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एसडीएम का तीन नर्सिंग होम पर छापा, मिली खामियां
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी
Updated Mon, 25 Apr 2016 11:23 PM IST
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छापा
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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एसडीएम सदर ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत जिले के तीन नर्सिंग होम का छापा मारा। एक नर्सिंग होम पर अल्ट्रासाउंड मशीन के लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं हुआ था। साथ ही उक्त कमरे में मानक के अनुसार महिला शौचालय नहीं बना था। वहीं एक भी नर्सिंग होम पर पीसीपीएनडीटी एक्ट का बोर्ड लगा नहीं मिला। इस पर उन्होंने सुधार के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया।
एसडीएम सदर गजेंद्र कुमार सबसे पहले शहर के उत्तम नर्सिंग होम पर पहुंचे। यहां उन्हें अल्ट्रासाउंड मशीन का लाइसेंस रिनूवल नहीं मिला। जबकि हर वर्ष सीएमओ ऑफिस में इसका नवीनीकरण होना चाहिए। वहीं अल्ट्रासाउंड मशीन वाले कमरे में ही महिला शौचालय होना चाहिए। वह नहीं था साथ ही पीसीपीएनडीटी एक्ट का बोर्ड लगा नहीं मिला। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए 24 घंटे में कमियां दूरे करने के निर्देश दिए। इसके बाद वो रागिनी नर्सिंग होम पहुंचे। यहां भी पीसीपीएनडीटी एक्ट का बोर्ड नहीं मिला। साथ ही कुरावली के लाइफ लाइन नर्सिंग होम पर भी यही स्थिति मिली।
इस पर सभी अस्पताल संचालकों को पीसीपीएनडीटी एक्ट का बोर्ड लगवाने के निर्देश दिए। साथ ही कहा बोर्ड ऐसे स्थान पर लगवाएं जो दूर से भी साफ दिखाई दें। ताकि कोई भी लिंग परीक्षण कराने से पहले सजा के बारे में जान जाए। एसडीएम के साथ डिप्टी सीएमओ डा. धीरेंद्र कुमार, वरिष्ठ लिपिक आलोक, टेक्नीशियन अजीत यादव आदि मौजूद रहे।
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एसडीएम सदर गजेंद्र कुमार सबसे पहले शहर के उत्तम नर्सिंग होम पर पहुंचे। यहां उन्हें अल्ट्रासाउंड मशीन का लाइसेंस रिनूवल नहीं मिला। जबकि हर वर्ष सीएमओ ऑफिस में इसका नवीनीकरण होना चाहिए। वहीं अल्ट्रासाउंड मशीन वाले कमरे में ही महिला शौचालय होना चाहिए। वह नहीं था साथ ही पीसीपीएनडीटी एक्ट का बोर्ड लगा नहीं मिला। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए 24 घंटे में कमियां दूरे करने के निर्देश दिए। इसके बाद वो रागिनी नर्सिंग होम पहुंचे। यहां भी पीसीपीएनडीटी एक्ट का बोर्ड नहीं मिला। साथ ही कुरावली के लाइफ लाइन नर्सिंग होम पर भी यही स्थिति मिली।
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इस पर सभी अस्पताल संचालकों को पीसीपीएनडीटी एक्ट का बोर्ड लगवाने के निर्देश दिए। साथ ही कहा बोर्ड ऐसे स्थान पर लगवाएं जो दूर से भी साफ दिखाई दें। ताकि कोई भी लिंग परीक्षण कराने से पहले सजा के बारे में जान जाए। एसडीएम के साथ डिप्टी सीएमओ डा. धीरेंद्र कुमार, वरिष्ठ लिपिक आलोक, टेक्नीशियन अजीत यादव आदि मौजूद रहे।
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