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मकान की छत ढही, बालक की मौत
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी
Updated Tue, 20 Sep 2016 11:53 PM IST
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छत ढही
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सोमवार रात गांव परसादपुर में एक मकान की छत ढह गई। लेंटर के नीचे दबने से बालक की मौके पर ही मौत हो गई। घायल युवती को गंभीर हालत में चिकित्सकों ने सैफई रेफर कर दिया। सूचना पर पहुंची थाना पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। हादसे के बाद गांव में सन्नाटा पसर गया है।
कोतवाली क्षेत्र के गांव परसादपुर निवासी राजवीर का 11 वर्षीय पुत्र अंशुल गांव ललूपुर स्थित एक विद्यालय में कक्षा पांच का छात्र था। सोमवार को परिवार के सभी सदस्य ननिहाल गए थे। वह अपनी बुआ पुष्पा के साथ घर के बाहर बरामद में सो रहा था। रात करीब 11 बजे तेज आवाज के साथ अचानक मकान की दो मंजिला छत गिर गई। छत का एक हिस्सा चारपाई पर आकर गिरा। जिसमें पुष्पा और अंशुल दब गए। तेज आवाज सुनकर ग्रामीणों की भीड़ एकत्रित हो गई। गांव वालों ने ट्रैक्टर की मदद से मलबे में दबे बुआ-भतीजे को करीब एक घंटा की कड़ी मशक्कत के बाद निकाला। अंशुल की मौत हो चुकी थी और पुष्पा गंभीर रूप से घायल हो गई थी। हादसे की जानकारी मिलने के बाद कोबरा मोबाइल भी मौके पर पहुंच गई।
बाबा रामनाथ का कहना था कि मकान बहुत पुराना बना हुआ है। बारिश के बाद सभी लोग घर के बाहर और दूसरे मकान में सोते थे। गांव में इस हादसे के बाद सन्नाटा पसर गया है। वहीं उक्त घटना के बाद विद्यालय में अवकाश कर दिया गया। वहीं दोपहर करीब 2:30 बजे पोस्टमार्टम के बाद परिवारीजन शव को लेकर गांव चले गए। वहां नदी के समीप ही अंशुल के शव को दफनाया गया।
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कोतवाली क्षेत्र के गांव परसादपुर निवासी राजवीर का 11 वर्षीय पुत्र अंशुल गांव ललूपुर स्थित एक विद्यालय में कक्षा पांच का छात्र था। सोमवार को परिवार के सभी सदस्य ननिहाल गए थे। वह अपनी बुआ पुष्पा के साथ घर के बाहर बरामद में सो रहा था। रात करीब 11 बजे तेज आवाज के साथ अचानक मकान की दो मंजिला छत गिर गई। छत का एक हिस्सा चारपाई पर आकर गिरा। जिसमें पुष्पा और अंशुल दब गए। तेज आवाज सुनकर ग्रामीणों की भीड़ एकत्रित हो गई। गांव वालों ने ट्रैक्टर की मदद से मलबे में दबे बुआ-भतीजे को करीब एक घंटा की कड़ी मशक्कत के बाद निकाला। अंशुल की मौत हो चुकी थी और पुष्पा गंभीर रूप से घायल हो गई थी। हादसे की जानकारी मिलने के बाद कोबरा मोबाइल भी मौके पर पहुंच गई।
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बाबा रामनाथ का कहना था कि मकान बहुत पुराना बना हुआ है। बारिश के बाद सभी लोग घर के बाहर और दूसरे मकान में सोते थे। गांव में इस हादसे के बाद सन्नाटा पसर गया है। वहीं उक्त घटना के बाद विद्यालय में अवकाश कर दिया गया। वहीं दोपहर करीब 2:30 बजे पोस्टमार्टम के बाद परिवारीजन शव को लेकर गांव चले गए। वहां नदी के समीप ही अंशुल के शव को दफनाया गया।
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