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भागे बंदियों की पश्चिमी यूपी में तलाश
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
Updated Thu, 16 Mar 2017 11:46 PM IST
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मोनू ठाकुर को मिर्जापुर जेल शिफ्ट किया
- फोटो : अमर उजाला
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जिला जेल से भागे बंदियों की तलाश में जिले के तीन सीओ, स्वाट टीम और पुलिस की कई टीमों को लगाया गया है। इसके अलावा सहारनपुर, शामली, मेरठ जिले के एसएसपी से भी जिले के अधिकारियों ने संपर्क किया है। इसके अलावा जालौन और उत्तराखंड की पुलिस की भी मदद ली जा रही है। पुलिस छह से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
माना जा रहा है कि भागे हुए बंदी अपने शहर के साथियों या फिर परिवार से संपर्क करेंगे। इसके लिए वहां की पुलिस की मदद से उक्त बंदियों के रिश्तेदारों और वहां के मिलने वाले सभी लोगों के नंबर सर्विलांस पर लगा दिए गए हैं। उन पर निगाह भी रखी जा रही है। ताकि उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके।
इसके अलावा विभिन्न पुलिस टीमों ने जिलेभर से लगभग छह लोगों को पूछताछ के लिए उठाया है। यह वह लोग हैं जो जेल में बंद रहने के दौरान उक्त बंदियों के करीब रहे थे या फिर जो उनसे जेल में मुलाकात करने गए थे। इनसे लगातार पूछताछ की जा रही है। हालांकि उन्होेंने क्या बताया इस संबंध में कोई भी कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं है। वहीं एसपी सुनील कुमार सक्सेना का कहना है कि भागे हुए बंदियों की तलाश में विभिन्न टीमें अन्य जिलों में छापेमारी के लिए भेजी गई हैं। वहीं सर्विलांस सेल की भी मदद ली जा रही है। शीघ्र ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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राजेंद्र और मुंसाद रहते एक-दूसरे के साथ
जिला जेल से चार बंदियों को भागने के बाद से अधिकारी लगातार अन्य बंदियों और अधिकारियों को बयान ले रहे हैं। इसके बाद भी अभी तक कोई विशेष सुराग नहीं लगा है। सूत्रों की मानें तो अधिकांश बंदियोें का सिर्फ यही कहना है कि राजेंद्र और मुंसाद एक दूसरे के साथ ही अधिकांश समय बिताते थे। वह किसी और बंदी से ज्यादा मुलाकात नहीं करते थे। वहीं जेल के अधिकारियों द्वारा बताई गई कहानी भी जांच के लिए पहुंचे अधिकारियों के गले नहीं उतर रही है।
पुलिस संदिग्धों से कर रही पूछताछ
जिला कारागार से चार बंदी भागने के मामले में पुलिस कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। वहीं मुलाकात करने आने वाले लोग व कुछ समय पूर्व ही रिहा हुए लोगों भी पूछताछ कर जानकारी जुटा रही है। गुरुवार को स्वाट और कोतवाली पुलिस ने करीब चार लोगों से अलग-अलग पूछताछ की है। वहीं पुलिस पूर्व में नगर के प्रतिष्ठित व्यापारी के पुत्र के अपहरण के मामले में आरोपी से भी पूछताछ कर रही है। दूसरी ओर खुफिया विभाग भी जांच में जुटा हुआ है। गुरुवार को भागे बंदियों की गिरफ्तारी के लिए भेजी गई कुछ टीमें खाली हाथ वापस लौटी हैं। अधिकारियों का कहना है कि जल्द गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी हैं।
जेलकर्मियों के भी मोबाइल सर्विलांस पर
मैनपुरी। जेल से चार अपराधियों के भागने में जेल कर्मियों पर भी शक की सुई दौड़ रही है। घटना के संबंध में अधिकारी और कर्मचारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। शासन द्वारा कड़ा रुख अपनाने के बाद जेल अधिकारियों और कर्मचारियों के मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाए गए हैं। भागे अपराधियों को पकड़ना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। जेल अधिकारी और कर्मचारी मोबाइल में फीड नंबरों के अलावा नए नंबर ही नहीं उठा रहे हैं।
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माना जा रहा है कि भागे हुए बंदी अपने शहर के साथियों या फिर परिवार से संपर्क करेंगे। इसके लिए वहां की पुलिस की मदद से उक्त बंदियों के रिश्तेदारों और वहां के मिलने वाले सभी लोगों के नंबर सर्विलांस पर लगा दिए गए हैं। उन पर निगाह भी रखी जा रही है। ताकि उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके।
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इसके अलावा विभिन्न पुलिस टीमों ने जिलेभर से लगभग छह लोगों को पूछताछ के लिए उठाया है। यह वह लोग हैं जो जेल में बंद रहने के दौरान उक्त बंदियों के करीब रहे थे या फिर जो उनसे जेल में मुलाकात करने गए थे। इनसे लगातार पूछताछ की जा रही है। हालांकि उन्होेंने क्या बताया इस संबंध में कोई भी कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं है। वहीं एसपी सुनील कुमार सक्सेना का कहना है कि भागे हुए बंदियों की तलाश में विभिन्न टीमें अन्य जिलों में छापेमारी के लिए भेजी गई हैं। वहीं सर्विलांस सेल की भी मदद ली जा रही है। शीघ्र ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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राजेंद्र और मुंसाद रहते एक-दूसरे के साथ
जिला जेल से चार बंदियों को भागने के बाद से अधिकारी लगातार अन्य बंदियों और अधिकारियों को बयान ले रहे हैं। इसके बाद भी अभी तक कोई विशेष सुराग नहीं लगा है। सूत्रों की मानें तो अधिकांश बंदियोें का सिर्फ यही कहना है कि राजेंद्र और मुंसाद एक दूसरे के साथ ही अधिकांश समय बिताते थे। वह किसी और बंदी से ज्यादा मुलाकात नहीं करते थे। वहीं जेल के अधिकारियों द्वारा बताई गई कहानी भी जांच के लिए पहुंचे अधिकारियों के गले नहीं उतर रही है।
पुलिस संदिग्धों से कर रही पूछताछ
जिला कारागार से चार बंदी भागने के मामले में पुलिस कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। वहीं मुलाकात करने आने वाले लोग व कुछ समय पूर्व ही रिहा हुए लोगों भी पूछताछ कर जानकारी जुटा रही है। गुरुवार को स्वाट और कोतवाली पुलिस ने करीब चार लोगों से अलग-अलग पूछताछ की है। वहीं पुलिस पूर्व में नगर के प्रतिष्ठित व्यापारी के पुत्र के अपहरण के मामले में आरोपी से भी पूछताछ कर रही है। दूसरी ओर खुफिया विभाग भी जांच में जुटा हुआ है। गुरुवार को भागे बंदियों की गिरफ्तारी के लिए भेजी गई कुछ टीमें खाली हाथ वापस लौटी हैं। अधिकारियों का कहना है कि जल्द गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी हैं।
जेलकर्मियों के भी मोबाइल सर्विलांस पर
मैनपुरी। जेल से चार अपराधियों के भागने में जेल कर्मियों पर भी शक की सुई दौड़ रही है। घटना के संबंध में अधिकारी और कर्मचारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। शासन द्वारा कड़ा रुख अपनाने के बाद जेल अधिकारियों और कर्मचारियों के मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाए गए हैं। भागे अपराधियों को पकड़ना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। जेल अधिकारी और कर्मचारी मोबाइल में फीड नंबरों के अलावा नए नंबर ही नहीं उठा रहे हैं।