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विकास के नाम पर शून्य है लोहिया ग्राम उसनीधा
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी
Updated Wed, 06 Apr 2016 11:15 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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विकास खंड घिरोर का ग्राम उसनीधा विकास से कोसों दूर है। वर्ष 2014 में उसनीधा को लोहिया ग्राम घोषित किया था, मगर दो वर्ष बीतने के बाद भी गांव में कोई विकास कार्य नहीं हुआ।
ग्राम उसनीधा को वर्ष 2014 में लोहिया का दर्जा दिया गया था। इसके बाद ग्रामीणों को उम्मीद जागी की शायद अब गांव में कुछ विकास कार्य कराए जाएंगे। मगर दो वर्ष बीतने के बाद भी गांव विकास के नाम पर शून्य है। गांव में प्रवेश के रास्ते में एक जगह गड्ढे हैं। इनमें कीचड़ जमा है। आए दिन कोई न कोई इन गड्ढाें में गिरकर चोटिल भी होता है, मगर गांव की इस समस्या को दूर करने के लिए न तो ग्राम प्रधान न ही कोई जनप्रतिनिधि अभी तक आगे आया है। ग्रामीण मुनेंद्र ने बताया कि गांव की गलियां बदहाल हो चुकी हैं। कई बार अधिकारियों को पत्र भेजकर समस्या से अवगत कराया गया, मगर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रेमसिंह ने बताया कि बारिश होने पर गांव की खड़ंजा रहित गलियां दलदल में तब्दील हो जाती हैं। इसके चलते ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उसनीधा के ग्रामीणों ने डीएम से गांव में विकास कार्य कराए जाने की मांग की है। मांग करने वालों में रमेश तोमर, रामप्रसाद शाक्य, भूपेंद्र सिंह, मुकेश कुमार, अतुल कुमार, ओमचंद्र, सुभाष सिंह आदि शामिल हैं।
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ग्राम उसनीधा को वर्ष 2014 में लोहिया का दर्जा दिया गया था। इसके बाद ग्रामीणों को उम्मीद जागी की शायद अब गांव में कुछ विकास कार्य कराए जाएंगे। मगर दो वर्ष बीतने के बाद भी गांव विकास के नाम पर शून्य है। गांव में प्रवेश के रास्ते में एक जगह गड्ढे हैं। इनमें कीचड़ जमा है। आए दिन कोई न कोई इन गड्ढाें में गिरकर चोटिल भी होता है, मगर गांव की इस समस्या को दूर करने के लिए न तो ग्राम प्रधान न ही कोई जनप्रतिनिधि अभी तक आगे आया है। ग्रामीण मुनेंद्र ने बताया कि गांव की गलियां बदहाल हो चुकी हैं। कई बार अधिकारियों को पत्र भेजकर समस्या से अवगत कराया गया, मगर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रेमसिंह ने बताया कि बारिश होने पर गांव की खड़ंजा रहित गलियां दलदल में तब्दील हो जाती हैं। इसके चलते ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उसनीधा के ग्रामीणों ने डीएम से गांव में विकास कार्य कराए जाने की मांग की है। मांग करने वालों में रमेश तोमर, रामप्रसाद शाक्य, भूपेंद्र सिंह, मुकेश कुमार, अतुल कुमार, ओमचंद्र, सुभाष सिंह आदि शामिल हैं।
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