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परिवार के साथ अनशन पर बैठी महिला
ब्यूरो, अमर उजाला मैनपुरी
Updated Thu, 05 Nov 2015 11:13 PM IST
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हत्या के मामले में दो पुत्रों को झूठा फंसाए जाने के विरोध में गुरुवार को एक महिला परिवार सहित कलक्ट्रेट स्थित तिकोनिया पार्क में अनशन पर बैठ गई। महिला का आरोप है कि पुलिस मामले में शिथिलता बरत रही है। जिसके चलते उसके दो पुत्र अकारण जेल में बंद हैं। महिला ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर निर्दोष पुत्रों को रिहा कराए जाने की मांग की है।
थाना बेवर क्षेत्र के मोहल्ला कुचलिया निवासी विनीता दीक्षित ने कहा कि उनके पति ओमेंद्र दीक्षित, पुत्र अन्नू और लालजी को बिजली विभाग के बाबू विजय प्रकाश की हत्या के मामले में झूठा फंसाकर जेल भेज दिया गया। जांच के बाद पुलिस ने पति को छोड़ दिया तथा पुत्रों को छोड़ने का आश्वासन दिया। 21 सितंबर को बेवर थाने के सामने क्रमिक अनशन करने पर दो अक्तूबर को एसपी ने 20 दिन में जांच कराकर उन्हें छोड़ देने का आश्वासन दिया।
विनीता ने कहा कि दो माह से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी निर्दोष पुत्रों को छोड़ा नहीं जा रहा है। गुरुवार को विनीता पति ओमेंद्र दीक्षित, पुत्री विनीता, अंजली और आकांक्षा के साथ अनशन पर बैठ गई। उनका कहना है कि जब तक पुलिस पुत्रों को रिहा नहीं करती तब तक वह अनशन पर बैठी रहेंगी।
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थाना बेवर क्षेत्र के मोहल्ला कुचलिया निवासी विनीता दीक्षित ने कहा कि उनके पति ओमेंद्र दीक्षित, पुत्र अन्नू और लालजी को बिजली विभाग के बाबू विजय प्रकाश की हत्या के मामले में झूठा फंसाकर जेल भेज दिया गया। जांच के बाद पुलिस ने पति को छोड़ दिया तथा पुत्रों को छोड़ने का आश्वासन दिया। 21 सितंबर को बेवर थाने के सामने क्रमिक अनशन करने पर दो अक्तूबर को एसपी ने 20 दिन में जांच कराकर उन्हें छोड़ देने का आश्वासन दिया।
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विनीता ने कहा कि दो माह से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी निर्दोष पुत्रों को छोड़ा नहीं जा रहा है। गुरुवार को विनीता पति ओमेंद्र दीक्षित, पुत्री विनीता, अंजली और आकांक्षा के साथ अनशन पर बैठ गई। उनका कहना है कि जब तक पुलिस पुत्रों को रिहा नहीं करती तब तक वह अनशन पर बैठी रहेंगी।
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