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निर्माण कार्य में गुणवत्ता मिली खराब
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी
Updated Wed, 06 Jul 2016 11:15 PM IST
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निरीक्षण
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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डीएम लोकश एम ने 340.26 लाख की लागत से निर्माणाधीन नवीन तहसील घिरोर का निरीक्षण किया। कार्यदायी संस्था पैकफेड के सहायक अभियंता नरेंद्र कुमार को निर्देश दिए कि कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। निर्माण में टाइल्स, खिड़की, दरवाजे, कोटा स्टोन की क्वालिटी, गुणवत्ता अच्छी हो।
डीएम ने निरीक्षण में पाया कि भूतल तल पर दीवारों में प्लास्टर किया जा रहा है उसकी गुणवत्ता काफी खराब है। प्लास्टर में बालू, सीमेंट का रेशियो मानक के अनुसार प्रयोग नहीं है। प्लास्टर की गई दीवार में लाल सिल्ट अलग चमक रही है। ऊपरी भाग में पीली ईंटों का प्रयोग किया गया है। डीएम ने कहा कि निर्माण कार्य पूर्ण गुणवत्ता, मानक के अनुसार समय से पूर्ण किया जाए।
डीएम ने निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों के बच्चों को खेलते देखकर पूछा कि इन बच्चों का टीकाकरण किया गया है कि नहीं, विद्यालय में पंजीकरण हैं, बच्चे विद्यालय जाते हैं या नहीं। इसका कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। डीएम ने छह वर्ष तक के बच्चों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश एसडीएम और तहसीलदार को दिए। इस मौके पर एसडीएम घिरोर महेश प्रकाश, अनिल सक्सेना, अनुज कुमार आदि मौजूद थे।
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डीएम ने निरीक्षण में पाया कि भूतल तल पर दीवारों में प्लास्टर किया जा रहा है उसकी गुणवत्ता काफी खराब है। प्लास्टर में बालू, सीमेंट का रेशियो मानक के अनुसार प्रयोग नहीं है। प्लास्टर की गई दीवार में लाल सिल्ट अलग चमक रही है। ऊपरी भाग में पीली ईंटों का प्रयोग किया गया है। डीएम ने कहा कि निर्माण कार्य पूर्ण गुणवत्ता, मानक के अनुसार समय से पूर्ण किया जाए।
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डीएम ने निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों के बच्चों को खेलते देखकर पूछा कि इन बच्चों का टीकाकरण किया गया है कि नहीं, विद्यालय में पंजीकरण हैं, बच्चे विद्यालय जाते हैं या नहीं। इसका कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। डीएम ने छह वर्ष तक के बच्चों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश एसडीएम और तहसीलदार को दिए। इस मौके पर एसडीएम घिरोर महेश प्रकाश, अनिल सक्सेना, अनुज कुमार आदि मौजूद थे।
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