{"_id":"570fd7244f1c1b62394a6b18","slug":"tumhaare-saath-jo-gujare-jamaane-yaad-aate-hain","type":"story","status":"publish","title_hn":"तुम्हारे साथ जो गुजरे जमाने याद आते हैं ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तुम्हारे साथ जो गुजरे जमाने याद आते हैं
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी
Updated Thu, 14 Apr 2016 11:28 PM IST
विज्ञापन
कवि सम्मेलन
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगर के शिववाटिका में चक्रवर्ती सम्राट अशोक और डा. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। शुभारंभ वरिष्ठ कोषाध्यक्ष बृजेश शाक्य ने भगवान बुद्ध के चित्र पर दीप प्रज्जवलित कर किया।
कवि सम्मेलन में डा. अशोक अनुरागी ने, मीठी मीठी बातें करके सबका मन बहलाता है जो हर लेता है शोक सभी का वह अशोक कहलाता है। देवेंद्र दीक्षित छिबरामउ ने, तुम्हारे साथ जो गुजरे जमाने याद आते हैं खुशी के रंग बहारों के नजारे याद आते हैं बरसते थे कभी मुझ पर तुम्हारे प्यार के बादल मुझे अब तक वो बारिश के जमाने याद आते हैं। शायदा कुरैशी ने, सुबह लिख दूंगी शाम लिख दूंगी तुझे अल्लाहराम लिख दूंगी, देख ले प्यार की नजर से मुझे जिंदगी तेरे नाम लिख दूंगी। अरुफा चौहान ने, अपने वादों से जब तू मुकर जाएगा प्यार का ये सफर भी ठहर जाएगा राह में छोड़कर तू कहीं जा मगर मैं उधर जाऊंगी तू जिधर जाएगा। संचालन कवि सतीश मधुप ने किया। इस मौके पर डा. मनोज दीक्षित, आलोक शाक्य, अखिलेश शाक्य, टीआर शाक्य, नृपेंद्र शर्मा, सूरज बौद्ध, राजीव यादव आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
कवि सम्मेलन में डा. अशोक अनुरागी ने, मीठी मीठी बातें करके सबका मन बहलाता है जो हर लेता है शोक सभी का वह अशोक कहलाता है। देवेंद्र दीक्षित छिबरामउ ने, तुम्हारे साथ जो गुजरे जमाने याद आते हैं खुशी के रंग बहारों के नजारे याद आते हैं बरसते थे कभी मुझ पर तुम्हारे प्यार के बादल मुझे अब तक वो बारिश के जमाने याद आते हैं। शायदा कुरैशी ने, सुबह लिख दूंगी शाम लिख दूंगी तुझे अल्लाहराम लिख दूंगी, देख ले प्यार की नजर से मुझे जिंदगी तेरे नाम लिख दूंगी। अरुफा चौहान ने, अपने वादों से जब तू मुकर जाएगा प्यार का ये सफर भी ठहर जाएगा राह में छोड़कर तू कहीं जा मगर मैं उधर जाऊंगी तू जिधर जाएगा। संचालन कवि सतीश मधुप ने किया। इस मौके पर डा. मनोज दीक्षित, आलोक शाक्य, अखिलेश शाक्य, टीआर शाक्य, नृपेंद्र शर्मा, सूरज बौद्ध, राजीव यादव आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन