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कुछ सुधार हुआ काफी है बाकी
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
Updated Sat, 25 Mar 2017 11:28 PM IST
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कुछ सुधार हुआ काफी है बाकी
- फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश में सत्ता संभाले योगी आदित्य नाथ को पूरा एक सप्ताह हो गया है। हालांकि पहले दिन से मुख्यमंत्री के तेवर काफी तीखे हैं। इसका असर भी सरकारी कामकाज पर दिखने लगा है लेकिन यदि बात सुधार की हो तो अभी काफी काम होना बाकी है। वर्तमान में कुछ सुधार तो दिख रहा है। देखना यह है कि सुधार का यह क्रम कब तक और कहां तक जारी रहता है।
बूचड़खानों को कराया बंद
मुख्यमंत्री के आदेश के बाद जिले के प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस एक दम हरकत में आ गई। पहले दिन तो कुछ खास नहीं हुआ लेकिन अगले दिन जिले भर में पुलिस, एसडीएम और नगर पालिका व पंचायत के ईओ ने संयुक्त रूप से अभियान चलाया। इसका असर यह हुआ कि जिले में अवैध रूप से जगह-जगह हो रहा पशु कटान बंद हो गया। हालांकि कुछ एक जगह पर चोरी छिपे जरूर कटान हो रहा है। इसके लिए जिले में डीएम की अध्यक्षता में एक 12 सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। यह अवैध बूचड़खानों और उनकी अवैध बिक्री पर लगाए गए प्रतिबंध पर नजर रखेगी।
एंटी रोमियो अभियान, हुई खानापूर्ति
सत्ता संभालने के बाद मुुख्यमंत्री ने प्रदेश भर में एंटी रोमियो अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। शुरू के दो दिन तो जरूर इसका असर दिखा और पुलिस की विभिन्न टीमें कोचिंग सेंटर, स्कूल और कालेजों के पास घूमती दिखीं। इस दौरान भी कोई विशेष कार्रवाई नहीं हुई। मौके पर पकड़े गए युवकों को हिदायत देकर छोड़ दिया गया। उसके बाद न तो कोई दल स्कूल कालेजों के पास दिखा और न ही पार्कों में ही कोई चेकिंग हुई। सब कुछ ठप हो गया।
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अभी तक नहीं चला अतिक्रमण हटाओ अभियान
मैनपुरी में भाजपा के सत्त संभालने के बाद सभी जिलों में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। एक हफ्ता गुजर चुका है जिले में एक दिन अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाया गया है। इसके बाद न तो पालिका के अधिकारियों रुचि दिखी और न ही जिला प्रशासन के अधिकारियों में।
थानों और पुलिस कार्यालयों में गंदगी का अंबार
मैनपुरी के विभिन्न थानों के अलावा पुलिस कार्यालयों और आसपास गंदगी का अंबार लगा हुआ है। आलम यह है कि एसपी कार्यालय परिसर तक में गंदगी के ढेर लगे हैं। सिर्फ एक दिन जिले के कुछ थानों में सफाई अभियान चलाया गया था। उस दिन जिले में कमिश्नर आए थे। एक हफ्ते में उससे पहले और बाद में कहीं भी सफाई अभियान नहीं चलाया गया। इस संबंध में एसपी सुनील कुमार सक्सेना का कहना है कि सभी थानों में सफाई करने के निर्देश दिए गए हैं। यह और बात है कि खुद उनके कार्यालय में ही सफाई नहीं हो रही है।
शिक्षकों ने नहीं किया ड्रेस कोड का पालन
जिले के परिषदीय स्कूलों में अभी तक शिक्षक ड्रेस कोड का पालन नहीं किया है। जिले में महिला शिक्षक तो साड़ी और सूट पहनकर आ रही हैं। लेकिन पुरुष शिक्षक अभी भी जींस आदि में आ रहे हैं। इस संबंध में बीएसए रामकरन यादव का कहना है कि सभी स्कूलों में इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए गए हैं। जल्द ही निरीक्षण किया जाएगा। यदि कोई शिक्षक जींस पहने पकड़ा गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अवैध खनन पर नहीं लगी रोक
मैनपुरी में बहुत बड़े पैमाने पर खनन नहीं होता लेकिन यहां पर काली नदी और ईशन नदी की तलहटी के अलावा खेतों से मिट्टी का अवैध खनन होता है। इस पर भी अभी तक कोई रोक नहीं लगी है। जिले में न ही इसको रोकने के लिए कोई कार्रवाई ही की गई है।
एंटी चीयर्स अभियान की निकली हवा
मैनपुरी अवैध शराब और शराबियों के लिए बदनाम है। शहर में मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद भी अभी तक एक भी बार अभियान नहीं चलाया गया है। इसका परिणाम यह है कि अभी भी दुकानों और चौराहों पर खुलेआम लोग शराब पीते मिल जाते हैं।
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बूचड़खानों को कराया बंद
मुख्यमंत्री के आदेश के बाद जिले के प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस एक दम हरकत में आ गई। पहले दिन तो कुछ खास नहीं हुआ लेकिन अगले दिन जिले भर में पुलिस, एसडीएम और नगर पालिका व पंचायत के ईओ ने संयुक्त रूप से अभियान चलाया। इसका असर यह हुआ कि जिले में अवैध रूप से जगह-जगह हो रहा पशु कटान बंद हो गया। हालांकि कुछ एक जगह पर चोरी छिपे जरूर कटान हो रहा है। इसके लिए जिले में डीएम की अध्यक्षता में एक 12 सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। यह अवैध बूचड़खानों और उनकी अवैध बिक्री पर लगाए गए प्रतिबंध पर नजर रखेगी।
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एंटी रोमियो अभियान, हुई खानापूर्ति
सत्ता संभालने के बाद मुुख्यमंत्री ने प्रदेश भर में एंटी रोमियो अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। शुरू के दो दिन तो जरूर इसका असर दिखा और पुलिस की विभिन्न टीमें कोचिंग सेंटर, स्कूल और कालेजों के पास घूमती दिखीं। इस दौरान भी कोई विशेष कार्रवाई नहीं हुई। मौके पर पकड़े गए युवकों को हिदायत देकर छोड़ दिया गया। उसके बाद न तो कोई दल स्कूल कालेजों के पास दिखा और न ही पार्कों में ही कोई चेकिंग हुई। सब कुछ ठप हो गया।
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अभी तक नहीं चला अतिक्रमण हटाओ अभियान
मैनपुरी में भाजपा के सत्त संभालने के बाद सभी जिलों में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। एक हफ्ता गुजर चुका है जिले में एक दिन अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाया गया है। इसके बाद न तो पालिका के अधिकारियों रुचि दिखी और न ही जिला प्रशासन के अधिकारियों में।
थानों और पुलिस कार्यालयों में गंदगी का अंबार
मैनपुरी के विभिन्न थानों के अलावा पुलिस कार्यालयों और आसपास गंदगी का अंबार लगा हुआ है। आलम यह है कि एसपी कार्यालय परिसर तक में गंदगी के ढेर लगे हैं। सिर्फ एक दिन जिले के कुछ थानों में सफाई अभियान चलाया गया था। उस दिन जिले में कमिश्नर आए थे। एक हफ्ते में उससे पहले और बाद में कहीं भी सफाई अभियान नहीं चलाया गया। इस संबंध में एसपी सुनील कुमार सक्सेना का कहना है कि सभी थानों में सफाई करने के निर्देश दिए गए हैं। यह और बात है कि खुद उनके कार्यालय में ही सफाई नहीं हो रही है।
शिक्षकों ने नहीं किया ड्रेस कोड का पालन
जिले के परिषदीय स्कूलों में अभी तक शिक्षक ड्रेस कोड का पालन नहीं किया है। जिले में महिला शिक्षक तो साड़ी और सूट पहनकर आ रही हैं। लेकिन पुरुष शिक्षक अभी भी जींस आदि में आ रहे हैं। इस संबंध में बीएसए रामकरन यादव का कहना है कि सभी स्कूलों में इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए गए हैं। जल्द ही निरीक्षण किया जाएगा। यदि कोई शिक्षक जींस पहने पकड़ा गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अवैध खनन पर नहीं लगी रोक
मैनपुरी में बहुत बड़े पैमाने पर खनन नहीं होता लेकिन यहां पर काली नदी और ईशन नदी की तलहटी के अलावा खेतों से मिट्टी का अवैध खनन होता है। इस पर भी अभी तक कोई रोक नहीं लगी है। जिले में न ही इसको रोकने के लिए कोई कार्रवाई ही की गई है।
एंटी चीयर्स अभियान की निकली हवा
मैनपुरी अवैध शराब और शराबियों के लिए बदनाम है। शहर में मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद भी अभी तक एक भी बार अभियान नहीं चलाया गया है। इसका परिणाम यह है कि अभी भी दुकानों और चौराहों पर खुलेआम लोग शराब पीते मिल जाते हैं।