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UP: जननी सुरक्षा योजना में भ्रष्टाचार...चहेतों के खाते में भेजा पैसा, दो कर्मचारी बर्खास्त; विभाग में हड़कंप

Sat, 17 May 2025 08:58 PM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी Published by: अरुन पाराशर Updated Sat, 17 May 2025 08:58 PM IST
सार

जननी सुरक्षा योजना में भ्रष्टाचार उजागर होने के बाद कड़ी कार्रवाई की गई है। दो कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। इस कार्रवाई से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। 

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Two employees were dismissed from service for corruption in Janani Suraksha Yojana
Pregnant Women Demo - फोटो : freepik.com

विस्तार

मैनपुरी में स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण जननी सुरक्षा योजना में भ्रष्टाचार की जांच में सीएचसी सलूक नगर बरनाहल पर तैनात दो कर्मचारी विभागीय जांच में दोषी पाए गए हैं। जांच अधिकारियों की रिपोर्ट के बाद जिला स्वास्थ्य समिति ने दोनों के विरुद्ध बर्खास्तगी की कार्रवाई की है। कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप की स्थिति है।
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सरकार की ओर से सरकारी अस्पतालों में प्रसव कराने वाली प्रसूताओं को जननी सुरक्षा योजना के तहत ग्रामीण अंचल में 1400 रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई जाती है। वहीं, शहरी क्षेत्र में 1000 रुपये की धनराशि प्रदान की जाती है। सीएचसी बरनाहल पर एक ही महिला का एक साल में तीन-तीन बार प्रसव दिखाकर जननी सुरक्षा योजना का लाभ दिए जाने की शिकायत यहां तैनात एलटी (लैब टेक्नीशियन) विवेक पाल ने जनवरी 2025 में जिलाधिकारी और सीएमओ से की थी। शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी मामले की शिकायत की थी। इसमें तत्कालीन प्रभारी चिकित्साधिकारी की संलिप्तता बताते हुए जननी सुरक्षा योजना में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था।
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मामले की जांच जिलाधिकारी के निर्देश पर सीएमओ डॉ. आरसी गुप्ता ने एसीएमओ डॉ. विजेंद्र सिंह और डिप्टी सीएमओ डॉ. सुरेंद्र सिंह के साथ जिला प्रोग्राम मैनेजर संजीव वर्मा को सौंपी थी। जांच रिपोर्ट में सीएचसी पर तैनात ब्लाॅक कार्यक्रम प्रबंधक संदीप दुबे और ब्लॉक एकाउंट मैनेजर धर्मेंद्र शाक्य को दोषी पाया गया। जांच अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर शनिवार को जिला स्वास्थ्य समिति ने संदीप दुबे और धर्मेंद्र शाक्य को दोषी मानते हुए सेवा से बाहर कर दिया।

हटाए जा चुके हैं तत्कालीन चिकित्साधीक्षक
मामले में शिकायत के बाद यहां तैनात तत्कालीन चिकित्साधीक्षक डॉ. रविदीप को प्रारंभिक जांच में दोषी मानते हुए 20 फरवरी को यहां से हटा दिया गया है। उन्हें कुचेला सीएचसी क्षेत्र की पीएचसी ईकरी पर तैनाती दी गई है।

 
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शिकायतकर्ता को भी जारी हुआ नोटिस
मामले की शिकायत सीएचसी सलूक नगर पर ही तैनात एलटी (लैब टेक्नीशियन) विवेक पाल ने की थी। शिकायत कर्ता ने बताया था कि उसके खाते में भी गलत तरीके से जननी सुरक्षा योजना की धनराशि भेजी गई है। सीएमओ ने बताया कि जांच में पाया गया है कि शिकायतकर्ता ने मामले की जानकारी अपने खाते में धनराशि पहुंचने के छह महीने बाद की है। इससे साबित होता है कि कहीं न कहीं विवेक पाल भी पूरे मामले में शामिल है। विवेक को भी नोटिस जारी किया गया है।

सीएमओ  डॉ. आरसी गुप्ता ने बताया कि सरकारी योजनाओं में किसी प्रकार का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सीएचसी सलूक नगर बरनाहल के दो कर्मचारियों को जननी सुरक्षा योजना में भ्रष्टाचार के आरोप में सेवा से बाहर किया गया है।
 
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