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डेंगू से दो और वायरल फीवर से तीन की मौत
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी
Updated Thu, 13 Oct 2016 11:42 PM IST
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अस्पताल में लगी लाइन
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जिले में डेंगू और बुखार का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। 24 घंटे में पांच की जानें जा चुकी हैं। दो महिलाओं की डेंगू से और तीन की वायरल फीवर से मौत हो चुकी है। वहीं आधा दर्जन से अधिक का आगरा में इलाज चल रहा है।
ग्राम नगला खरा निवासी अमृता देवी (60) पत्नी बच्चन लाल और यहीं की निवासी रामबेटी (41) पत्नी मुलायम सिंह को पिछले दिनों से तेज बुखार आ रहा था। इनका उपचार प्राइवेट डाक्टर के यहां चल रहा था। हालत में सुधार न होने के चलते परिवारीजन दोनों को सैफई अस्पताल ले गए। यहां चिकित्सकों ने दोनों को डेंगू से पीड़ित बताते हुए उपचार देना शुरू कर दिया। गुरुवार की सुबह दोनों की उपचार के दौरान मौत हो गई। परिवारीजन देर शाम शव को गांव में ले आए।
वहीं भोगांव के मोहल्ला चौधरी निवासी सबीना (10) पुत्री गुड्डू खान को अचानक तेज बुखार आया। परिवारीजन उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। यहां वायरल फीवर से पीड़ित बताया। हालत में सुधार न देख बुधवार की देर रात जिला अस्पताल लाए। यहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। थाना भोगांव के ग्राम भगवनपुर निवासी रूबी (18) पुत्री रामदास को भी तेज बुखार आने पर परिवारीजन प्राइवेट चिकित्सक के यहां ले गए। यहां सुधार न होने के चलते परिवारीजन देर जिला अस्पताल लाए। यहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं आश्रम रोड निवासी पूजा भदौरिया (23) को भी तेज बुखार आया। परिवारीजन प्राइवेट चिकित्सक के यहां ले गए। यहां डाक्टर ने डेंगू से पीड़ित बताया है।
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थाना कोतवाली क्षेत्र के ग्राम बैजनाथपुर निवासी प्रेमादेवी (80) पत्नी सिलेटी सिंह को मंगलवार को अचानक तेज बुखार आ गया। परिवारीजनों ने प्राइवेट चिकित्सक के यहां भर्ती करा दिया। यहां आराम न मिलने के चलते बुधवार की दोपहर वह प्रेमादेवी को जिला अस्पताल में लेकर आए। यहां डाक्टरों ने वायरल फीवर बताते हुए उपचार देना शुरू कर दिया। यहां गुरुवार को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
वहीं गुरुवार को जिला अस्पताल में सुबह से ही रोगियों की भीड़ पहुंचनी शुरू हो गई। सुबह नौ बजे से ही औषधि वितरण काउंटर पर रोगियों की लंबी-लंबी लाइनें लग गई। जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. जेजे राम का कहना है कि मौसम में हुए बदलाव के चलते वायरल फीवर से पीड़ितों की संख्या बढ़ी है।
उधर, वायरल फीवर, मलेरिया, चिकनगुनिया से पीड़ित रोगियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अलर्ट जारी किया है। अवकाश के दिनों में अस्पताल खोलने के निर्देश डीजी ने दिए हैं। गुरुवार से इमरजेंसी में अतिरिक्त स्वास्थ्य कर्मियों को तैनात किया है। इसमें डाक्टर, फार्मासिस्ट, नर्स आदि 24 घंटे इमरजेंसी में तैनात रहेंगे।
इससे पूर्व डाक्टर सहित चार लोगों का स्टाफ इमरजेंसी में हर शिफ्ट में कार्य करता है। प्रभारी अधिकारी फार्मेसी ऋषि प्रकाश यादव ने बताया कि इमरजेंसी में रोगियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्टाफ बढ़ाया गया है।
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ग्राम नगला खरा निवासी अमृता देवी (60) पत्नी बच्चन लाल और यहीं की निवासी रामबेटी (41) पत्नी मुलायम सिंह को पिछले दिनों से तेज बुखार आ रहा था। इनका उपचार प्राइवेट डाक्टर के यहां चल रहा था। हालत में सुधार न होने के चलते परिवारीजन दोनों को सैफई अस्पताल ले गए। यहां चिकित्सकों ने दोनों को डेंगू से पीड़ित बताते हुए उपचार देना शुरू कर दिया। गुरुवार की सुबह दोनों की उपचार के दौरान मौत हो गई। परिवारीजन देर शाम शव को गांव में ले आए।
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वहीं भोगांव के मोहल्ला चौधरी निवासी सबीना (10) पुत्री गुड्डू खान को अचानक तेज बुखार आया। परिवारीजन उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। यहां वायरल फीवर से पीड़ित बताया। हालत में सुधार न देख बुधवार की देर रात जिला अस्पताल लाए। यहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। थाना भोगांव के ग्राम भगवनपुर निवासी रूबी (18) पुत्री रामदास को भी तेज बुखार आने पर परिवारीजन प्राइवेट चिकित्सक के यहां ले गए। यहां सुधार न होने के चलते परिवारीजन देर जिला अस्पताल लाए। यहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं आश्रम रोड निवासी पूजा भदौरिया (23) को भी तेज बुखार आया। परिवारीजन प्राइवेट चिकित्सक के यहां ले गए। यहां डाक्टर ने डेंगू से पीड़ित बताया है।
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थाना कोतवाली क्षेत्र के ग्राम बैजनाथपुर निवासी प्रेमादेवी (80) पत्नी सिलेटी सिंह को मंगलवार को अचानक तेज बुखार आ गया। परिवारीजनों ने प्राइवेट चिकित्सक के यहां भर्ती करा दिया। यहां आराम न मिलने के चलते बुधवार की दोपहर वह प्रेमादेवी को जिला अस्पताल में लेकर आए। यहां डाक्टरों ने वायरल फीवर बताते हुए उपचार देना शुरू कर दिया। यहां गुरुवार को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
वहीं गुरुवार को जिला अस्पताल में सुबह से ही रोगियों की भीड़ पहुंचनी शुरू हो गई। सुबह नौ बजे से ही औषधि वितरण काउंटर पर रोगियों की लंबी-लंबी लाइनें लग गई। जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. जेजे राम का कहना है कि मौसम में हुए बदलाव के चलते वायरल फीवर से पीड़ितों की संख्या बढ़ी है।
उधर, वायरल फीवर, मलेरिया, चिकनगुनिया से पीड़ित रोगियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अलर्ट जारी किया है। अवकाश के दिनों में अस्पताल खोलने के निर्देश डीजी ने दिए हैं। गुरुवार से इमरजेंसी में अतिरिक्त स्वास्थ्य कर्मियों को तैनात किया है। इसमें डाक्टर, फार्मासिस्ट, नर्स आदि 24 घंटे इमरजेंसी में तैनात रहेंगे।
इससे पूर्व डाक्टर सहित चार लोगों का स्टाफ इमरजेंसी में हर शिफ्ट में कार्य करता है। प्रभारी अधिकारी फार्मेसी ऋषि प्रकाश यादव ने बताया कि इमरजेंसी में रोगियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्टाफ बढ़ाया गया है।