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शीतलहर से ठिठुरी जिंदगी
Thu, 09 Nov 2023 07:05 PM IST
Anonymous User
ब्यूरो, अमर उजाला मैनपुरी
ब्यूरो, अमर उजाला मैनपुरी
Published by: Anonymous User
Updated Thu, 09 Nov 2023 07:05 PM IST
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मैनपुरी। सर्दी के तेवर दिनों दिन तीखे होते जा रहे हैं। रविवार को तो हद ही हो गई। दोपहर 12 बजे तक कोहरा और उसके बाद बदलीयुक्त मौसम ने लोगों को कंपा दिया। घने कोहरे के कारण शनिवार की पूरी रात और रविवार को सुबह 10 बजे तक यातायात व्यवस्था प्रभावित रही। सड़कों पर वाहन रेंगते हुए नजर आए। ट्रेन और बसें निर्धारित समय से काफी देरी से पहुंची। दोपहर तक रहे कोहरे के चलते जनजीवन प्रभावित रहा। न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 10.8 डिग्री सेल्सियस रहा।
रविवार को कोहरे का असर जिले भर में साफ दिखाई दिया। शनिवार की रात नौ बजे से ही कोहरा छा गया था। रविवार सुबह लोग जब सोकर उठे तो चारों ओर कोहरे की घनी परत नजर आई। हालात यह थे कि दस मीटर दूरी का भी कुछ नजर नहीं आ रहा था। घने कोहरे के चलते वाहनों को लाइट जलाकर चलाना पड़ रहा था। आगरा-मैनपुरी मार्ग, मैनपुरी-कुरावली मार्ग, मैनपुरी-कानपुर और मैनपुरी-इटावा मार्ग पर सुबह के समय वाहन रेंग-रेंगकर चल रहे थे। घने कोहरे के कारण दिल्ली की ओर से आने वाली रोडवेज बसें तो निर्धारित समय से चार से पांच घंटे देरी से आईं। यही हाल कानपुर, लखनऊ, आगरा की ओर से आने वाली बसों का भी रहा। कालिंदी एक्सप्रेस चार घंटे देरी से पहुंची। वहीं सुबह आने वाली दोनों पैसेंजर ट्रेनें भी दो घंटे देरी से आईं। बस स्टैंड पर दिल्ली से आए रामवीर भदौरिया ने बताया कि रोडवेज बस चालकों को तेजी से वाहन चलाने का ज्यादा ही शौक होता है लेकिन घने कोहरे के कारण चालक चाहकर भी बस को तेज नहीं चला सके।
कोहरे और सर्दी ने छीनी बाजारों की रौनक
कोहरे का असर बाजारों में भी दिखा। सुबह 10 बजे बाजार भले ही खुल गए लेकिन ग्राहकों के अभाव में दुकानदार अलाव तापकर सर्दी से निजात पाते देखे गए। बाजारों और प्रमुख मार्गों पर दोपहर तक सन्नाटा रहा। दोपहर बाद कोहरा कम होने पर बाजारों में कुछ चहल-पहल नजर आई। दुकानदारों का कहना था कि कोहरे के कारण रविवार को बाजार हल्का रहा। ग्राहकों के नहीं आने से उन्हें हाथ पर हाथ रखकर बैठना पड़ा।
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गेहूं के लिए कोहरा खाद के समान
कृषि विज्ञानियों की मानें तो गेहूं, जौ आदि की फसलों के लिए कोहरा लाभदायक रहेगा। लेकिन आलू और सरसों की फसल को कोहरे से नुकसान हो सकता है। कृषि वैज्ञानिक डाक्टर जगदीश मिश्र ने कहा कि फसलों के लिए इस समय कोहरा काफी फायदेमंद रहेगा। गेहूं की फसल के लिए तो कोहरा खाद के समान है। लेकिन लगातार कई दिनों तक कोहरा पड़ने से आलू और सरसों को जरूर खतरा हो सकता है। आलू में झुलसा और सरसों में माहूं कीट लग सकता है।
दुर्घटनाओं से बचने को अपनाएं
- बस को तेजी से चलाने के लिए चालक पर दबाव न डालें
- कोहरे के समय वाहन को धीमी गति से ही चलाएं
- रात में लूटपाट से बचने के लिए बड़े वाहनों के साथ चलें
- किसी वाहन की अनदेखी करके ओवरटेक नहीं करें
- वाहनों की लाइटों पर पीली लाइट का प्रयोग करें
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रविवार को कोहरे का असर जिले भर में साफ दिखाई दिया। शनिवार की रात नौ बजे से ही कोहरा छा गया था। रविवार सुबह लोग जब सोकर उठे तो चारों ओर कोहरे की घनी परत नजर आई। हालात यह थे कि दस मीटर दूरी का भी कुछ नजर नहीं आ रहा था। घने कोहरे के चलते वाहनों को लाइट जलाकर चलाना पड़ रहा था। आगरा-मैनपुरी मार्ग, मैनपुरी-कुरावली मार्ग, मैनपुरी-कानपुर और मैनपुरी-इटावा मार्ग पर सुबह के समय वाहन रेंग-रेंगकर चल रहे थे। घने कोहरे के कारण दिल्ली की ओर से आने वाली रोडवेज बसें तो निर्धारित समय से चार से पांच घंटे देरी से आईं। यही हाल कानपुर, लखनऊ, आगरा की ओर से आने वाली बसों का भी रहा। कालिंदी एक्सप्रेस चार घंटे देरी से पहुंची। वहीं सुबह आने वाली दोनों पैसेंजर ट्रेनें भी दो घंटे देरी से आईं। बस स्टैंड पर दिल्ली से आए रामवीर भदौरिया ने बताया कि रोडवेज बस चालकों को तेजी से वाहन चलाने का ज्यादा ही शौक होता है लेकिन घने कोहरे के कारण चालक चाहकर भी बस को तेज नहीं चला सके।
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कोहरे और सर्दी ने छीनी बाजारों की रौनक
कोहरे का असर बाजारों में भी दिखा। सुबह 10 बजे बाजार भले ही खुल गए लेकिन ग्राहकों के अभाव में दुकानदार अलाव तापकर सर्दी से निजात पाते देखे गए। बाजारों और प्रमुख मार्गों पर दोपहर तक सन्नाटा रहा। दोपहर बाद कोहरा कम होने पर बाजारों में कुछ चहल-पहल नजर आई। दुकानदारों का कहना था कि कोहरे के कारण रविवार को बाजार हल्का रहा। ग्राहकों के नहीं आने से उन्हें हाथ पर हाथ रखकर बैठना पड़ा।
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गेहूं के लिए कोहरा खाद के समान
कृषि विज्ञानियों की मानें तो गेहूं, जौ आदि की फसलों के लिए कोहरा लाभदायक रहेगा। लेकिन आलू और सरसों की फसल को कोहरे से नुकसान हो सकता है। कृषि वैज्ञानिक डाक्टर जगदीश मिश्र ने कहा कि फसलों के लिए इस समय कोहरा काफी फायदेमंद रहेगा। गेहूं की फसल के लिए तो कोहरा खाद के समान है। लेकिन लगातार कई दिनों तक कोहरा पड़ने से आलू और सरसों को जरूर खतरा हो सकता है। आलू में झुलसा और सरसों में माहूं कीट लग सकता है।
दुर्घटनाओं से बचने को अपनाएं
- बस को तेजी से चलाने के लिए चालक पर दबाव न डालें
- कोहरे के समय वाहन को धीमी गति से ही चलाएं
- रात में लूटपाट से बचने के लिए बड़े वाहनों के साथ चलें
- किसी वाहन की अनदेखी करके ओवरटेक नहीं करें
- वाहनों की लाइटों पर पीली लाइट का प्रयोग करें