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स्लाइड तो है पर जांचने वाला नहीं
Thu, 09 Nov 2023 07:05 PM IST
Anonymous User
ब्यूरो, अमर उजाला मैनपुरी
ब्यूरो, अमर उजाला मैनपुरी
Published by: Anonymous User
Updated Thu, 09 Nov 2023 07:05 PM IST
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स्वाइन फ्लू के बादल अब मैनपुरी पर भी छा गए हैं। जिले में इसकी दस्तक ने स्वास्थ्य विभाग की बेचैनी बढ़ा दी है तो वहीं आम जनमानस में हड़कंप है। लोग स्वाइन फ्लू के घातक परिणामों से घबराए लोग इलाज के लिए आगरा दौड़ रहे है। संसाधन न होने से चिकित्सक भी लाचार है और रोकथाम को रखी दवाइयां भी बेकार। जिला अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड और कुछ दवाएं भेजी गईं लेकिन जब जांच की व्यवस्था ही नहीं तो रोगियों की पहचान और इलाज कैसे हो सकेगा।
सोमवार को जिले में तीन रोगियों में स्वाइन फ्लू के लक्षण पाए गए हैं। इनको इलाज के लिए आगरा के एसएन मेडिकल कालेज रेफर किया गया। सोमवार को शहर के नगलामऊ निवासी नौ माह के सूर्यांश में चिकित्सकों को स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखे। गली नंबर पांच राजा का बाग की निवासी 42 वर्षीया गीता यादव भी इससे पीड़ित होकर आगरा के एसएन पहुंची। इससे पूर्व रविवार को किशनी क्षेत्र के हरराजपुर निवासी राजू चौहान के आठ माह के पुत्र शुभ चौहान को जुकाम और उल्टी से पीड़ित होने पर गंभीर हालत में रविवार को परिवारीजन आगरा एसएन मेडिकल कालेज ले गए। इन सभी को वहां आइसोलेशन वार्ड में रखकर इलाज किया जा रहा है।
स्वाइन फ्लू से पीड़ित आने वाले रोगियों के इलाज के लिए जिला अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। रोगियों के लिए सिर्फ 40 टेमी फ्लू कैप्सूल अस्पताल में उपलब्ध कराए गए हैं। अब सवाल यह उठता है कि अधूरी व्यवस्थाओं से स्वास्थ्य विभाग स्वाइन फ्लू से जंग कैसे लड़ेगा।
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एक युवक की हो चुकी है मौत
थाना दन्नाहार क्षेत्र के ग्राम नगला स्वामी निवासी सोनू दिल्ली में एक कंपनी में इंजीनियर थे। वहां वह स्वाइन फ्लू की चपेट में आ गए। उनकी दिल्ली में इलाज के दौरान इसी माह मौत हो गई थी।
हाई अलर्ट है जारी
स्वाइन फ्लू को लेकर जिले मेें हाई अलर्ट जारी है। स्टेट सर्विलांस स्वास्थ्य भवन लखनऊसे गाइडलाइन जारी की गई है। इसमें मामूली बुखार के साथ खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, डायरिया उल्टी की शिकायत वाले रोगियों को भी लक्षणों के आधार पर 24 से 48 घंटे में मॉनीटरिंग के बाद पुन: जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं।
अपर निदेशक को उन्होंने पत्र लिखा है। इसमें कहा है कि जिले में पैथोलॉजिस्ट नहीं हैं। ऐसी स्थिति में उन्हें संभावित रोगियों के ब्लड सैंपल कलेक्शन की किट उपलब्ध कराई जाए। जिससे रोगियों के प्रारंभिक लक्षणों की जांच कर सैंपल आगरा भेजा जा सके। यदि किट उपलब्ध न हों तो आगरा आदि जनपदों के सीएमओ की तरह उन्हें किट खरीदने की अनुमति और जानकारी दी जाए। शीघ्र ही जिले में जांच की सुविधा उपलब्ध होगी। डा. वीके गुप्ता, सीएमओ
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सोमवार को जिले में तीन रोगियों में स्वाइन फ्लू के लक्षण पाए गए हैं। इनको इलाज के लिए आगरा के एसएन मेडिकल कालेज रेफर किया गया। सोमवार को शहर के नगलामऊ निवासी नौ माह के सूर्यांश में चिकित्सकों को स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखे। गली नंबर पांच राजा का बाग की निवासी 42 वर्षीया गीता यादव भी इससे पीड़ित होकर आगरा के एसएन पहुंची। इससे पूर्व रविवार को किशनी क्षेत्र के हरराजपुर निवासी राजू चौहान के आठ माह के पुत्र शुभ चौहान को जुकाम और उल्टी से पीड़ित होने पर गंभीर हालत में रविवार को परिवारीजन आगरा एसएन मेडिकल कालेज ले गए। इन सभी को वहां आइसोलेशन वार्ड में रखकर इलाज किया जा रहा है।
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स्वाइन फ्लू से पीड़ित आने वाले रोगियों के इलाज के लिए जिला अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। रोगियों के लिए सिर्फ 40 टेमी फ्लू कैप्सूल अस्पताल में उपलब्ध कराए गए हैं। अब सवाल यह उठता है कि अधूरी व्यवस्थाओं से स्वास्थ्य विभाग स्वाइन फ्लू से जंग कैसे लड़ेगा।
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एक युवक की हो चुकी है मौत
थाना दन्नाहार क्षेत्र के ग्राम नगला स्वामी निवासी सोनू दिल्ली में एक कंपनी में इंजीनियर थे। वहां वह स्वाइन फ्लू की चपेट में आ गए। उनकी दिल्ली में इलाज के दौरान इसी माह मौत हो गई थी।
हाई अलर्ट है जारी
स्वाइन फ्लू को लेकर जिले मेें हाई अलर्ट जारी है। स्टेट सर्विलांस स्वास्थ्य भवन लखनऊसे गाइडलाइन जारी की गई है। इसमें मामूली बुखार के साथ खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, डायरिया उल्टी की शिकायत वाले रोगियों को भी लक्षणों के आधार पर 24 से 48 घंटे में मॉनीटरिंग के बाद पुन: जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं।
अपर निदेशक को उन्होंने पत्र लिखा है। इसमें कहा है कि जिले में पैथोलॉजिस्ट नहीं हैं। ऐसी स्थिति में उन्हें संभावित रोगियों के ब्लड सैंपल कलेक्शन की किट उपलब्ध कराई जाए। जिससे रोगियों के प्रारंभिक लक्षणों की जांच कर सैंपल आगरा भेजा जा सके। यदि किट उपलब्ध न हों तो आगरा आदि जनपदों के सीएमओ की तरह उन्हें किट खरीदने की अनुमति और जानकारी दी जाए। शीघ्र ही जिले में जांच की सुविधा उपलब्ध होगी। डा. वीके गुप्ता, सीएमओ