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शीतलहर ने ढाया सितम, लोगों की छूटी कंपकंपी
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
Updated Tue, 03 Jan 2017 11:50 PM IST
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शीतलहर ने ढाया सितम, लोगों की छूटी कंपकंपी
- फोटो : अमर उजाला
सर्दी का सितम दिनों-दिन बढ़ता जा रहा है। एक ओर जहां शीतलहर कहर बरपा रही है, वहीं कोहरे की मार वाहनों की रफ्तार रोक रही है। मंगलवार को कोहरे के चलते गलन भरी सर्दी का एहसास हुआ। ठंड से बचने को लोग रूम हीटर या फिर अलाव के सहारे बैठे नजर आ रहे हैं।
नए वर्ष के साथ शुरू हुई सर्दी लगातार अपना असर दिखाती जा रही है। मंगलवार की सुबह घने कोहरे से ढकी सड़कों पर आवागमन प्रभावित रहा। स्थिति यह रही कि दस कदम की दूरी तक का रास्ता भी साफ नजर नहीं आया। सुरक्षित सफर के लिए वाहन चालकों को गाड़ियों की लाइट जलाकर चलना पड़ा। दोपहर बाद आसमान से कोहरा छंटते ही कुछ देर के लिए लगभग दो बजे सूर्य देव के दर्शन होने पर लोगों ने राहत भरी सांस ली, मगर शीतलहर से कंपकंपी छुड़ाती रही। मंगलवार को न्यूनतम तापमान 10 डिग्री और अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहा।
सर्दी का असर ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे ज्यादा दिखाई दे रहा है। यहां सिर्फ अलाव ही बचाव का एकमात्र सहारा बने हैं। सबसे ज्यादा समस्या मवेशियों को बांधने की है। सोमवार को स्कूलों में अवकाश घोषित न होने से मंगलवार को सर्दी में स्कूल पहुंचे बच्चों को वापस लौटना पड़ा।
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ऐसे करें कोहरे में बचाव
- कोहरे में वाहन चलाते समय गति सीमा नियंत्रित रखें। सड़क पर बनी सफेद पट्टियों को देखते हुए ही गाड़ी चलाएं।
- कोहरे में फॉग लाइटों का इस्तेमाल करें। यदि फॉग लाइटें न मिलें, तो हेडलाइट पर पीले रंग की पॉलीथिन चिपकाएं, क्योंकि पीली रोशनी कोहरे में दूर से दिखाई देती हैं।
- प्रत्येक वाहन में आगे और पीछे रेडियम की पट्टियां अथवा रिफ्लेक्टर्स लगवाएं, ताकि रोशनी पड़ते ही वे दूर से चमककर चालक को आगाह करें।
- सड़कों पर जगह-जगह रेडियम के संकेतक लगवाए जाएं, ताकि चालक को सड़क की सही स्थिति का अभास हो सके।
- स्पीड ब्रेकर्स पर कैट आई लगवाई जाएं।
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नए वर्ष के साथ शुरू हुई सर्दी लगातार अपना असर दिखाती जा रही है। मंगलवार की सुबह घने कोहरे से ढकी सड़कों पर आवागमन प्रभावित रहा। स्थिति यह रही कि दस कदम की दूरी तक का रास्ता भी साफ नजर नहीं आया। सुरक्षित सफर के लिए वाहन चालकों को गाड़ियों की लाइट जलाकर चलना पड़ा। दोपहर बाद आसमान से कोहरा छंटते ही कुछ देर के लिए लगभग दो बजे सूर्य देव के दर्शन होने पर लोगों ने राहत भरी सांस ली, मगर शीतलहर से कंपकंपी छुड़ाती रही। मंगलवार को न्यूनतम तापमान 10 डिग्री और अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहा।
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सर्दी का असर ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे ज्यादा दिखाई दे रहा है। यहां सिर्फ अलाव ही बचाव का एकमात्र सहारा बने हैं। सबसे ज्यादा समस्या मवेशियों को बांधने की है। सोमवार को स्कूलों में अवकाश घोषित न होने से मंगलवार को सर्दी में स्कूल पहुंचे बच्चों को वापस लौटना पड़ा।
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ऐसे करें कोहरे में बचाव
- कोहरे में वाहन चलाते समय गति सीमा नियंत्रित रखें। सड़क पर बनी सफेद पट्टियों को देखते हुए ही गाड़ी चलाएं।
- कोहरे में फॉग लाइटों का इस्तेमाल करें। यदि फॉग लाइटें न मिलें, तो हेडलाइट पर पीले रंग की पॉलीथिन चिपकाएं, क्योंकि पीली रोशनी कोहरे में दूर से दिखाई देती हैं।
- प्रत्येक वाहन में आगे और पीछे रेडियम की पट्टियां अथवा रिफ्लेक्टर्स लगवाएं, ताकि रोशनी पड़ते ही वे दूर से चमककर चालक को आगाह करें।
- सड़कों पर जगह-जगह रेडियम के संकेतक लगवाए जाएं, ताकि चालक को सड़क की सही स्थिति का अभास हो सके।
- स्पीड ब्रेकर्स पर कैट आई लगवाई जाएं।