बाप मारता रहा, बेटे को घसीटती रही बाघिन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वन विभाग पदचिह्न ही देखता रह गया और आदमखोर बाघिन ने रविवार को एक युवक को शिकार बना लिया। यूपी में संभल के मिठनपुर मौजा गांव में 29 दिसंबर को युवक को निवाला बनाने के बाद से लगातार बाघिन की दहाड़ सुनी जा रही थी।
उसे पकड़ने के लिए आठ दिन से ऑपरेशन भी चल रहा था। लेकिन वन विभाग की सारी सजगता धरी रह गई और रविवार को बाघिन ने छजलैट के चंगेरी गांव में एक और युवक को मार डाला। बाघिन के आतंक से पूरे मंडल के लोग डरे-सहमे हुए हैं।
खेत से निकल बाघिन ने किया हमला
चंगेरी गांव में सुबह दस बजे रघुनाथ सिंह और उनका बेटा राजीव विश्नोई गन्ने की छिलाई कर रहे थे। अचानक गन्ने के खेत से निकली बाघिन ने राजीव पर हमला कर दिया और उसे घसीटकर खेत के अंदर ले जाने लगी। इस दौरान रघुनाथ ने बाघिन पर गन्ने से ताबड़तोड़ वार किया।
जब तक रघुनाथ अपने इकलौते बेटे को बाघिन के मुंह से निकाल पाता तब तक उसकी मौत हो गई थी। बाघिन की दहशत में जिला पहले से ही था, जैसे ही यह खबर फैली संभल, अमरोहा और मुरादाबाद जिलों के 45 किलोमीटर के दायरे में डर की लकीर खिंच गई। देरी से पहुंची वन विभाग की टीम ने बाघिन को ढूंढने के लिए कांबिंग की, लेकिन वह पकड़ में नहीं आई। वन विभाग की नाकामी पर लोगों में गुस्सा है।
पांच मिनट में हुई अनहोनी
पांच मिनट में हुई इस अनहोनी को पिता ने अपनी आंखों से देखी। रघुनाथ ने बताया कि राजीव सुबह नौ बजे गन्ने के खेत में पहुंचकर गन्ना काटने लगा। मैं कुछ दूर बैठकर उसे छील रहा था। काटते-काटते जैसे ही राजीव आगे बढ़ा, पत्तों की सरसराहट हुई। जब तक कुछ समझ पाता बाघिन ने उस पर हमला कर दिया।
राजीव भी उससे जूझा लेकिन उसकी ताकत के आगे हार गया। राजीव की चीखें निकल रही थीं। पहले तो मुझे काठ मार गया लेकिन बाद में अपने बेटे की जिंदगी बचाने दौड़ा। हाथ में गन्ना आया और उसी से बाघिन को मारने लगा...। मुंह से छीनने की कोशिश की। चिल्लाया लेकिन बाघिन उसे अंदर की ओर घसीटे जा रही थी।
पांच मिनट बाद बाघिन राजीव को छोड़कर गन्ने के अंदर उसी ओर भाग गई जिधर से वह आई थी। शोर सुनकर आसपास काम कर रहे ग्रामीण दौड़कर पहुंचे। लेकिन मेरे आंखों के सामने पांच मिनट में ही राजीव ने तड़पते हुए दम तोड़ दिया। जीवन की आस में उसे तुरंत उठाकर गांव लाए। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक के परिजनों को साढ़े तीन लाख की सहायता
जिलाधिकारी संजय कुमार ने बताया कि मृतकों के परिजनों को साढ़े सात लाख रुपये विभिन्न मदों से सहायता दी जाएगी। सुरक्षा के लिए क्षेत्र में दो थानों की फोर्स लगाई गई है। एडीएम प्रशासन और एसपी देहात को मौके पर रहने की हिदायत दी गई है।
वन संरक्षक कमलेश कुमार ने बताया कि बाघिन को पकड़ने के लिए कार्बेट नेशनल पार्क से दो हाथी मंगाए गए हैं। उन पर बैठकर टीमें सोमवार को निकलेंगी। यह वही बाघिन है जिसने मिठनपुर मौजा में एक युवक को मारा था।
तीन जिलों के लिए खतरा बनी, अलर्ट
आदमखोर बाघिन मुरादाबाद, अमरोहा और बिजनौर के लोगों के लिए खतरा बन गई है। वन विभाग ने ‘अलर्ट’ जारी करते हुए अफसरों को चौकस कर दिया है। आसपास के ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है।
दो दिन में 40 किलोमीटर चली बाघिन
बाघिन ने दो दिनों में चालीस किलोमीटर की दूरी तय की है। वन अफसरों का मानना है दो दिसंबर की रात को उसने मिठनपुर मौजा गांव का जंगल छोड़ दिया था। पांच दिसंबर को छजलैट क्षेत्र में एक युवक को मार दिया। यानी दो दिन में उसने चालीस किलोमीटर की दूरी तय की है।
हमला कब और कहां
29 दिसंबर को तड़के थाना कुढ़ फतेहगढ़ के गांव मिठ्ठनपुर मौजा में एक युवक को शिकार बनाया।
29 दिसंबर को मिठ्ठनपुर गांव के ही ग्रामीण रामवीर को घायल कर दिया।