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कर्ज में डूबे किसान ने दी जान
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
Updated Thu, 03 Nov 2016 11:31 PM IST
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कर्ज में डूबे किसान ने दी जान
- फोटो : अमर उजाला
लाखों के कर्ज में डूबे एक किसान ने बुधवार रात कमरे में फांसी का फंदा लगाकर जान दे दी। मृतक की इस बार धान की फसल भी बर्बाद हो गई थी। इससे भी वह आहत था। सुबह जानकारी होने पर परिवार में कोहराम मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
थाना क्षेत्र के गांव एमनपुर का रहने वाला नरेश शाक्य (40) खेती कर पत्नी, दो पुत्र और पुत्री का भरण पोषण करता था। करीब दो वर्ष पूर्व उसने पुत्री रीतू की शादी के लिए साहूकार से मोटे ब्याज पर करीब डेढ़ लाख की रकम ले ली। फसल होने पर अदायगी करने की बात कही, मगर इस बार धान की फसल पूरी तरह से चौपट हो गई, जिसके चलते परिवार के सामने आर्थिक समस्या खड़ी हो गई। किसान ने एसबीआई बैंक की शाखा से भी करीब डेढ़ लाख रुपये का लोन लिया था। इससे वह परेशान रहने लगा।
परिवारीजनों ने बताया कि बुधवार को वह खाना खाने के बाद कमरे में सोने चले गए। सुबह जागने पर जब घरवालों ने कमरे में देखा तो शव पंखे के कुंदे पर लटका हुआ मिला। यह देख घर में कोहराम मच गया। ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। सूचना पर पहुंची थाना पुलिस ने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
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साहूकारों के ताने नहीं सह पाया किसान
करहल (ब्यूरो)। किसान नरेश साहूकारों के आए दिन के तानों से परेशान हो चुका था। मृतक के छोटे बेटे अभिषेक ने बताया कि रोजाना साहूकार दरवाजे पर आकर तेज आवाज में रुपये और ब्याज लौटाने की बात कहते थे। एकाध बार तो साहूकारों ने दरवाजे पर ही पिता की बेइज्जती भी की थी। ब्याज की रकम डेढ़ लाख थी मगर उसका ब्याज तेजी के साथ बढ़ रहा था। इसके कारण वह परेशान थे। कई कर्जदार तो कर्ज न लौटाने पर खेत नाम करने की बात भी कह रहे थे।
एसडीएम ने गांव पहुंचकर ली जानकारी
करहल (ब्यूरो)। किसान के आत्महत्या करने की जानकारी पर एसडीएम करहल और तहसीलदार ने गांव पहुंचकर जानकारी ली। पूछताछ में पता चला कि मृतक किसान ने माह जुलाई में किसान क्रेेडिट कार्ड पर ऋण लिया था। वहीं साहूकारों से भी पैसा लिया था। एसडीएम को यह भी बताया गया कि बुधवार को मृतक का परिवार के लोगों से विवाद भी हुआ था।
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थाना क्षेत्र के गांव एमनपुर का रहने वाला नरेश शाक्य (40) खेती कर पत्नी, दो पुत्र और पुत्री का भरण पोषण करता था। करीब दो वर्ष पूर्व उसने पुत्री रीतू की शादी के लिए साहूकार से मोटे ब्याज पर करीब डेढ़ लाख की रकम ले ली। फसल होने पर अदायगी करने की बात कही, मगर इस बार धान की फसल पूरी तरह से चौपट हो गई, जिसके चलते परिवार के सामने आर्थिक समस्या खड़ी हो गई। किसान ने एसबीआई बैंक की शाखा से भी करीब डेढ़ लाख रुपये का लोन लिया था। इससे वह परेशान रहने लगा।
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परिवारीजनों ने बताया कि बुधवार को वह खाना खाने के बाद कमरे में सोने चले गए। सुबह जागने पर जब घरवालों ने कमरे में देखा तो शव पंखे के कुंदे पर लटका हुआ मिला। यह देख घर में कोहराम मच गया। ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। सूचना पर पहुंची थाना पुलिस ने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
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साहूकारों के ताने नहीं सह पाया किसान
करहल (ब्यूरो)। किसान नरेश साहूकारों के आए दिन के तानों से परेशान हो चुका था। मृतक के छोटे बेटे अभिषेक ने बताया कि रोजाना साहूकार दरवाजे पर आकर तेज आवाज में रुपये और ब्याज लौटाने की बात कहते थे। एकाध बार तो साहूकारों ने दरवाजे पर ही पिता की बेइज्जती भी की थी। ब्याज की रकम डेढ़ लाख थी मगर उसका ब्याज तेजी के साथ बढ़ रहा था। इसके कारण वह परेशान थे। कई कर्जदार तो कर्ज न लौटाने पर खेत नाम करने की बात भी कह रहे थे।
एसडीएम ने गांव पहुंचकर ली जानकारी
करहल (ब्यूरो)। किसान के आत्महत्या करने की जानकारी पर एसडीएम करहल और तहसीलदार ने गांव पहुंचकर जानकारी ली। पूछताछ में पता चला कि मृतक किसान ने माह जुलाई में किसान क्रेेडिट कार्ड पर ऋण लिया था। वहीं साहूकारों से भी पैसा लिया था। एसडीएम को यह भी बताया गया कि बुधवार को मृतक का परिवार के लोगों से विवाद भी हुआ था।