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मन के अंदर सद्गुण भरने का करो प्रयास
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी
Updated Sun, 26 Jun 2016 11:15 PM IST
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प्रवचन
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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कचहरी रोड स्थित कबीर आश्रम में प्रवचन का आयोजन हुआ। इसमें महंत अमर साहेब ने कहा कि जीवन में हम निष्पक्ष दृष्टि से देखें तो दुख और सुख, लाभ-हानि, अनुकूलता-प्रतिकूलता ये सब क्रमश: आते जाते रहते हैं।
महंत ने कहा कि जीवन में दुख, हानि और कठिनाई ही अधिक मालूम पड़ती है। इसका कारण हैं कि हम सुख के दिन में सब कुछ भूल जाते हैं और दुख आने पर सब याद करते हैं। इसलिए दुख का समय लंबा लगता है। उन्होंने कहा कि यदि मन में विकारिता की मात्रा अधिक होगी तो छोटी मोटी बुराई खत्म हो जाएगी। इसलिए हमारा मन गुण ग्राही बन जाए। गुण ग्राही मन बुराइयों को त्यागता रहेगा ओर गुणों को अर्जित करता रहेगा।
उन्होंने कहा कि यदि हम अंत:करण रूपी गोलक में नित्य सद्विचार सद्गुण गृहण करते रहें तो अंत:करण मानवीय सद्गुणों का भंडार हो जाएगा। इससे हम बुराइयों को सोच ही नहीं पाएंगे। इस मौके पर अनेक भक्त मौजूद थे।
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महंत ने कहा कि जीवन में दुख, हानि और कठिनाई ही अधिक मालूम पड़ती है। इसका कारण हैं कि हम सुख के दिन में सब कुछ भूल जाते हैं और दुख आने पर सब याद करते हैं। इसलिए दुख का समय लंबा लगता है। उन्होंने कहा कि यदि मन में विकारिता की मात्रा अधिक होगी तो छोटी मोटी बुराई खत्म हो जाएगी। इसलिए हमारा मन गुण ग्राही बन जाए। गुण ग्राही मन बुराइयों को त्यागता रहेगा ओर गुणों को अर्जित करता रहेगा।
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उन्होंने कहा कि यदि हम अंत:करण रूपी गोलक में नित्य सद्विचार सद्गुण गृहण करते रहें तो अंत:करण मानवीय सद्गुणों का भंडार हो जाएगा। इससे हम बुराइयों को सोच ही नहीं पाएंगे। इस मौके पर अनेक भक्त मौजूद थे।
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