेलवे के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त देवराज कुमार मौर्य ने बताया कि परीक्षा देने जा रहे छात्रों ने ट्रेन रोकने के साथ ही ट्रैक पर आगजनी का प्रयास किया। जिला, पुलिस प्रशासन की मदद से उन्हें खदेड़ कर ट्रैक को खाली कराया गया। किसी यात्री को चोट नहीं आई है। रास्ते में कोई और घटना न हो सके इसलिए ट्रेन को भारी फोर्स के साथ मंड़ुवाडीह स्टेशन के लिए रवाना किया गया।