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अजन्मे के जन्म पर बरसा दिव्य आनंद
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी
Updated Thu, 25 Aug 2016 11:23 PM IST
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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व शहर में श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। मंदिरों एवं घर-घर में भगवान श्रीकृष्ण की जीवन लीला को प्रदर्शित करने वाली झांकियां सजाई गईं। जैसे ही अर्द्धरात्रि को सूई 12 पर पहुंची मंदिरों में घंटे-घड़ियाल बजते ही नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की, की आवाज गूंजने लगी। श्रद्धालुओं ने लड्डू गोपाल के जन्म के बाद पूजा-अर्चना की और भोग लगाकर व्रत खोला।
जन्माष्टमी पर मंदिरों के अलावा घरों में भी श्रद्धालुओं ने झांकियां सजाईं। रात नौ बजे के लगभग सभी झांकियां दर्शनों के लिए खोल दी गईं। शहर के द्वारिकाधीश मंदिर में छप्पन भोग लगाए गए। बाल कृष्ण और राधा की झांकी सभी का ध्यान आकर्षित कर रही थी।
श्री भीमसेन मंदिर, संतोषी माता मंदिर, पवनसुत मंदिर, देवी रोड स्थित रसिक बिहारी मंदिर, कटरा स्थित बाराह मंदिर, रेलवे स्टेशन स्थित राधा-कृष्ण मंदिर, सौतियाना स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर, एकरसानंद आश्रम, दुर्गा मंदिर, बाबा रघुवीरदास मंदिर आदि में आकर्षक झांकियां सजाई गईं। मंदिरों में राधा-कृष्ण की लीलाओं का प्रदर्शित करने वाली झांकी देखने के लिए देर रात्रि तक लोगों का तांता लगा रहा। रात्रि 12 बजते ही मंदिरों एवं घरों में भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना कर आरती उतारी तथा प्रसाद ग्रहण किया। जन्माष्टमी पर नगर पालिका द्वारा विशेष सफाई व्यवस्था की गई थी।
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40 रुपये तक में मिला खीरा
ऐसी मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण ने खीरे में भी जन्म लिया था। इसी मान्यता के चलते श्रद्धालुओं ने जमकर खीरे की खरीदारी की। खीरे की बेहद मांग के कारण विक्रेताओं ने मनमानी कीमत वसूल की। जहां सुबह से दोपहर तक खीरा 30 रुपये प्रति किलो तथा बड़ा 40 रुपये में बिक रहा था। वहीं दोपहर बाद इनकी कीमत क्रमश: 35 और 40 रुपये तक जा पहुंची।
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जन्माष्टमी पर मंदिरों के अलावा घरों में भी श्रद्धालुओं ने झांकियां सजाईं। रात नौ बजे के लगभग सभी झांकियां दर्शनों के लिए खोल दी गईं। शहर के द्वारिकाधीश मंदिर में छप्पन भोग लगाए गए। बाल कृष्ण और राधा की झांकी सभी का ध्यान आकर्षित कर रही थी।
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श्री भीमसेन मंदिर, संतोषी माता मंदिर, पवनसुत मंदिर, देवी रोड स्थित रसिक बिहारी मंदिर, कटरा स्थित बाराह मंदिर, रेलवे स्टेशन स्थित राधा-कृष्ण मंदिर, सौतियाना स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर, एकरसानंद आश्रम, दुर्गा मंदिर, बाबा रघुवीरदास मंदिर आदि में आकर्षक झांकियां सजाई गईं। मंदिरों में राधा-कृष्ण की लीलाओं का प्रदर्शित करने वाली झांकी देखने के लिए देर रात्रि तक लोगों का तांता लगा रहा। रात्रि 12 बजते ही मंदिरों एवं घरों में भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना कर आरती उतारी तथा प्रसाद ग्रहण किया। जन्माष्टमी पर नगर पालिका द्वारा विशेष सफाई व्यवस्था की गई थी।
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40 रुपये तक में मिला खीरा
ऐसी मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण ने खीरे में भी जन्म लिया था। इसी मान्यता के चलते श्रद्धालुओं ने जमकर खीरे की खरीदारी की। खीरे की बेहद मांग के कारण विक्रेताओं ने मनमानी कीमत वसूल की। जहां सुबह से दोपहर तक खीरा 30 रुपये प्रति किलो तथा बड़ा 40 रुपये में बिक रहा था। वहीं दोपहर बाद इनकी कीमत क्रमश: 35 और 40 रुपये तक जा पहुंची।