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सिर्फ बजट नहीं, योजनाओं पर ध्यान देना भी जरूरी

Sun, 29 Jan 2017 11:24 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी Updated Sun, 29 Jan 2017 11:24 PM IST
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sirph bajat nahin, yojanaon par dhyaan dena bhee jarooree
फोकस ग्रुप - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को इलाज की दरकार है। विभाग के पास अत्याधुनिक भवन और उपकरण तो हैं लेकिन उनको संचालित करने के लिए चिकित्सकों का टोटा है। देहात में तो कई सीएचसी पर चिकित्सक ही नहीं हैं। अत्याधुनिक महिला विंग में भी चिकित्सक न होने से वहां सन्नाटा पसरा रहता है। अमर उजाला के फोकस ग्रुप की बैठक में चिकित्सकों ने इन समस्याओं पर विचार किया।
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डाक्टर नीतू यादव ने कहा कि जिले में चिकित्सकों की कमी है। पूरा जिला महिला अस्पताल आयुष चिकित्सकों के सहारे चल रहा है। चिकित्सकों पर आए दिन हमले हो रहे हैं इन सभी को दुरुस्त करने वाला जनप्रतिनिधि होना चाहिए।
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डा. एके जौहरी ने कहा कि जिले का ऐसा प्रतिनिधि होना चाहिए जो चिकित्सकों की कमी को पूरो करने के लिए विधानसभा तक अपनी बात कह सके। साथ ही ऐसे प्रतिनिधि को चुनना चाहिए जो विकास कराए और उसके पास विकास कराने का मुद्दा भी हो।
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डा. रश्मि ने कहा कि जिले में एक भी महिला सर्जन नहीं हैं। इसके चलते गर्भवती को सैफई या आगरा जाना पड़ता है। या फिर मजबूरी में निजी अस्पताल में सीजेरियन कराना पड़ता है। जनप्रतिनिधि ऐसा हो जो इन सभी चीजों पर ध्यान दे सके।
डा. प्रतीक जौहरी ने कहा कि डाक्टरों को भी सुरक्षा चाहिए। बहुत से ऐसे तीमारदार आते हैं जो नेताओं से पहुंच होने के चलते दबाव बनाते हैं। ऐसा विधायक हो जो जिला अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती करा सके।  
डा. चंद्रमोहन सक्सेना का कहना है कि ऐसा विधायक हो जो डाक्टरों को ड्यूटी करने के लिए सख्ती बरते। ज्यादातर डाक्टर कार्यभार ही नहीं लेते हैं। जिले में तैनाती होने के बाद भी दूसरे शहरों में प्रेक्टिस करते हैं। ऐसे डाक्टरों का लाइसेंस निरस्त कर देना चाहिए। साथ ही इमरजेंसी में रात में जाओ तो डाक्टर ही उपलब्ध नहीं होते हैं। महिला अस्पताल में सघन चिकित्सा केंद्र तो ख्ुाला है लेकिन डाक्टर नहीं। जनप्रतिनिधि स्वास्थ्य सेवाओं पर बेहतर ध्यान देने वाला हो।
डा. राकेश गुप्ता ने कहा कि सरकार को स्वास्थ्य सेवाएं लोगों को पहुंचाने के लिए हर मोहल्ले में एक क्लीनिक खुलवाना चाहिए। ऐसा विधायक चाहते हैं जो इस बात को विधानसभा में कह सके। साथ ही बेरोजगारों को रोजगार दिलाने वाला हो। जिन गांव में बिजली नहीं है वहां बिजली पहुंचाए।

डा. चाहत ने कहा कि चिकित्सकों को सेफ्टी भी मिलनी चाहिए। आए दिन मरीज उनसे अभद्रता करते हैं। साथ ही अस्पतालों में जो सुविधा डाक्टरों को चाहिए वो उपलब्ध करा सके। यदि डाक्टर समस्याओं को बताते हैं तो तत्काल उन एक्शन लिया जाए और उनका निराकरण किया जाए। 
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