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पाक राष्ट्रपति की जीत पर क्यों झूम उठा आगरा?

Wed, 31 Jul 2013 02:14 AM IST
आगरा/ब्यूरो
आगरा/ब्यूरो Updated Wed, 31 Jul 2013 02:14 AM IST
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mamnoon hussain elected pakistan president jubilance in agra

पाकिस्तान में जीत और आगरा में जश्न। शहर-ए-अकबराबाद के लिए मंगलवार का दिन ईद से कम नहीं था। पाकिस्तान में जैसे ही ममनून हुसैन राष्ट्रपति घोषित किए गए। वैसे ही उनकी जन्मभूमि (आगरा) जश्न में डूब गई।

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मंटोला में सबसे पहले आतिशबाजी शुरू हुई। लोग सड़कों पर मिठाईयां बांटने निकल पड़े। गले मिलकर एक-दूसरे को बधाई दी गई।

ममनून के परिजनों का कहना है कि भाई के राष्ट्रपति बन जाने पर उम्मीद जागी है कि अब दोनों देशों के बीच तल्खी में कमी आएगी। आगरा के बाशिंदों को इस जीत का बेसब्री से इंतजार था।
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सुबह से ही लोग टीवी चैनलों पर टकटकी लगाए हुए थे। जीत के लिए दुआएं मांगी जा रही थीं। शाम छह बजे जैसे ही जीत की खबर आई पूरा मंटोला जश्न में डूब गया।

कहीं पर आतिशबाजी, तो कहीं पर ढोल नगाड़े बजने शुरू हो गए। परिजनों ने नमाज अदा कर ऊपर वाले का शुक्रिया अदा किया।

नाई की मंडी की हथाई में पैदा हुए ममनून
1940 में नाई की मंडी की हथाई में ममनून का जन्म हुआ। सात वर्ष की उम्र में अपने दादा उस्ताद जफर के साथ वह पाकिस्तान चले गए थे। आगरा में उस्ताद जफर बड़े जूता कारोबारियों में शामिल थे, जिन्होंने पाकिस्तान जाने के बाद भी इस कारोबार को बढ़ाया।


जफर ने घटिया मामू भांजा छोड़ नाई की मंडी स्थित छोटी हथाई में कोठी नंबर 15/31 को खरीदा, जिसमें पाकिस्तान जाने से पहले तक रहे। आज उस हवेली के दो हिस्से हो चुके हैं, एक हिस्से में शुभम सोनेजा रहते हैं, जिनका बेकरी का कारोबार है। वहीं दूसरे हिस्से में ममनूर हुसैन के रिश्तेदार हाजी निजामुद्दीन का परिवार रहता है।

खानदान में जश्न
ममनून के चचेरे भाई उस्मान बताते हैं कि यह बहुत खुशी का मौका है कि हमारा भाई पाकिस्तान का राष्ट्रपति बन गया है। खानदान में जश्न का माहौल है।

भांजा सीमाब आलम ने कहा, हम अल्लाह से दुआ करते रहे कि उन्हें चुनाव में कामयाबी मिले। रमजान में खुदा ने इस जायज मांग को पूरा कर दिया।

दूसरे भांजे खलीक उज्जमा ने कहा कि दोनों मुल्कों के रिश्तों में शुरू से खटास रही है। लेकिन अब मामू के राष्ट्रपति बन जाने पर उम्मीद जागी है।

उनसे बात भी करेंगे, कि दोनों मुल्कों को एक डोर में बांधकर आपस में प्यार-मोहब्बत कायम की जाए। साथ ही वीजा प्रक्रिया से लेकर आपसी रिश्ते भी बेहतर किए जाएं।

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